00:00आचारे जे मैं सोसती हूँ, कुछ नया सीखू, कुछ नया करूँ, पर टाइम मैनेज नहीं हो पाता है
00:30तो खूब करें, एक इनसान है, चात्र है, उसके पास पढ़ने के लिए भी बहुत समय निकलाता है, वो खेलो
00:38में भी आगे है, वो ड्रमेटिक्स में भी आगे है, और कई बार वो मौज वस्ती में भी सबसे आगे
00:43है, अब चुपा कर क्या बलूँ, जलनताब होती थी जब पत
00:58नहीं जलता है, ये भी करूँगा और वो भी करूँगा क्यों चूकू एक ही जिन्दगी है,
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