00:00दो हजार उनटिस का चुनाव अभी दूर है लेकिन क्या इंडिया गटबंदन की हार की पठखता अभी से लिखी जा
00:08रही है?
00:08क्या डीमजी के 20-22 सांसदों की बगावत एंडिये को लोकसभा में 298-318 सीटों के पार सूपर मिजॉरिटी दिलाने
00:18वाली है?
00:18और क्या ममता बैनर जी की पार्टी में आई ये दरार विपक्ष के सबसे बड़े गटबंदन की नीव हिला सकती
00:25है?
00:26त्रिनामूल कॉंग्रेस के भीतर बगावत का दावा करने वाले सांसद अब सिर्फ नराजगी जाहिर नहीं कर रहे बलकि पार्टी से
00:33अलग पहचान, नई राशनेतिक छत और एंडिये के समर्थन की खुली रणनीती पर काम कर रहे हैं
00:40अगर ये बगावत सफल होती है तो इसका असर सिर्फ वम्ता बानर जी पर नहीं बलकि पूरे इंडिया गटबंधन पर
00:47पढ़ सकता है
00:48इस पूरे घटनकरम के केंडर में है टीम सी सांसद का कोली घोश दस्तिदार
00:53पहले दावा 20 सांसदो का था लेकिन अब बागी खेमा कह रहा है कि ये संख्या 22 तक पहुँच सकती
01:01है
01:01बागीों का दावा है कि उनके पास पार्टी की दो तिहाई सांसदो का समर्थन है
01:06जो दल बदल कानून से बशने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है
01:11इसी दावे के अधार पर उन्होंने लोग सभा स्पीकर ओम बिल्ला से मुलाकात की और अलग संसदीय समू के तौर
01:18पर मानेता देने की मांगी
01:20लेकिन कहानी यहीं खतम नहीं होती
01:22बागी संसदोंने अंटी डिफेक्शन कानून की चनौती से बशने के लिए एक और रास्ता चना है
01:29उन्होंने खुद को Nationalist Citizens Party of India यानि NCPI में विले करने की योजना का एलान किया है
01:36दावा है कि NCPI नितरत्व ने उन्हें स्विकार करने की सहमती दे दी है
01:41यानि अगर ये योजना सफल होती है तो वागी सांसत तकनीकी रूप से नए पार्टी का हिस्सा बन जाएंगे और
01:48NDA को समर्थन भी दे सकेंगे
01:50यही वज़ा है कि इस पूरे घटना क्रम को सिर्फ बगावत नहीं बलकि एक सुनी ओजित राजनितिक ओपरेशन के तौर
01:57पर देखा जा रहा है
01:58उधर TNC ने भी मोर्चा खोल दिया है अभी शेक बैनर जी ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर साफ कहा
02:05है
02:05कि त्रिनमूल कॉंग्रेस एक अभी भाज्य पार्टी है और किसी भी अलग गुट को मानेता नहीं दी जानी चाहिए
02:12पार्टी का कहना है कि केवल अधिकरत नेत्रित्व और पार्टी विभी सांसदों का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं
02:21टीम से इस पूरी कवायत को गैर कानूनी और असमवधानिक बता रही है यानी अब लड़ाई सिर्फ सांसदों की नहीं
02:29बलकि संसद के नियमों दल-बदल कानून और समवधानिक प्रक्रिया की भी बन चुकी है
02:34अगर स्पीकर बागी सांसदों के दावों को स्विकार कर लेते हैं
02:38तो इसका सीधा असर संसद की राशनीती पर पड़ेगा
02:41इंडिये को बिन अचनाव नई ताकत मिल सकती है
02:45वही इंडिया गडबंधन की संख्या और राजनीतिक ताकत दोनों कमजोर हो सकती है
02:50यही वज़ा है कि दिल्ली में बैठे विपक्षी नेता इस पूरे घटना करम को बेहत घंबीरता से देख रहे हैं
02:57क्योंकि ये सिर्फ T.M.C. का संकट नहीं इंडिया गडबंधन की एक जुटता की परीक्षा भी है
03:03राजनेतिक विशलेशकों का मानना है कि 2029 के लड़ाए सिर्फ चुनावी मैदान में नहीं लड़ी जाएगी
03:09उसकी बुनियाद अभी से तयार हो रही है
03:12और अगर विपक्ष के बड़े दलों में तूट और अस्थिरता बढ़ती है तो इसका सबसे बड़ा फाइदा NDA को मिल
03:19सकता है
03:19हाला कि अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है
03:22ना तो स्पीकर ने कोई अंतिम फैसला दिया है ना ही किसी सांसत की सदस्यता पर कोई आरिवाई हुई है
03:28और ना ही बागी गुट को आधिकारिक माननेता मिली है
03:32यानि फिलहाल दावो और जवाबी दावो की लड़ाई जारी है
03:35लेकिन इतना जरूर है कि 1998 में बनी तरिनमूल कॉंग्रेस अपने इतिहास के सबसे बड़े राजनितिक संकट का सामना कर
03:43रही है
03:44मम्दा बानर जी के सामने चुनौती सिर्फ पार्टी बचाने की नहीं
03:47बलकि विपक्षी राजनिती में अपनी केंद्रिय भूमी का बनाए रखने की भी है
03:52अब सबकी नजर लोग सभा स्पीकर के अगले कदम पर है
03:55क्योंकि वही फैसला तै कर सकता है कि ये बगावत इतिहास बनाती है
04:00या सिर्फ एक अवसफल राज़्टितिक विद्रो
04:22इसका जवाब आने वाले दिनों में मिलेगा
04:24इस पूरे विशय में आप लोग क्या सोचते हैं
04:27हमें अपनी राए कमेंट सेक्शन में जरूर बताईए
04:29और देखते रहिए One India Hindi
04:47झाले बताईए
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