00:11अहम्दाबाद में 12 जून 2025 को विमान हाथसे को एक साल पूरा हो गया है मगर पेड़ित परिवार अभी भी
00:17उस सद्वे से उबहर नहीं पाया
00:19उनके जिन्दगे मानों वहीं ठहर गई है उस भयानक हाथसे की पहली बर्सी पर आज तक की टीम ने हाथसे
00:25वाली जगह का जॉयजा लिया साथी साथ पूरित परिवारों से भी मुलाकात की
00:34जुन दो हजार पच्चिस यही वो तारीख है जब एहमदाबाद से आए इन तस्वीरों ने पूरे देश को जग जोड़
00:43दिया था
00:55एहमदाबाद एरपोर्ट से एर इंडिया की फ्लाइट AI-171 ने लंदन के लिए उरान भड़ी और चंद सेकेंड में ही
01:02मौत के मलबे में तबदील हो गई
01:04इस भीशन हाथसे में 260 से ज्यादा लोगों ने अखनी जान गवाए थी
01:11बीजे मेडिकल कॉलेज के होस्टल से टकरा कर क्रैश हुए विमान में सवाट 241 लोगों और जमीन पर मौजोद 19
01:18लोगों की मौत हो गई
01:19सिर्फ एक यात्री जिल्दा बचा था
01:22इस दर्दनाख हाथसे को एक साल हो गया है वगर हाथसे की भयावय यादि आज भी लोगों के जहन में
01:29ताजा है
01:32हाथसे के एक साल बाद भी बीजे मेडिकल कॉलेज के होस्टल परिसर में उस तरास्दी के निशान नहीं मिट पाए
01:37हैं
01:38जहाँ विमान का मलबागिरा था और लोगों के शब मिले थे
01:42क्रेश साइट पर सरकार ने मेडिकल स्टुडेंट्स के लिए होस्टल बनाने की मंजूरी दी है
01:47लेकिन पीडिक परिवार इस जगे स्मारग बनाने की मांग कर रहे हैं
01:51ठीक एक साल पहले 12 जून 2025 को एहमदाबाद के सिविल अस्पताल के यह जो जगा है
02:00जहां पर होस्टल है मैस है वहीं पर यह हाथसा हुआ था
02:05एमदाबाद से लंडन जा रही एर इंडिया की फ्लाइट क्रेश हुई थी
02:08जिसके बाद जो तस्वीर आई बयावध तस्वीरे उसने पूरे देश को दैला दिया था
02:15एक साल हो चुका है आज भी उस हाथसे की जो यादें और गवाई हैं वो ये बिल्डिंगे दे रही
02:22है हाला कि गुजरा सरका ने फैसला किया है कि यहाँ पे नई साथ मंजीला बिल्डिंग बनेंगी नई होस्टल बनेंगी
02:29और यहाँ पे चातर जो है वो अपनी पढ़ाई कर
02:31पाएंगे पूरी कोशिश कुझा सरकार की द्वारा की जा रही है कि यह जो वह तस्वीर है उसको यहाँ से
02:37दूर किया जा सके और जो चातर यहां पर बढ़ाई करते थे और दूसरे चातर यहां पर पढ़ने आए उनके
02:41लिए ज्यादा बहतर सुजदाय बनाई जाए उसके
02:44कि दूसरे कोशिश करें पर जो परिवार जो अपनों को गवाया है दो से ज्यादा ऐसे परिवार एंशन से कुछ
02:50परिवार की डिमांड थी कि यहां पर जो हैं में में मेमूरिल बनना ड़ाहिए पर सरकार जो है उसके लिए
02:56राजी नहिront सरकार से कोई बाथ नहीं हूई तो �
03:12वो हाथसे की जो हैं यहादे ना रहें और इसलिए सरकार ने यह फैस्दा किया है पर पीरिद परिवार आज
03:19भी नियाई के लिए जोज रहे हैं काफी सारे परिवारों की डिमांड है कि उनको नियाई नहीं मिलाएं सही वज़ा
03:25नहीं जान पाएंगी क्यों यह हाथसा हुआ क
03:41उस चीज का पता चल पाएगा इस हाथसे में जान गवाने वालों के परिवार आज भी सदमे में हैं और
03:47उस हाथसे का जिक्र होते ही सहम जाते हैं यह उस हाथसे में जान गवाने वाले भावेश मोदी का परिवार
03:53है इनके जिन्दगी मानों वही अटक गई है
03:58आप यह चीज तो है कि mental torture तो हो जाता है क्योंकि जैसे अभी मैं PhD कर रही हूँ
04:06तो मेरी पड़ाई में मेरा मनी लगता है कि यह सब घर पे यह सब चल रहा है
