00:00यूरोप में बढ़ी प्रवास पर भहस, भार्तियों पर क्या पढ़ सकता है इसका असर?
00:04ब्रिटेन, आर्लेंड, जर्मनी और अने यूरोपियों देशों में प्रवास और शरनार्थी मीती को लेकर बहस तेज हो रही है.
00:10कई जगों पर आवास की कमी, बढ़ती महँगाई, सार्जनिक सेवाओं पर दबाओं और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के चलते विरोध प्रदर्शन
00:17देखने को मिले।
00:18कुछ देशों में सरकारे भी आवरजन नियमों की समिक्षा कर रही है।
00:22एक्सपर्ट्स के अनुसार ये बहस मुखी रूप से अव्वैत प्रवास, शरनार्थी ववस्था और संसाधनों के प्रवंधन से जुड़ी है।
00:28हलाकि ऐसे माहौल का असर व्यापक रूप से सभी विदेशी समुदायों पर पढ़ सकता है।
00:32ये रोप में बड़ी संख्या में भारतिय स्टुडेंट, आईटी प्रफेशनल, डॉक्टर, इंजीनियर और रिसर्चर कानुन प्रक्रियाओं के तहत रह रहे
00:40हैं।
00:40और स्थानी अर्थववस्था में योगदान दे रहे हैं।
00:42फिलहाल हालिया प्रदशनों का मुख्य निशाना भारतिय समुदाय नहीं रहा है।
00:46लेकिन बदलती नीतियों का प्रभाव भारतियों पर भी पढ़ सकता है।
00:49विशेश रूप से स्टुडेंट वीजा, वर्परमिट, परिवार को साथ ले जाने के नियम और स्थाई निवास से जुड़ी प्रक्रियाएं ज्यादा
00:56सक्थ हो सकती है।
00:57वह ये यूरोप की कई अर्थववस्थाओं को कोशल पेशेवरों की जरूरत बनी हुई है।
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