Skip to playerSkip to main content
  • 3 months ago
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र खारिज करने के मामले में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने नटराजन की उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने उनका नामांकन पत्र खारिज करने को चुनौती दी थी. कोर्ट ने याचिकाकर्ता की इस दलील को मानने से इनकार कर दिया कि नामांकन खारिज करने में "प्रत्यक्ष" और "स्पष्ट" गलतियों को ठीक करने के लिए अनुच्छेद 32 का इस्तेमाल किया जा सकता है.  सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नटराजन के वकील से सुप्रीम कोर्ट की ओर पारित कोई भी ऐसा फैसला दिखाने को कहा जिसमें ऐसे मामलों में कोर्ट ने दखल दिया हो. कोर्ट ने कहा कि अगर वो नटराजन के नामांकन की इजाजत देता है, तो अनुच्छेद 329 में दिए गए अधिकार क्षेत्र का बंटवारा हो जाएगा. कोर्ट ने कहा कि इसका समाधान सिर्फ इलेक्शन कमीशन के पास है.

Category

🗞
News
Transcript
00:00foreign
00:30अनुछेद 32 का इस्तमाल किया जा सकता है
00:49सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नटराजन के वकील से
00:52सुप्रिम कोर्ट की ओर से पारित कोई भी ऐसा फैसला दिखाने को कहा
00:56जिसमें ऐसे मामलों में कोर्ट ने दखल दिया हो
00:59कोर्ट ने कहा कि अगर वो नटराजन की नामांकन की इजाज़त देता है
01:03तो अनुछेद 329 में दिये गए अधिकारक शेतर का बटवारा हो जाएगा
01:08कोर्ट ने कहा कि इसका समाधान सर्फ इलेक्शन कमिशन के पास है
01:12सुप्रिम कोर्ट के फैसले के बाद कॉंग्रिस अधियक्ष मलिकार जुन खडगे ने
01:16मोदी सरकार पर हमला बोला
01:18इसलिए हम चाहते थे कि सुप्रिम कोर्ट इसको रिलीव दे
01:23फिर भी उन्होंने जो कहा है उसी तरह से हम हाई कोर्ट जाएंगे
01:28और ये तो उनका रिजेक्शन ये इलीगल है ये मॉरल है
01:34एंटी डेमोकर्टिक है और जो सरकार ने कराया है
01:39ये मुदी जी के सारे के बिना नहीं होता
01:43विरोधी उम्मिदवार की तरप से वरिष्ट वकील मुकुल रोतगी ने कहा
01:47कि चुनाव लड़ने का अधिकार कोई मौलिक अधिकार नहीं है
01:50बलके सिर्फ एक कानूनी अधिकार है
01:53रोतगी ने इस बात पर जोड़ दिया कि अगर कोई मौलिक अधिकार नहीं है
01:58तो अनुछेद 32 का इस्तमाल नहीं किया जा सकता
02:01ब्यूरो रिपोर्ट एटीवी भारत
Comments

Recommended