Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021
➖➖➖➖➖➖
पूरा वीडियो यूट्यूब पर : जवान आदमी को ऐसी कमज़ोर बातें शोभा नहीं देतीं || आचार्य प्रशांत (2023)

#acharyaprashant #SelfReliance #Independence #InnerStrength #Freedom #WomenEmpowerment #SelfRespect #LifeLessons #Courage #Wisdom #आचार्यप्रशांत #hindishorts #women #shortsfeed

Category

📚
Learning
Transcript
00:00कोई आपका बड़ा हितैशी हो, प्यारा हो, वो आपको सहारा दे भी न तुम मना कर दिया करो, खास्तावर में
00:05महिलाओं से बोल रहा हूँ
00:10और भी बहुत सारी बातें, अब ये हो गया, रात हो गई है चलो में तुम्हें घर छोड़ाता हूँ
00:13हो गया, चलो घर छोड़ देता हूँ, रात जादा हो रही है
00:18प्राइको, फिर घर छोड़ने आएगा, वहीं से घर के अंदर भी घुसेगा, फिर मत चलाना
00:24बात बात में अपनी दुर्बलता को प्रश्रह मत दिया करो, जब तक एकदम ही ये न लगे कि अब कोई
00:31चारा ही नहीं बचा
00:32मतलो किसी सहायता, इसको जीने का एक तरीका बनाओ, मुझे नहीं सहायता चाहिए
00:38सहायता लेना बंद करोगे तो दस में से दो-चार मौकों पे कुछ नुकसान होगा, मैं कह रहा हूँ आप
00:43उस नुकसान को जेलिए
00:45साइकल चलाना शुरू करा था, गिरोगे तो हैई दो-चार बार घुटना छिलेगा, वो क्या है, उसको नुकसान माने क्या
00:53बड़ा अच्छा लगता है, वो पीछे बैठ करके, मोटर साइकल, साइकल कुछ भी है, पीछे बैठे हुए है, वो बड़ा
00:57आनंदार है, क्या आनंद नहीं गुलामी है
01:00यहां से थोड़ी दुरबल होता है आदनी, पहले यहां से दुरबल होता है
01:04इसलिए बोला न, भीतर से, यहां अच्छाती से उद्गोश चाहिए होता है, नहीं स्विकार है दुरबलता, वो अस्विकार जब तक
01:11नहीं आएगा विद्रोह, तब तक कुछ नहीं हो सकता बटा
Comments

Recommended