00:00तीन भारतिय नाविकों की मौत
00:02अठारा हजार भारतिय नाविकों को हाई अलर्ट
00:05और अमेरिका और इरान के बीच आरोपों की जंग
00:08लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर इस संघष की कीमत कौन चुका रहा है
00:14विदेशों में काम कर रहे भारतिय कितने सुरक्षित हैं
00:18और जब महाशक्तियां भिड़ती हैं तो सबसे ज्यादा खत्रे में कौन आता है
00:22ये कहानी सिर्फ एक ट्रूथ सोशल पोस्ट की नहीं है
00:26ये कहानी है दो आरोपों की, दो देशों के दावों की
00:30और उन भारतिय नाविकों की जो इस पूरे संघर्ष के बीच फस गए हैं
00:34एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपती डॉनल्ड ट्रम्प है जो कह रहे हैं कि
00:38इरान शांती समझोते को लेकर दुनिया से जूट बोल रहा है
00:42दूसरी तरफ वही ट्रम्प ये भी दावा कर रहे हैं कि इरान ने रातो रात
00:47स्ट्रेट अव होरमुद से निकल रहे भारतिय जहाजों पर ज्रून हमला किया है
00:51सुनने में ये बेहत गंभीर आरोप लगता है
00:54लेकिन जैसे जैसे कहानी आगे बढ़ती है तस्वीर और उलजती चली जाती है
00:59क्योंकि सवाल सिर्फ ये नहीं है कि हमला किस ने किया
01:02सवाल ये है कि आखिर सच कौन बोल रहा है
01:05ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि अंतराष्ट्य मीडिया में जिस शांती समझोते की बातें लीक हो रही है
01:11उसका वास्तविक लिखित समझोते से कोई लेना देला नहीं है
01:14उन्होंने इरान पर बदनियती और गलत जानकारी पहलाने का आरोप लगाया
01:19लेकिन दिल्चस्प बात ये है कि इरान के विदेश मंत्राले ने भी हाल ही में एक बड़ा बयान दिया है
01:25इरान का कहना है कि समझोते का मुख्य मसौदा लगभग तयार हो चुका है
01:30और बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है
01:33यानि एक तरफ आरोप प्रत्यारोप है लेकिन दूसरी तरफ दोनों पक्ष ये भी सुईकार कर रही है
01:39कि बातचीत चल रही है और किसी समझोते की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है
01:44अब आते हैं कहानी के दूसरे और ज्यादा समवेदन शील हिस्से पर
01:48भारत्य जहाजों पर हमले के दावे पर
01:51ट्रम्प का कहना है कि इरान ने भारत्य जहाजों को निशाना बनाया
01:55लेकिन इसी बीच भारत सरकार का रुख कुछ और कहानी बता रहा है
01:59भारत ने अमेरिकी के वरिष्ट राजनेग को तलब किया है
02:02विदेश मंत्राले ने आपचारिक विरोध दर्ज कराया है
02:06कारण ओमान की खाड़ी के पास हुए उन हमलों को लेकर
02:09जिन में भारत्य नाविकों की जान गई
02:11भारत का कहना है कि कमर्शल जहाजों पर हमले आस्वी कार्य है
02:16और निर्दोश नाविकों की मौत पर गंभीर चिनता है
02:19यहीं से पूरा मामला और पेचीदा हो जाता है
02:22क्योंकि एक तरफ अमेरिका इरान पर आरोप लगा रहा है
02:25दूसरी तरफ भारत अमेरिकी कारिवाई पर सवाल उठा रहा है
02:29एक ही समुद्री क्षेत्र, एक ही संकट
02:32लेकिन घटनाओं की दो अलग-अलग व्याख्या है
02:34और सबसे बड़ी कीमत कौन चुका रहा है?
02:37भारतिय नाविक
02:38पिछले कुछ दिनों में ओमान और स्ट्रेट अव होर्मूज के आसपास
02:42कई घटनाएं सामने आई हैं
02:59जानी महानिदेशाले ने सख्त मैरिटाइम सिक्योरिटी अडवाईजरी जारी करते हुए
03:03कप्तानों और शिप ऑपरेटरों को अतिरिक्त सुरक्षा उपाई लागू करने के निर्देश दिये हैं
03:08आत्मगाती ड्रोन, मिजाइल हमले, ड्रोन बोट्स और समुदरी घुस पैट जैसे खत्रों को लेकर विशेश चेतावनी दी गई है
03:16क्योंकि स्ट्रेट अव होर्मूज सिर्फ एक समुदरी रास्ता नहीं है
03:19ये दुनिया की उर्जा आपूर्ती की लाइफ लाइफ लाइन है
03:22दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है
03:26और जब यहां तनाव बढ़ता है तो उसका असर सिर्फ मध्यपूर्व तक सीमित नहीं रहता
03:31भारत, यौरप, एशिया सब प्रभावित होते हैं
03:34इस बीच कतर और पाकिस्तान जैसे देश मध्यस्त की भूमे का निभाने की कोशिश कर रहे हैं
03:40रिपोर्ट्स की मुताबिक दोनों पक्षों के बीच समवाद बनाए रखने की कोशिशें जारी है
03:44इरान का कहना है कि प्राथमिक्ता युद्ध खत्म करना है
03:48उसके बाद परमानुकारिक्रम, प्रतिबंधों और आर्थिक मुद्धों पर आगे बातचीत हो सकती है
03:53यानि कूटनीती अभी जिन्दा है
03:56लेकिन समस्या ये है कि कूटनीती और सैन्य कारवाई साथ साथ चल रही है
04:00एक तरफ शांती वारता, दूसरी तरफ ड्रोन हमले और समुद्री संगहर्ष
04:05एक तरफ समझोते की बाते, दूसरी तरफ नाविकों की मौत
04:09यही वज़ा है कि इस पूरे संकट ने दुनिया को असमंजस में डाल दिया है
04:13फिलहाल इतना साफ है कि भारते नाविक इस भूराजनेतिक संगहर्ष की सबसे कमजोर कड़ी बन गए है
04:20वो ना अमेरिका की राजनीति का हिस्सा है, ना इरान की रणनीति का
04:24लेकिन हर हमले, हर मिजाइल और हर ड्रोन की कीमत सबसे पहले वही चुका रहे है
04:29और शायद यही इस पूरी कहानी का सबसे दुखत सच है
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