00:00सर मेरा पहला सवाल ये है कि ये पटकथा लिख कौन रहा है आखिर जो कुछ टीमसी में हो रहा
00:06है
00:08धन्यवाद हो जी अगर पार्टी सांसदों की टीमसी सांसदों की बैठा कर घुपिंदर्यादो साब के घर हो रही है
00:18अगर टीमसी सांसदों के द्वारा लिखे जा रहे है पत्रों को भारती जन्ता पार्टी के नेता लोग बाकाजर उसको सावजनिक
00:28कर रहे हैं
00:30अगर टीमसी के नेता भारती जन्ता पार्टी के नेताओं के संपर्क में हैं
00:33पार्टीசों की संख्य को शोड़ना है और यए अनयास भी नहीं है
00:48कि ऐसी जिसके संख्याला हो भार्डी इंतपाटी को सूठ करता दूट approve है
00:59टी-अम्सी के सांसत पार्टी से तूट करके लोग सभा में और राज सभा में उनका समर्थन करें यह उनकी
01:08आज की जरुरूत है उनको जो अपने तमाम भी व्यादासमत बिलों को पास कराना जिसको पिछले दिनो वीपक्ष ने पास
01:17नहीं होने घिया तो उनको सांसतों क्या ह
01:28हो रहा, अभी चार मई को ही नतीजी आये थे, इतनी जल्दी, कुछ तो भरोसा रहा होगा ना, कुछ तो
01:35विश्वास रहा होगा, ममता बनर जी, अवशेक का इन विदायकों के साथ, इन सांसदों के साथ कोई रिष्टा तो रहा
01:42होगा ना, इतनी जल्दी कैसे मुभंग हो गय
01:45सवाल है आपका लेकिन जब सत्ता संस्थागत तरीके से पाटियों को तोड़ने लगती है तो यह चीजे काम नहीं करती
01:56आप महाराष्ट में का एक ना सिंदे साहब का दो-चार दिन का संपर्ग था बाला साफ ठाकरे साहब से
02:04एक ना सिंदे साहब बाला साहब ठाकरे के नजदी की लोगों में से रहें उधर ठाकरे से उनका कोई विवात
02:11नहीं था तोड़ गए तोड़ दिया भी जेपी ने प्रिसात लेके गई उनके नेताओं को जगह जगह सोक्षित रखा फिलेकर
02:18क्या यह पार्टी अलग हो गई औ
02:33कि 2019 में उद्धो वाली शुसेना अलग हुई थी बीजेपी से नतीजे आये थे महराज चुनाव के उसके बाद अपनी
02:40सरकार बनाई थी खुद उद्धो मुख्यमंतरी बने थे पहली बार ठाकरे परिवार में किसी व्यक्ति ने कोई पद्गरहण किया था
02:46लेकिन तीन साल �
02:48लग गे 2022 में आके पार्टी तूटी थी तीन साल तक धाई साल तक तो मुख्यमंतरी रही थे वो कोरोना
02:53पूरे काल में रहे थे मुख्यमंतरी वो लेकिन टीमसी में हम देख रहे हैं एक महिने के अंदर ही सब
03:00कुछ हो गया क्या इससे यह माना जाए कि इतने लोग थे वो सि
03:07अधर था इनके बीच में नहीं तूट पहले ही हो जाती एक सकते हैं यह बिलकुल आपका सकते हैं कि
03:15ममता बनर जी ने भी कोई पार्टी को संगठन के अधार पर संगठन को महुत मजबूत करने के थोड़े प्रयास
03:21किया उन्होंने भी इधर से उधर से लोगों को अपने प
03:39लिए विनेताओं में सद्रुगन सिना भी हैं बडी मजबूत्ती के साथ डटे वूत युसुप पठान मी खिलाड़ी है और उन्होंने
03:49एक एक दिन पहले बयान जारी किया खुद अपनी तरफ से बयान जारी किया उसका एक वीडियो जारी किया जिसम
