00:00वो न बड़े इजद्दार आदमी है और ये वाक्य अपने आप में पूरा लगता है ना बोलो लगता है कि
00:05नहीं वो बड़े इजद्दार आदमी है ये वाक्य कोई बोले आप से सामान्य खालात में तो आप क्या बोलोगे पूरा
00:13वाक्या ठीक है वो बड़े इजद्दार आ
00:29नाक से इजट पक रही है उनके इजटदार माने क्या होता है या उनको खाओ तो कुछ इजट पस्वाद आता
00:36है तो लजटदार पापड तो लजटदार पापड में खाओ तो लजट आती है तो ये इजटदार टंडा जी है इनको
00:42खाओ तो क्या इजट आईगी वो बड़े �
00:58वो टुकू, वो रिंकू, वो मिन्नी, वो चीचो, वो बेबे, ये सब उनको इजददार कह रहे हैं, तो वो इजददार
01:09हो गया, इनके कहने जो इजददार हो गया, ये खुद बड़े इजद लोग हैं, जलील, ये जिसको इजद दें, उस
01:15बचारे को तो अपनी इजद बच
01:17आगे भगना चाहिए और हम तुरंद बोल देते हैं न वो है और शर्मा सहाब आपकी तो समाज में बड़ी
01:25इज़त है समाज मने क्या समाज मने जुन्नु समाज
01:30तो वो इज़त दे भी राय तो क्या हो गया तुम्हारी तुम ही समभा लो ये दुनिया तुम अगर तुम
01:38हो तुम्हारे द्वारा दी गई गाली से बुरी है तुम्हारे द्वारा बजाई गई ताली जब तक तुम तुम हो तुम्हारी
01:48गाली तो फिर भी ठीक है तुम्हारी
01:59ऐसा लगता है
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