00:04वातावरण में चाय की खुश्पू सिर्फ सुगंधी नहीं स्वाध भी लोगों का दिल जीत रहा है यहाँ चाय प्रेमियों की
00:12भारी भीर जुटती है भोवनेश्वर कुनार्क और पूरी के गोल्डन ट्राइंगल टूरिजम शेत्र में कुलहडवाली चाय की काफी डिमां�
00:21लेहाजा इलाके में यहाँ कुलहडवाली चाय के सैक्डो दुकान खुल चुके हैं जो कोई एक बार कुलहड में चाय पी
00:28लेता है वो प्लास्टिक या पेपर की कप छोड़कर बार-बार कुलहड की ही चाय पीना चाहता है
00:54इसमें मिट्टी का स्वाल आता है और थोड़ा अच्छा भी लगता है
01:18कुलहड पर्यावरण को बचाने में एहम भूमी का निभा रहा है
01:22कुलहड इको फ्रेंडली होती है इस्तिमाल के बाद जब लोग इसे फेग देते हैं तो ये मिट्टी में घुल मिल
01:29जाती है
01:34एक वक्त था जब लोग पेपर या प्लास्टिक कप में चाय पीना पसंद करते थे
01:39लेकिन नए जमाने में स्वास्ति को लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ी है और लोग पुरानी परंपरा अपनाने लगे है
01:53कोविड के बाद कुलहर वाले चाय की डिमांड बढ़ गई है पेपर कप के मुकाबले इसका बिजनेस ज़्यादा है
01:59कटक का एक व्यक्ती हमें 25-25 रुपए में कुलहर देता है हम 10-20 रुपए में चाय बीचते हैं
02:09दूसरी तरफ ये कुलहर बनाने वाले लोगों की आमदनी का जरिया भी है
02:14कुलहर के प्रती लोगों की बढ़ती चाहत से कुमहार समुदाय का व्यवसाय बढ़ रहा है
02:53कुमहार समुदाय उप्युक्त मिट्टी लाते हैं उसे साफ करते हैं फिर पानी डाल कर उसे गूथते हैं
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03:31ETV Bharat ke liye Udisha ke Nima Pada se Biranjan Malik ki report
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