00:26सर ये मोटर टैंकर मेरिवेक्स है
00:29हमारे जहास पर आग लग गई और जहास दूब रहा है
00:33अमेरिकी नौसेना का हमला हुआ है
00:36मिसाइल सीथे हमारे इंचन रूम पर लगी
00:39जहास के निचले हिस्से में बड़ा सुराग हो गया
00:41हमारे यहां भैंकर आग लगी है
00:44कृप्या हमारी मदद करें
00:45प्लीज मदद करें
00:49जहास पर मौझूद सभी चालक दल के स्थ्या भारती है
00:52उल्चाओबी स्क्रूब मेंबर्स है
00:54सभी भारती है
00:55कृप्या जल्दी मदद भेजें
00:57हमें तुरंत साहता की आवशक्ता है
01:27यह शब्द है उस क्र्यू के
01:29उस जहास पर आए फून कॉल के
01:31जस जहास पर अमेरिकी हमले ने
01:34तीन भारतीय नाविकों की जान ले ली
01:36उमान के दटके पास गहरे समंदर में
01:38जब मौट सामने खड़ी थी
01:40तब एक लाचार भारतीय नाविक की
01:42यह आखिरी चीखें थी
01:43जो कि पूरे देश के दिल को आज जखचूर रही है
01:46यह कोई आम संदेश नहीं था
01:48बलकि अमेरिकी मिसाइल हमले का
01:50शिकार हुए उस बदनसीब देल टैंकर से आई
01:53आखिरी पुगार थी
01:55वो पुगार जिसने पलभर में
01:57हस्ते खेलते परिवारों को कभी न मिटने वाला कम दिया
02:00हॉर्मू स्ट्रेट के रणने दिक जलक शित्र में
02:039-10 जून की दर्मियानी राज जो कुछ हुआ
02:05उसने अंदराश्ट्रय राजनीती में एक दूफान खड़ा कर दिया
02:09अमेरकी नेवी के इस खातक हमले ने
02:11MTC बोलो नामक ओल टैंकरों को निशाना बनाया
02:15जस पर 24 भार्थय क्रियों सदस्या सवार थे
02:18मिसाइल लगते ही इंजन रूम में भीशन धमाका हुआ
02:21और देखते ही देखते चारों तरफ आख की लटने उठने लगी
02:26आपातकालीन बचाव अभ्यान चलाकर 21 भार्थय नागरिकों को सुरक्षत बाहर निकाला किया
02:31लेकिन तीन चावाज भार्थय ना देख इस ख़फ नाक हादसे में लापता हो गए
02:36जनकी बात में मौत की पुष्टी की गई
03:06डेक कैटेट आधित्य शर्मा, इंजिन फिटर शिवानन चारसिया और चीफ इंजिनियर पटनाला सुरेश
03:13ये वो तीन नाम है जो कि अमेरिकी सैन्यकारवाई की पीर छड़ गए
03:17इस तरासदी के बाद पुरे भारत में भारिया क्रूश है और नई दिल्ली ने
03:21बेहर सक्त रुख बनाते हुए महस 24 घंटे के भीतर दो बार
03:25अमेरिकी राजनाई को तलब कर अपनी कड़ी नारास की और तीखा विरूद दर्स किया
03:31इस बीच भूर आजनातिक विशशक्या ब्रह्मा चलानी ने भारत सरकार की प्रतिक्रिया पर एक बड़ा और गंफीर सवाल उठाया
03:38उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर इस समले में मरने वाले नाविक चीन की होती तो क्या पीचिंग का
03:43रवया ऐसा ही होता
03:44चलानी के अनुसर चिन इस घटना में अमेरिका की तरफ से सीधे जानलेवा उकसावे के रूप में इस पूरी प्राग्रिया
03:51को देखता है और एक बहुत बड़े अंतराश्च्या संकट में इस घटना को तब्दील होता देख पाता है
03:57आज उन शहीदों के परिवार के आसू थम नहीं रहे और समंधर से उठी वो आखिरी आवाज हर भारत्य के
04:04जहन में ऊच रही है जो की नयाय और जवाब देही दोनों की मांग कर रही थी
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