जम्मू-कश्मीर के जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में किसानों ने प्रीमियम GI-टैग वाली बासमती धान की बुवाई शुरू कर दी है. अपनी शानदार खुशबू, लंबे दानों और उच्च गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध बासमती चावल इस क्षेत्र की प्रमुख नकदी फसल है और हजारों किसान परिवारों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत भी है. कृषि विभाग के अनुसार करीब 63 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बासमती की खेती की जाती है, जिससे हर साल लगभग 20 लाख क्विंटल उत्पादन होता है. जम्मू की बासमती को 2016 में GI टैग मिलने के बाद इसकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत हुई. जम्मू क्षेत्र की उपजाऊ मिट्टी, अनुकूल जलवायु और सरकारी सहयोग इस फसल की सफलता में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
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