00:05पानी में से लोगों को निकलना होता है और अगर कोई बहान तेजी से निकल आए तो इस पैदल यातरी
00:11को यह गंदी क्षीटों का सामना करना पड़ता है
00:13यह तो भरा ही रहता है कभी गर्मी हो चाह सड़ी हो इसमें कभी भी यह नीचे गिर सकता है
00:19नाली में
00:19यह कभी साही नी होगा यहीं की पैदासी है यह अभी सानी कभी साल होगा इसको 16-17 साल तर
00:27वहां आगे जाएंगे तो उसका नाला है
00:29कभ गाड़ी फज्जाए कोई वरुसा नहीं है हम इस समय दिल्ली के निजामोदीन रेलवे स्टेशन के पास और अगर किसी
00:38को निजामोदीन के साइट से सराय खाले खाले खाना होता है तो उसे यह रास्ता पकड़ना होता है
00:44हं इस रास्ते पर चाहें जाने वाला रास्ता हो चाहें उदर से और रास्ता हो दोनों रास्ते देखिए जा से
00:53आई यह नीचिस
00:59आद इस तरीके से कीचर, पानी में से लोगों को निकलना होता है बहान, यह देखिए, यह इस तरीके से
01:07निकलते हैं, नीचे दिकाएं, नीचे जड़ा, यह सब भरा रहता है, आज इधर अंदर पास में पूरा ऐसी भरा रहता
01:15है शालों साल, यानि कि कोई अगर और अगर यह
01:19हासा कैसे हो सकता है यह चलने की जगह है अनिल सई से इसको ज़रा डवलप कीजिएगा कि मैं क्या
01:26दिखाना चाह रहा हूं कि नीचे तो कोई पैदल यात्री उतर नहीं सकता और इधर अगर जाएगा तो देखिए यह
01:34इसमें कभी भी यह नीचे गिर सकता है नाली में तो इसक
01:44दिखाओ देखो मैं जो दिखा रहा हूं उससे दिखाईए यह देखिए क्या खस्ता हाल है इसका मेरे पैरों की तरफ
01:50अगर आप कैमरा दिखाएंगे तो यह इस रास्ते से जाना पड़ेगा यह भी इसका टूटा-फूटा है यहां तक पानी
01:59की छीटे और अगर कोई बहा
02:13जैसा कोई ना इसमें यहां पर रोशनी की संदर अंडर पास में बुस्ता है बिल्कुल अंधेरे जैसा हो गया है
02:19यह निजामुदीन से सराय खाने जाने के लिए जो अंडर पास है मैं उसकी बात कर रहा हूं मतलब इसके
02:27लिए भी क्या लोग आंदोलन करें तो हमने सोचा ह
02:30दिल्ली की जनता या जो भी तमाम पूरे देश के आतरी निजामुदीर स्टेशन पर आते हैं उनकी आवाज उठाएं तो
02:38यह हमने किस तरीके से पार किया है समल के देख करके और ना कोई रोशनी विवस्ता यह खस्ता हाल
02:46इसमें कोई बहुत-बड़ा काम नहीं है इधर आ
03:00कि साइट ड्रेणिंग सिस्टम में कुछ समस्या है वो सफाई करनी पड़ेगी अगर रोशनी की बोस्ता करें तो इस तरह
03:06के पैदल यात्रियों को आप पैदल लाएं चलके अब इते एक मर्जरा सा बात करिए कितना गंदा है मैं तो
03:12दिखाई रहा हूं आप भी देख रहे
03:13होगे और गंदा 24 पूरे महीने गर्मी या कोई बरसाथ नहीं कुछ नहीं तब यहाला आता है वर साथ में
03:22क्या होगा नहीं यह तो भराई रहे था में तो सब्सक्राइब पानी मिलेगा आप जिस रास्ते चलके आए थे मुझे
03:31उसमें डर लग रहा था कि कोई गाड़ी बा
03:56अरकार को पूरा रोड तूटा पड़ाए उसकी सुनवाई नहीं है यह कभी सई नहीं होगा अक्सृत रहाते रहते हैं यहीं
04:04की पैना सियाधिया यहाँ है यह वी सब्सक्राइब
04:28किनारे पर चलने ही जगा है वो सब तूटी-फूटी है तूटी-फूटी है गाड़ी जाएगे छिटका पड़े कहीं
04:38तो सबको पड़ती है यह जो मोधी सरकार है यह भी चौर है और इसके जितने नेता है ना सामनें
05:01दिल्ली है नहीं है नहीं करने की रोश्री-वाश्री होनी चाहिए ना इतनी गर्मी है आपको मुझ ढखना पड़ना है
05:11कोई पर सिर्पे बहुत धराएं तेकि उस गर्मी में भी यह क्या सोचेंगे इक साही होना चाहिए
05:17दिल्ली सरकार जागो और देख लो कि बहुत प्रदानमंत्री का नारा भी दिया प्रदानमंत्री ने सच भारत अभियान और दिल्ली
05:29जहां पर सबसे बड़ी देश की राजमीतिक काक्ते बैठती हैं वहां का निजामुदीन स्टेशन के पास का यह इलाका और
05:38महीने बिलक�
05:47कि आपको लगता है इसके अंदर कुछ विद्दुद विवस्ता होनी चाहिए कि आपको लगता है कि यह जो पैदली आत्रियों
05:53करी रास्ता है वो पत्री सही होनी चाहिए यह पानी खतम होना चाहिए तो कमेंट कीजिए और जन हित में
06:00आवाज उठाइए फिलाल इस वीडि
06:15कर दिए यह झाहिए पनल सकते हैं आपको लगता है वीडिजियों कर दो कि आपको लगता है कि आपको लोगता
06:19है कि विवस्ता है इसके वीज़ टैंगता है
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