00:0036 गर के कोरिया जिले से एक बेहत खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है।
00:05यहां रेत के अवैद खननन और तसकरी को लेकर चल रहे विवाद ने ऐसा खूनी रूप ले लिया कि भाजपा
00:11नेता और पूर्व जनपत पंचाईट अध्यक्ष भरत सिंग और फलल्ला सिंग को कथित तौर पर जिन्दा जला दिया गया।
00:17इस हमले में दो और लोगों की भी मौत हो गई जबकि कई लोग गंभी रूप से घायल बताय जा
00:22रहे हैं।
00:47लोग अपनी जान बचाने की कोशिश करने लगे। कार में सवार कुछ लोग किसी तरह बाहर निकलने में काम्याब हो
00:53गये।
00:53लेकिन भरत सिंग उर्फ लल्ला सिंग बाहर नहीं निकल पाए। आग की चप्रेट में आने से उनकी मौके पर ही
00:58दर्दनाक मौत हो गई।
01:00लेकिन हमलावर यहीं नहीं रुके। जो लोग गाड़ी से बाहर निकल कर अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे थे,
01:06आरोपियों ने उन पर भी बेरहमी से हमला कर दिया।
01:08आरोप है कि हमलावरों ने लाठी डंडों और फर से से वार किये। इस हमले में विरेंदर सिंग गंभीर रूप
01:14से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाये गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
01:19वहीं नागेंदर सिंग को बहतर इलाज के
01:36के परिवार के बीच रेत के अवैद खनन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताय जा रहा
01:41है कि यही विवाद मंगलवार रात खूनी संगर्ष में बदल गया। आरोप है कि मनोज त्रिपाठी से जुड़े लोगों में
01:47भरत सिंग को घेर कर हमला किया। घटना
02:01की साजिश कब रची गई, इसमें कितने लोग शामिल थे और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा
02:07था। इस मामले का राजनीतिक पहलू भी सामने आ रहा है। मृतक भरत सिंग और फलला सिंग पहले कॉंग्रिस से
02:13जुड़े थे लेकिन बाद में भाजप
02:29की जाँच आपसी विवाद और अवैद खनन से जुड़े अंगल से कर रही है। कोरिया की इस घटना ने एक
02:35बार फिर रेत तसकरी और अवैद खनन के पूरे नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। सवाल ये है
02:41कि क्या प्रशासन को इस विवाद की पहले से �
02:43जानकारी थी? अगर थी तो समय रहते कारवाई क्यों नहीं की गई? और अगर जानकारी नहीं थी तो इलाके में
02:49अवैद खनन का ये खेल आखिर किस की शेह पर चल रहा था? फिलहाल तीन मौतों की बाद इलाके में
02:55दहशत और तनाव का माहौल है, पुलिस ने सुरक्षा ब
03:14बातो जानकारी ओ filsव नहीं का उन्टा तू उलाके में गवी है, थी तो रध़ खेल से बाता हुज्चे को
03:20है
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