04:10मम्मी और नानी को भी इतना वो mentally torture रहता है कि मेरे भाई को क्या हो गया या फिर
04:16मेरे बेटे को क्या हो गया करके
04:17तो उनको संभालने का रहता है तो वो सब चीज़ा disturbing तो होई जाती है कि अभी हम करे क्या
04:24क्या क्योंकि मेरे मामा मेरे हमारे
04:36वो हमने बेटों या बेटी से अच्छे से रखते थे तो वह ही हो जाता है कि फादर की फ्लेस
04:42से इंसान चला जाए तो कैसा रहता है
04:45जब पता चल शाला उसके बाद से लिके अभी तक जैसे डिप्रेशन में आक भी साल पूरा ऐसे ही गया
04:53है
04:53में छे मैंना तो रात उई ऑफ़ जök शूइता चमांशा है
04:57का जो करी पूरॉब ऑना कर दोमुशना के पूरे होती होनक बहुत है
05:15कब दोने के स्वाध कलिगों आयीं कहले है
05:22सब के साथ गूल मिल जाता था फांच मिनिट भी उसको नहीं लगता थे किसी साथ बात करने में प्रॉब्लम
05:27हो यह सी
05:28बावेश मोदी के भांजे जय भी अपना दुख बया करते हैं साथ ही यह उस हाथसे की वज़े भी जानना
05:34चाहते हैं कि आकर यह हाथसा हुआ कैसे कौन दोशी है
05:39कि इसे देखने जाये तो उन्होंने जो मतलब कंपेंसेशन डिसाइड किया था हो सबको जो देना था हो सब तो
05:46सबको मिली रहा है बट जो मतलब किस वज़ा से प्लैन क्रेस हुआ किस की गलती थी इसमें सब कोई
05:53बोल रहा है पाइलेट की गलती थी कोई बोल रहा है अंदर
05:56विचे रुपाणी दाइस के ले किसीने प्लें क्रेश करवाया तो मतलब एगजेक्ट जो पॉइंट होना चाहिए कि यही इसी वज़ा
06:03से वो में नहीं मिला और यह जो बलेक बॉक्स की बाद चल रहें कि बलेक बॉक्स में
06:07ब्लेक बॉक्स का डेटा रीलिज होगा, उसमें सब पता चलेगा, तो ना ब्लेक बॉक्स का भी तक कोई डेटा रीलिज
06:12हुआ है, ऐसा कुछ.
06:13तो अभी तक सब अंदेरे में एक जेट रीजन किसी को मालूम नहीं पड़ाए कि किस वज़ा से ये प्लेंड
06:18क्रेस हुआ है.
06:41एहमदवास से ब्रजेह तोर्शी के साथ आज तक पीए
06:47गुजरात के पूर्व मुखे मंत्री विजयरूपाणी भी इस हाथ से का शिकार हो गए
06:50वो उस दिन अपनी बेटी से मिलने के लिए लंडन जा रहे थे
06:53उनके परिवार के लिए भी एक साल बहुत मुश्किनों भरा रहा है
06:56विजयरूपाणी के बेटे रिशब रूपाणी ने आज तक से खास बातचीत की
07:00जिसमें उन्होंने कहा कि हम कभी भी इस सद्बे से बाहर नहीं आ पाएंगे
07:07एमदाबाद में हुए प्लेन क्रेश के दौरान गुजरात के पूरो मुख्य मंतरे विजयरूपाणी की बी जो है
07:12डेथ हुई थी उसको भी एक साल हो रहा है और विजयरूपाणी का परिवार उसके बाद कभी मीडिया से बात
07:18नहीं की
07:19कि आज हमारे साथ उनके बेटे हैं उनसे बात करेंगे रुषब भाई एक साल हो गया है अपने पिता को
07:25गवाया है गुजरात का एक जाना माना बड़ा चेहरा पूर्वा मुख्य मंतर चेहरा एक साल में क्या बदला रुषब रुपानी
07:33के लिए और किस तरह से एक साल रहा
07:35हाला कि पिता को गवाने का दुख कभी कम नहीं हो सकता पर एक साल में क्या बदला रुषब की
07:40जिंदगी में
07:42पिता के खोने का दुख मतलब शब्दों में तो बया नहीं कर सकते
07:51परन्तु मैं ये बता सकता हूँ कि एक मार्ग दर्शक एक पत्ध दर्शक और एक मेंटॉर का लॉस जो है
07:59वो मेरे लिए और मेरे परिवार के लिए काफी बड़ा है और आइम शूर कि ये जो भावना है वो
08:08भारतिय जिन्ता पार्टी के हजारों लाखों कारे करता हो की भी है