03:57नहोंने कहा कि ममता ब
04:06कर दिया यह पूरी तरह सब्वे बुनियाद है उन्होंने बिल्कुल उस अपने वीडियो में नहीं कहा कि यदिमता पनर जी
04:13उसे कहते हैं पत छोड़ने के लिए इस्तिफा देने के लिए तब उनका रवया क्या होगा एक बार में कर्मवा
04:19मित्रा ने उनको ट्विट किया कि �
04:20अमित्रा जी नम बुला है उत्रण भाक्तिवी दिली पहुंच गए तो कोई एक समय विक्तिकत्र दोश है कोन किसके साथ
04:28जा रहा है कोन किसके साथ नहीं जा रहा है लेकिन अभी भी कम से कम इतने एक संस्थागत प्रयास
04:33करने के बहुशूद भी जो संख्या बलकल्स से मौ
04:39तरह नहीं है जिन लोगों के नाम आरहे हैं निश्टरुप से इस दो नाराज लोग हैं जिनकी नाराज़गी पहले से
04:47भी थी
04:47आप मा ये शेक रहां दू ररे शार वंड़व मधे ज crimin, कहलुआ शहार के स siento
04:58के अपने नाराज 0 8 mund आंप झाल हैं ए हम आपाने दिखिलाब
05:05आप मामले दर जाएं जाचे चल रही हैं संपत्तियों के को लेकर के शिकायते हैं उनको बचाने में लगे अगरा
05:11बात कीजिए कि जिसे खलीलु रामान साब
05:14जो मुष्यदाबाद के सांसद जी कितनी बार मतलब वह मैं मैं विधायगी बने वह सांसद दी लेकिन अगर सरकार आपके
05:24पीछे पड़ेगी तो बहुत मुश्किन होता है बचपान आप आप देखिए कि जब पार्टी की टूटन शुरू हुई तब आप
05:32गिर्फतरियां र�
05:44वाइदे किये हैं जो राजी के जनता से जुड़े हुए प्रात्विक मुद्दे है उनको सुझाने का और उन पर निड़े
05:52लेने का निड़े करती है पश्य मंगाल में क्या हुआ सरकार मनते ही टेम से नेता हुग गर्फतारियों की बात
06:02करें बड़ी ख़बर आईये सुनी
06:13वाला जो मामला है उसको लेकर क्या आपको लगता है कि ममता के परिवार पर कोई आच आएगी मतलब ऐसा
06:21कदम उठा सकते बीजेपी कि उनको थोड़ा बहुत परिशान नहीं का सामना करना पड़े लेकिन इससे मौका मिल जाएगा उन्हें
06:27विक्टिम कार्ट खेलने का या �
06:29नंदी ग्राम वाला दोहराने का नहीं को अभी चीनता नहीं तोड़ को तोड़ने के लिए किसी सीमा तक उसमें कोई
06:48सीमा नहीं आई है कि इसके आगे नहीं जाएगे
06:51लेकिन यह ज़रूर है कि मंता बनर जी के ऊपर अभी तक कोई कम से कम भ्रश्यचार का रूप लगा
06:56नहीं है उनके विरोधी उनके उपर भ्रश्यचार के आरूप नहीं लगा पाए उनके उपर भ्रश्यचार के आरूप है या नहीं
07:02है या नहीं है इसकी जनकारी हमें नहीं ह
07:05लेकिन मैंने कोई सार्जरिक ड्रोमें में कोई आरोप नहीं देगा, उनके विरोधी भी कोई उनको लेकर कोई ध्रशचार कारूप नहीं
07:12लगाते हैं, जो कुछ भी आरोप लगते हैं, वह विशेक बुनरजी पर लगते हैं, बिलकुल, ममता बुनरजी को आप इस
07:33मुद्धे
07:35का अंतर, उसमें भी अगर आप जो इस आयार की प्रक्रिया के तहट जिनों के नाम नवे लाक लों के
