00:00अचारे जी, मैं दूद पीना छोड़ना चाहती हूँ, पर मैं छोड़ना ही पा रही हूँ, क्योंकि दूद से बनी हुई
00:05चाय मुझे बहुत अच्छी लगती है, और चाय में छोडना ही पा रही हूँ
00:10तुम एक बार गायवहस का वो जो इंसेमिनेशन होता है, उसकी क्रुएल्टी को देख लो
00:17और दूद निकाला कैसे जाता है, और ओक्सिटोसन ठोका कैसे जाता है, तुम यह बस देख लो, उसके बाद तुम
00:22चाय पी के दिखाना जैसे पीते हो
00:29यह सब तो आपके सामने पैकेजड फॉर्म में आता है, आप उसको वैसे ही करते हैं, वैसे चॉकलेट, बिसकिट, पैकेजड
00:36जूस, वैसे ही पैकेजड मीट, वो पैकेजड हों के ना है, वो पूरी प्रक्रिया, आप बस देख लो तो आपके
00:43हालत खराब हो जाएगी, इस
00:53यह करोणों जानवर उतनी देर में कट गए जितनी देर में हम आँ भी बात कर रहे हैं
01:07तुम चाय पी के दिखाना जैसे पीते हो
01:11पर आपने कभी वो जो और्गनाइस्ट मेकेनाइस स्लोटर हाउसेज होते हैं
01:15आपने कभी देखे भी हैं आपने नहीं देखे होंगे
01:17वो छुपा कर बनाए जाते हैं
01:19और उनकी बाहर ना बहुत उची उची दिवारे होती हैं कि कभी कोई कुछ रिकॉर्ड भी न कर ले
01:23उनमें सुपर हाई सेक्यूरिटी होती है
01:25आप सोचेंगे किसकी सेक्यूरिटी होती है अंदर तो जानवार है
01:28उनमें सेक्यूरिटी इसलिए होती है
01:29क्योंकि अगर किसी ने ड्रोन से भी कैप्चर कर लिया कि अंदर क्या चल रहा है
01:33तो लोग उल्टिया करनी शुरू कर देंगे
01:35और आगे कभी मास को छूई नी पाएंगे
01:38बहुत आइसोलेटेड प्लेसेज में
01:40कई बार जंगलों के भीतर वो सब बनाया जाता है
01:42वहाँ ट्रक्स जाते हैं
01:43वो ट्रक्स भी ऐसे होते हैं कि आपको दिखाई नदे बिलकुल
02:01और मिल्क इंडस्ट्री और मीट इंडस्ट्री बिलकुल कदम से कदम मिलागर चलते हैं
02:06आपको दिखाई यो नहीं देता है
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