00:00अमेरिका जाने का सपना देखने वाले लाखो भारतिय युवाओं, इंजीनियरों और आईटी प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ी राहत की खबर
00:07सामने आई है
00:08डॉनल्ड ट्रम् प्रिशासन के उस विवादित फैसले को अमेरिकी अदालत ने रद कर दिया है जिसमें H-1B वीजा पर
00:15एक लाख डॉलर यानि की करीब 85 लाख रुपए की भारी फीस लगाने का प्रावधान किया गया था
00:22ये सिर्फ एक वीजा फीस का मामला नहीं था अगर ये नियम लागू रहता तो अमेरिका में नौकरी का सपना
00:27देख रहे हजारों भारतिया पेशेवरों के लिए रास्ता लगभग बंद हो सकता था
00:32लेकिन सवाल है कि आखे टरंप प्रिशासन H-1B वीजा को इतना महंगा क्यों बनाना चाहता था और अदालत ने
00:38इससे गैर कानूनी क्यों बताया
00:40सबसे पहले समझते हैं कि H-1B वीजा क्या है
00:46H-1B अमेरिका का वो विशेश वीजा है जिसके जरीए विदेशी कुशल पेशेवर अमेरिका में काम कर सकते हैं
00:53IT, Engineering, Healthcare, Research और Finance जैसे सेक्टर का इस वीजा पर काफी निर्भर है
00:58भारतिया पेशेवर H-1B वीजा के सबसे बड़े लाभारतियों में शामिल है
01:02Microsoft, Google, Amazon, Meta, Apple जैसी कमपनियों में बड़ी संख्या में भारतिया इसी वीजा के जरीए काम करते हैं
01:10तो अब आते हैं ट्रॉम्प की फैसले पर
01:12सितंबर 2025 में ट्रॉम्प प्रिशासन ने नए H-1B वीजा आवेदनों पर एक लाख जॉलर की अतरिक्त फीस लगाने का
01:19एलान कर दिया था
01:20इससे पहले जहां सामाने सरकारी फीस कुछ हजार डॉलर के दाइरे में रहती थी वही इस नई फीस को कई
01:25गुणा आधिक कर दी गई
01:26आलोचको का कहना था कि ये कदम विदेशी कुछल कर्मचारियों को हतोत्साहित करने और अमेरिकी कमपनियों को विदेशी प्रतिभाओं से
01:33दूर रखने की कोशिश थी
01:35ट्रॉम्प प्रिशासन का तर्ग था कि H-1B सिस्टम का वर्षों से दुरूप योग हुआ है
01:40उनका कहना था कि अमेरिकी नौकरियों को प्रत्मिक्ता दी जानी चाहिए और विदेशी कर्मचारियों की भरती को सिमित किया जाना
01:45चाहिए
01:46वाइट हाउस का दावा था कि ये कदम अमेरिकी श्रमिकों के हित में उठाया गया है
01:50लेकिन इसके खिलाफ कई राजियों, उद्योग संगठनों और कमपनियों ने अदालत का दर्वाज़ा खटकटाया
01:55मामला बॉस्टन की संगी अदालत पहुंचा जहां जज लियो सोरो की ने अतिहासिक फैसला सुनाया है
02:02अदालत ने कहा कि राश्टुपती है प्रिशासन अपने स्तर पर इस तरह की फीस नहीं लगा सकते
02:06क्योंकि ये वास्तों में एक टैक्स की तरह काम कर रही थी
02:09अमेरिकी सम्मिधान के अनुसार टैक्स लगाने का धिकार कॉंग्रस के पास है, राश्ट्रपदी के पास नहीं।
02:14अदालत ने साब कहा कि ट्रॉप प्रिशासन ने अपनी कानूनी सीमा का उलंगन किया है और ये फीस कानूनन वैदे
02:20नहीं है।
02:21इसके बाद अदालत ने इस नीती को पूरी तरह से रद कर दिया।
02:24इस पैसले का सबसे बड़ा सर भारतिया समुधाय पर बढ़ने वाला है।
02:27भारत दुनिया का सबसे बड़ा H1B वीजा टैलेंट सप्लायर है।
02:31भारतिया IT कंपनिया और अमेरिका ट्रेक कंपनिया हर साल हजारों भारतिया पेशेवरों को इसी वीजा के जरीए अमेरिका भेशती है।
02:38अगर एक लाख डॉलर की फीस लागू रहती तो कंपनियों के लिए नए कर्मचारियों को स्पॉंसर करना बेहत महगा हो
02:44जाता।
02:45इससे भारतिया इंजीनियरों, डॉक्टरों शोद करता हो और टेकनोलोजी प्रोफेशनल्स के अवसर कम हो सकते थे।
03:19अलाकि कहानी अभी पूरी तरह सिखत नहीं हुए।
03:21रिष्टेदार हैं जो एजबन भी वीजा का इस्तेमाल करने वाले थे या इसकी वज़े से डर रहे थे उन तक
03:25ये वीडियो ज़रूर पहुँचाएंगे।
03:26और देश-दुनिया के बाकी ख़बरों के लिए देखते रही वान इंडिया हैंदे।
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