07:42नाम कट गए, 27 लाक लोग उसमें ऐसे हैं, जो तार्किक विसंगती के नाम परमदान से वंचित हो गए, तो
07:49आप पूरी प्रिश्रभूम में अगर इसका मुल्यांगन क
07:54करेंगे, तो ऐसा नहीं कि ममताबनर जी पूरी तरसे काड़िश कर दिया लोगों, हाँ, हाँ, पंदरस सल अगर सत्ता में
07:59रहेंगे, तो लोग दरास्त होंगी आप से, इसे आप बच थोड़ सकते हैं, लेकिन आप आज यह सित्ती हो गई
08:05है कि ममताबनर जी को कोई के लोग
08:22करवाई किये तो निशीत रुप से उसका लाव उनको मिल सकता, उनको सानबोत की सित्या तो इसका फैसला तो होता
08:31है, चुनाओ तो अभी कुछ है नहीं वहाँ, इसलिए अभी प्राथिक प्राथिक्ता बीजेपी की यही है, बनी हुए है, कि
08:38उनके सांसनों का समर्थन बी�
08:52कीमसी पर एक और सवाल है, बहुत सारे लोग ऐसा कह रहे हैं, जो कोलकाता में हैं, उनका कहना है
08:57कि अगर ममता बनेर जी ने अपने भतीजे को सियासी तोर पर आगे बढ़ाने का प्रयास ना किया होता, तो
09:03शायद उनकी पार्टी में ऐसी भगदर अभी नहीं मस्ती, क्यों
09:18की बीच-बीच में खबरे भी आती थी, जब इनकी सरकार थी तब भी आती थी, कि अब शेक अपना
09:23एक गुट है, युवा नेताओं का, वो अपनी मर्जी से बहुत कुछ करते हैं, और ये चीजे बहुत सारे नेताओं
09:28को अखर रही थी, जो पुराने नेता थी, जो 20 साल, 30
09:31साल, 40 साल से ममता के साथ थे, उनको लग रहा था कि ये नए लड़का अभी काया, जिसने ना
09:36पार्टी बनाती वक्त ममता के साथ था, वो कैसे इतने फैसले ले सकता है, क्या आपको लगता है कि भतीजे
09:42की वज़ा से भी बहुत कुछ जहलना पड़ रहा है ममता को अब, अ�
10:03अगर आप सत्ता के दबाव में इस्तिफा दे रहा है, तो अवशेक बुररजी का नाम तो बहाना है, जिन लोगों
10:09को, अगर क्या आज अवशेक बुररजी को ममता बुररजी अपनी पार्टी से अलग कर दें, या उनको जो राष्टी महासरश्यों
10:15का दर्जा दी हुई है,
10:16या संसंदी नेता बना के रखा हुआ, उसे अलग करें तो पार्टी में टूटा रुख जाएगे, यह केवल एक एक
10:23नरेटिव बनाने के कोईश होती है, आप सोचिए ने जबहार सरकानी इस्तिफा दे दिया, दे दिया नासमा से, कि नहीं
10:30नहीं रहेंगे, सुमिन दुकार
10:44आज प्रदेश के मुक्यमंत्री है, जो कोई भी इस बात को कह रहा है, जिसके शेकरंदु रेशा आपको यह शिकायत
10:50है, तो इस्तिफा दे सकते हो, आज बैनान का मैं प्रणा हो, कि अगर मैं श्तिफा पले दे दिया हो,
10:55तो मरी रत्या हो जाती, यह एक शेकरंदु रेशा
11:14को दबाव है, या बीजेपी की तरफ सहम को आकरशन भिया गया है, आप सोगत राज साब का बैन पढ़
11:19लेजे, सोगत राज साब ने तो खुल के कहा है, तो उनको बीजेपी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया
11:24था, जिसको उन्होंने का मना कर दिया, तो यह इस तरह
11:29के सित्या हर जगह है,
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