08:38विमान हादसे के बाद जाच की फाइले आगे बड़ी पीरित परिवारों को मुआफजा मिला मगर इलसाफ बाकी है
08:43जिन लोगों ने अपनों को खोया है वो अब ही भी नियाएका इंतजार कर रही है
09:02यहें आणन्द जिले के ठासरा गाव के रहने वाले रोमिल बोहरा
09:06जो अपने भाई परवेज बोहरा साधी तीन साल की मासूम भदीजी जुबेरिया और मौसी आसमीन को एरपोर्ट पर छोड़ कर
09:13वापस घर लोट रहे थे
09:15तभी पता चला कि फ्लाइट क्रैश हो गई
09:19उस हाथ से का जिक्र होते ही रोमिल बोहरा की आखों के सामने आज भी वो दर्दनाग तस्वीरे तैरने लगती
09:26हैं
09:26अधजली लाशी, शत्विक्षत शरीर हर तरफ तबाही का मन्सर
09:32अभी मतब मेरी फैमिली का हाल तो पुरा तूट चुका है
09:36सब भी खर गया है
09:41सब कुछ तूट चुका है
09:43और मेरे ब्रदर की देथ के बाद
09:46अप्रक्स अफ्टर 20 डेस मेरे ब्रदर का एक बेवी बॉइ बॉइ बॉइन हुआ
09:50जो उसकी ड्रीम थी कि उपर अलड़ी उसको दो बेटिया थी उसमें से एक बेटी चली गई
09:55दो बेटिये के बाद उसके बेटे की ख्वाईस थी जो उपर वाले ने पूरी की लेकिन भाई उसको देखने के
10:01लिए नहीं रहा
10:02और जो बेटा है जिसका नाम अब्दुल्ला है वो भी अपने बाप को कभी भी देखनी पाएगा
10:08परवेज वहराज चार साल से लंडन में सेटल थे हादसे से दस दिन पहले ही वो अपनी पाथ साल की
10:14बेटी के साथ माता पिता से मिलने वतन लोटे
10:16मगर ये किसे पता था कि मुलाकात उनकी आखरी मुलाकात बन जाएगी
10:22जैसे तो उपरवाले ने थोड़ा संकेत दिया हो ऐसा हुआ था हमारे पास
10:26जैसे के 11 तारिक को 11 जुन 2025 को रात को लेट नाइट मेरे पापा के पास मेरा भाई परवेज
10:35बैठा हुआ था घर पे
10:37तो उसने पापा को ऐसा भी बुला कि पापा मैं अकल जा रहा हूं पिर कभी भी अब वापस लॉट
10:42के नहीं आऊँगा तो पापा नहीं ऐसा भी बुला कि तू क्यों चला जावाए है तो उससे पहले उपरवाला मुझे
10:48ले ले ले वे फिर दूसरे दिन एरपर बेभी मेर
11:06हाथसे के वक्त परवेज वहरा की पतनी लंदन में गरवती थी परवेज के अंतिन संसकार के कुछ दिन बाद उनकी
11:12पत्नी ने एक बेटे को जन्ड दिया मगर पती और मौसूम बेटी को खो दिया एक साल बीच जाने के
11:18बाद भी पेड़ित परवारों के मन में ये सवाल है
11:21कि आखिर इस हादसे का जिम्मदार कौन है
11:2412 जून 2025 के दिन एहमदाबाद से लंडन जा रही
11:28एर इंडिया की फ्लाइट जो है वो क्रेश हुई थी विजे मेडिकल होस्पिटल के कैमबस में
11:33जिस तरह से ये हादसा हुआ था
11:35260 लोगों की इस हादसे में मौत हो चुकी थी
11:39उसमें से कई परिवार जो थे वो खेडा जिल्ले के रहवासी थे
11:42उसमें से जो इस फ्लाइट में सवार थे परवेज वौरा
11:45वो खिराजिले के रहवासी थे परवेज वोरा के साथ उनकी बच्ची और उनकी मौसे भी इसी फ्लाइट में सवार थी
11:52लंडन जाने के लिए उनकी भी इस हादसे में मौत हो चुकी है
11:55हम आज एक साल इस घटना को होने आया है आज तक की टीम परवेज भाई के घर पर पहुँची
12:00परवेज भाई के घर पर उनके भाई रोमिल वोरा से बात की रोमिल वोरा का कहना है कि एक साल
12:06होने को आया है जिस तरह से यह हादसा हुआ अभी तक इस हादसे की जो घटना है वो
12:13आंकों से बाहर नहीं जारे, मतलब याद बहुत ही ऐसी जो घटना है, वो भुला नहीं पा रहे हैं, कुश्ञे
