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शिवसेना का इतिहास सिर्फ चुनावी जीत और सत्ता की कहानी नहीं है, बल्कि बगावतों और टूट की कहानी भी है। 1991 में छगन भुजबल की बगावत से लेकर नारायण राणे के विद्रोह, राज ठाकरे के अलग होने और 2022 में एकनाथ शिंदे की ऐतिहासिक बगावत तक, हर टूट ने महाराष्ट्र की राजनीति को नई दिशा दी। अब एक बार फिर शिवसेना UBT में टूट की चर्चा है। इस एक्सप्लेनर में जानिए शिवसेना कब-कब टूटी और हर बगावत के पीछे की पूरी कहानी।

Shiv Sena's political journey is not just a story of power and elections, but also of repeated rebellions and internal battles. From Chhagan Bhujbal's exit in 1991 to Narayan Rane's revolt, Raj Thackeray's departure and Eknath Shinde's historic split in 2022, every rebellion reshaped Maharashtra politics. With fresh speculation around another possible split in Shiv Sena UBT, here's a detailed explainer on the party's history of breakaways and power struggles.

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00:00शिर सेना, महराष्ट्र की राजनिती की वो पार्टी जिसने सत्ता भी देखी, संगर्ष भी देखा, लेकिन सबसे ज्यादा देखा बगावत
00:08का दर्थ।
00:09वाला साहब ठाकरे ने जिस संगधन को खड़ा किया, उसे सबसे बड़े जटके बाहर वालों ने नहीं, अपनों ने दिये।
00:16भुजबल से राने, राज ठाकरे से शिंदे तक हर बगावत ने पार्टी का एक हिस्सा अपने साथ ले लिया।
00:24अब एक बार फिर तूटकी आहट है, तो सवाल है, अकर शिफ सेना बार बार क्यों तोटती है।
00:31नमस्कार, मैं हुँ विशाखा शर्मा और आप देख रहे हैं One India Hindi।
01:03बाला साहब ठाकरे ने मराठी मानुष की अवास बुलंद करने के लिए शिफ सेना की स्थापना की।
01:09मुंबई की सटकों से शुरू हुआ ये सफर जल्द ही महराष्ट की राजनीती की सबसे ताकतवर ताकतों में शामिल हो
01:16गया।
01:17लेकिन जैसे जैसे पार्टी बड़ी होती गई वैसे वैसे उसके भीतर सत्ता, संगठन और उत्तराधिकार की लड़ाई भी गहराती गई।
01:25शिफ सेना में पहली बड़ी दरार 1991 में दिखाए थी।
01:29इस बगावत का चहरा थे छगन भुजबल। भुजबल उस दौर में पार्टी के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे।
01:37ओपिसी समाज में उनकी मजबूत पकड़ थी। लेकिन नित्रत्व को लेकर मतभेद बढ़ते गए और आखिरकार भुजबल ने पार्टी छोड़
01:45दी।
01:45उनके साथ कई विधायक भी चले गए। ये पहली बार था जब शिफसेना को एहसास हुआ कि पार्टी के बड़े
01:52चहरे भी नित्रत्व के खिलाफ खड़े हो सकते हैं।
01:56फिर आया साल 2005 और इस बार बगावत करने वाले नेता थे नरायन राने। राने सिर्फ शिफसेना के वरिष्ट नेता
02:04नहीं थे बल्कि महराश्यों के मुख्यमंत्री भी रह चुके थे।
02:08लेकिन उन्हें लगने लगा कि पार्टी में उनकी भूमी का कम होती जा रही है और उधर ठाकरे का कद
02:14लगातार बढ़ रहा है। नराजगी इतनी बढ़ी कि उन्होंने शिफसेना छोड़ दी और कॉंग्रिस में शामिल हो गए। ये सिर्फ
02:21एक नेता का जाना नहीं था ब
02:35बाला साहब ठाकरे के भतीजे राश ठाकरे ने पार्टी छोड़ दी। एक समय था जब राश ठाकरे को बाला साहब
02:42का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता था। उनकी शैली, भाषण और आक्तमक राशनीती ने लोगों को बाला साहब की जलक दिखाई
02:50देती थी। ले
03:04सिर्फ राशनीतिक विभाजन नहीं था, बलकि ठाकरे परिवार की सबसे बड़ी राशनीतिक दरार थी। लेकिन जो 2022 में हुआ, उसने
03:13शिवसेना का पूरा राशनीतिक भुगोल ही बदल दिया। एकनाथ छिंदे ने अपने समर्थक विधायकों के साथ बगावत कर दी।
03:20पहले सूरत, फिर गुहाटी और उसके बाद मुंबई तक चली इस सियासी लड़ाई ने महराश्ट्र की महाविकास अधारी सरकार गिरा
03:28दिया। उधव ठाकरे को मुख्य मंत्री पत छोड़ना पड़ा। इसके बाद मामला अदालत और चुनाव आयोग तक पहचा। और �
03:36फिर आया वो फैसला जिसने भारती राजनीती की सबसे चर्चित लड़ायोग में जगह बनेगी। चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंदे गुट
03:43को असली शिफसेना और धनुषबान चुनाव चिन दे दिया। जबकि उधव ठाकरे को शिफसेना UBT नाम और मशाल चुनाव
04:05का पाला बदलना नहीं होगा। ये उस पार्टी के लिए एक और बड़ा जटका होगा जो पिछले 6 दश्कों से
04:11बार बार अपने ही निताओं की बगावत का सामना करती रही है। जिल्चस बात ये है कि शिफसेना की लगभक
04:18हर बड़ी तूटके पीछे एक पैटन दिखा�
04:22को लेकर असंतोष कहीं उत्राधिकार की लड़ाई और कहीं सत्ता में हिस्सेदारी का विवाद। भुजबल की बगावत हो राणने की
04:30नराजगी हो राश्ठाकरे का अलग होना हो या फिर शिंदे का विद्रो हर बार संगर्ष पार्टी के भीतर से ही
04:37शुरू हुआ। यान
04:52या फिर उधर ठाकरे इस बार पार्टी को एक जुट रखने में कामियाब होंगे। लेकिन एक बात तैह है शिफसेना
04:59का इतिहास सिर्ष चुनावी जीत और सत्ता का इतिहास नहीं है। ये बगावतों, विद्रोहों और तूट की उन कहानियों का
05:06इतिहास भी है जिन्होंन
05:18जिर्व इतना है कि क्या शिफसेना के इतिहास में अब एक और नया अध्याय जुड़ने वाला है। आप क्या सोचते
05:25हैं? हमें कमेंट करके अपनी राए ज़रूर बताइए। और देखते रहिए OneIndia Hindi!
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