00:00आपके हाथ में जो फोन है वो एक खोज की वजह से संभव हो पाया
00:04एक ऐसी खोज जो एक कमरे में हुई थी
00:061897 में लंडन में एजे थांसन एक चमक्ती हुई काच की नली को देते हैं
00:12और इलेक्ट्रॉन की खोज करते हैं
00:14127 साल बाद आचार्य प्रशांत केम्रिज उनिवर्सिटी की उसी कैविंडिश प्रयोग शाला में खड़े हैं
00:21एक ऐसे प्रश्न का उत्तर देने के लिए जिसका उत्तर केवल भौतिकी नहीं दे सकते
00:25प्रदीप जी अगर मैं गलत नहीं हूं तो इलेक्ट्रॉन न्यूट्रॉन और प्रोटॉन इन सब की खोज सबसे पहले यहीं हुई
00:37आप जानते हैं इस खोज ने ना सिर्फ फिजिक्स को बदला बलकि भाशा को भी बदल दिया
00:45एटम यानि परमाणू एटम का शाब्दिक अर्थ हुआ करता था अविनाशी और अविभाज्य यानि जिसे कभी तोड़ा न जा सके
00:53जैसे ही इलेक्ट्रॉन सामने आया एटम की वो परिभाशा ही बदल गई तो इसने ना सिर्फ फिजिक्स को बदला बलकि
01:02भाशा को भी ब
01:11है तो पूले
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