12:19सालाथ में उनके जो भाई की बॉड़ी मिली थी, जो भतीजी थी, और जो मौसे की जो बॉड़ी मिली थी,
12:24वो देखने भी लायक नहीं थी, और अभी भी यह ज
12:41जीवित बचपाई थे मगर दीव के ही चौधा लोगों ने इस हाथसे में अपनी जान गवाई इन्हीं में एक नाम
12:47थे फैजान
12:56इसके नानिमा के पास रजा लेकिए आया गाया आखी जन नाहीं के जाना है मेरे मां चेना मेरे गरवाले के
13:09साध्यका है
13:24नियमों के अनुसार किसी भी प्लेन हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट बारह महीने की भीतर जारी की जानी चाहिए
13:30लेकिन इस मामले में जांच अभी पूरी नहीं हुई है
13:33इसलिए अभी तक ग्रैश की वजह की फार्नल रिपोर्ट जारी नहीं की गई
13:38भारत के एरक्राफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की शुरुवाती रिपोर्ट में पाया गया
13:43कि टेक ओफ के तुरंट बाद प्लेन के दोनों फ्यूल स्विच कट ओफ पॉजिशन में चले गए थे
13:48जिसे एंजन तक फ्यूल की सप्लाई बंद हो गए आज तक ब्यूरो
13:56एहमदाबाद सिविल ऑस्पिटल के सुप्रिटेंडिन डॉक्टर राकेश जोशी ने इस हाथसे को खरीब से देखा
14:01और उस समय एहम जिमेदारी भी निभाई
14:03डॉक्टर राकेश जोशी ने आज तक से बाचीत करते हो इस दिन की यादे साजह की
14:08उन्होंने बताया कि हाथसे के तुरंट बाद महां कैसे माहौल था
14:11और इतनी बड़े हाथसे के बाद कैसे सब ने मिलकर काम किया
14:1512 जून 2025 के दिन आएमदाबाद के मेगाणी नगर में एर इंडिया का प्लेन क्रेश हुआ
14:20जिसमें 260 लोगों की मौत हुई
14:22इसी मुद्धे पर बादचीत करने के लिए हमारे साथ
14:24आएमदाबाद सिविल हॉस्पिटल के सुप्रेड़न डॉक्टर राकेश जोशी जी मौजूद है
14:28उन्ही से बात करेंगे
14:29सर एक साल होने आ रहा है इस दुरगटना को
14:32और 260 लोगों की इसमें मौत हो गई
14:34लेकिन जस दिन ये हादसा हुआ
14:36सिविल अस्पिताल का इस पूरे हादसे के दौरान बहुत ही एहम रोल रहा
14:42आपको कब पता चला इस हादसे के बारे में
14:44उस वक्त आप कहां पे थे और किस प्रकार से आपने आगे का पूरा
14:48जो मेडिकल को लेकर आगे पूरी प्रक्रिया करनी थी आपने उसे मैनेज की
14:55आपकी बाद सही है बारा जुन 25 को याद करता हूँ तो वो भयानक हादसा
15:00दिमाग में पूरा ऐसे लग रहा है कि जैसे उसको मैं देख रहा हूँ
15:04मेरे लिए वो दीन तो नॉर्मल ही था लंबी मेजर सर्जरी लेकर ऑपरेट कर रहा था
15:09करीबन पौने दो बजे मैरे चीप सिक्रेटी ओफिसर का कॉल आया
15:13कि सर हमारे क्वार्टर साइड पे बहुत बड़े आग के दुए दिख रहे है
15:18शायद कुछ आग की घटना बनियों ऐसा लग रहा है
15:20तो मैंने बहुत आप चेक करके बताइए और विदिन फ्यू सेकंड्स फिर कॉल आया
15:24कि सर प्लेन क्रेश है मैंने बहुत फिर से बोलो बहुत प्लेन क्रेश है
15:41और बीच में सब को कॉल कर दिया कि जितने भी डॉक्टर्स फ्री है
15:44वो सारे ट्रॉमा सेंटर पहुंच जाए
15:46क्लास वन से क्लास फोर तक जितने लोग भी अवलेबल है उनको वहाँ बेजने के लिए
15:51क्योंकि क्वार्टर्स के एरिया में हुआ था
15:53इंटरनेशनल फ्लाइट थी तो एक्सपेक्ट कर रहे थी कि बहुत सारे मरी जाएंगे जो इंजड लोग आएंगे
15:58खास करके आप लोगों ने दिन रात महनत की और उसका परिणाम था कि बहुत ही कम वक्त में आप
16:03लोगों ने
16:04जो भी आप लोगों की तरफ से हो सकता था वो पूरा किया डेट बोडी की पहचान की और परिजनों
16:10को सौपा
16:10लेकिन कई सारे ऐसे भी परिजन थे जिनके लिए स्विकार कर पाना कि उनके परिजन जो की विदेश जा रहे
16:17थे उनकी मौत हो गई
16:18उनकी बोडी पहचानी नहीं जा सकती थी ऐसे में डिये ने करना मजबूरी था डिये ने रिपोर्ट जब आ भी
16:23गया तो परिजनों को समझाना कितना आसान रहा क्योंकि बहुत मुश्किल था वो वक्त
16:27आपकी बात सही है बहुत ही difficult situation इसलिए होता है कि जब आपको एक बार पता चल जाता है
16:33कि आपका स्वजन का death हुआ है
16:34और उनके लिए matching करना है और matching process एक process है जो immediately नहीं हो सकती है और सबके
16:41लिए नहीं हो सकती है
16:42वो जैसे ही DNA वो लोग match करते हैं तो धीरे धीरे करके ज्यादा match होने लगते हैं मनलब शुरू
16:48में कम होंगे जिसमें बहुत सारे profile के साथ match करना होता है
16:51तो ये एक complex scientific process है बट relative के तरफ से हम सोचे तो उनको ऐसा होता है कि
17:01जितना जल्दी हो सके हमारा match हो
17:04अब इस बात को एक साल पूरा हो रहा है तब फिर लोग यहीं उम्मीद कर रहे हैं कि ये
17:09जो भावर हादसा था कभी भारत में लेकिन विश्यों में दोबारा नहों
17:13कैमरा परसें साहिद आलम के साथ दतुलती बारी आज तक एहमदबाद
17:18खोड़ा जिले के नाडियाड में वीजा और वर्क पामिट के नाम पर करोड़ रोपे की ठगी करने वाले बड़ी गिरोह
17:23का परदाफाश हुआ है
17:24नाडियाड पोलिस से लंबे समय से फरार चल रहे है इस गिरोह के मास्टर माइन सेल्विन रॉबर्ट मेकवान को गर
17:28अफतार कर लिया गया है
17:30आरोप यह है कि विदेश जाने की चाहत रखने वाली युवाओं को अपने जाल में फसाया करते थे
17:34फिर यह विदेश बेचने के नाम पर फरजी दस्तावेज तयार करके लोगों से मोटी रकम एंट लिया करता था
17:41पोलिस अब यह भी जाच कर रही है कि इस गिरोह के तार कहां तक फैले हुए है
17:46यह सेल्विन रोबर्ट मैकवान जो है कि उनकी एंजल ओवर्सीज करके कंपनी वह चलाते हैं बड़ो धाकेंगा जब इन दोनों
17:55की मुलाकात हुई तो वीजा और वर्क परमिट के बारे में जब बात हुई इसी सिलसले में
18:00कंप्लेन अंतने साथ लाग जैसी रकम यह सेल्विन भाई जैनम भाई और फ्रेडी भाई उनको लिए जी तो उसके बाद
18:08जब वीजा वर्क परमिट के बारे में जब उन्होंने पूचना चाहा था यह उनकी एंजल ओवर्सीज करके जो कंपनी है
18:16बड़ो धा में वह बहु
18:39कि इन दिनों पूरशोतम मास की धूम देखने को मिल रही है गांधी नगर के एक मंदिर में धार में
18:44कारिक्रम आयजुद किया गया था जहां गुजरात की मंत्री और भार्तिय क्रिकेटर रवींद्र जड़ेजा की पत्नी रिवाबा जड़ेजा भी पहुंची
18:52इस मौके प
18:56भगवान की पूजा आचना की फिरधार में कानुष्ठानों के बाद उन्होंने शद्धालूं के साथ गर्बा में भी हिस्सा लिया पारम
19:04पर एक संगीत की दुन पर ज़र्विवाबा ने गर्बा किया तो वहां मौजूद शद्धालू भी खोशी से जुम उठे दरसल
19:09ग�
19:11ज़र्वा के वले एक लोक निलते नहीं है बलके भक्ती और सामोहिक उत्सप का प्रतीख माना जाता है
19:18आज तक गुजरात में आज के लिए बस इतना ही लेकिन देश और दुनिया की तमाम बड़ी और रहम खबरों
19:22के लिए आप देखते रहेए आज तक
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