00:00So walk around the office.
00:30Okay, so let's go to the ghera in the screen.
00:32The screen shows that this number will probably be many people in the world.
00:35But the truth is, in today's time, every 4-3 people,
00:39sometimes performance anxiety or very fast climaxes come from the state.
00:44Just think, 4-3.
00:46This is a good thing to see after watching this,
00:48that no one is going to be clean or not.
00:53This is a very popular thing.
00:55This is a very popular thing.
00:56या टैबू की तरह देखने के बजाए एक बहुत ही सामान्यम मानविये
00:59और शारिरिक प्रतिक्रिया के रूप में समझना बहुत ज़रूरी है
01:02दरसल इंटिमेसी का ये दबाव अकसर एक अद्रिश्य बोज की तरह काम करता है
01:07ये तब और भी जादा बढ़ जाता है जब पार्टनर्स लॉंग डिस्टिंस रिलेशन्शिप में होते हैं
01:12या फिर अपनी व्यस्त जिन्दगी के कारण काफी समय बाद एक दूसरे के करीब आते हैं
01:17महीनों बाद मिलने की उमीद हैं और एकसाइटमेंट इतनी जादा होती है कि दिमाग में पहले से ही एक पूरी
01:23स्क्रिप्ट चलने लगती है
01:24इस भारी मानसिक प्रत्याशा यानि एंटिसिपेशन की वज़े से शरीर में स्वाभाविक रूप से एक तनाव पैदा होता है
01:31और सच कहें तो यही तनाव अंततह उस खास पल पर हावी हो जाता है
01:35और यह बहुत ही शांदार तरीके से दर्शाता है कि उस वक्त हमारे शरीर के अंदर असल में क्या चल
01:41रहा होता है
01:42यह बिलकुल एक बायोलोजिकल रस्सकशी की तरह है
01:45एक तरफ है सेरोटोनिन जो हमारा फील गुड, आनंद और उत्तेजना का हॉर्मोन है
01:51और दूसरी तरफ है कॉर्टिसॉल, जो सीधा सीधा स्ट्रेस या तनाव का हॉर्मोन है
01:56जब पर्फॉर्मेंस का वो मानसिक दबाव बढ़ता है
01:59तो शरीर खत्रे का अलाम बजाते हुए कॉर्टिसॉल रिलीज कर देता है
02:02और यही तनाव वाला हॉर्मोन तुरंत सेरोटोनिन के रास्ते को ब्लॉक कर देता है
02:06नतीजा, उत्तेजना अचानक से खतम हो जाती है
02:10और शरीर का वो जो एक नाच्रल फ्लो है, वो पूरी तरह बाधित हो जाता है
02:14इसलिए अगर जल्दी स्खलित होने की स्थिती बनती है
02:17तो उसे किसी कमी के रूप में बिल्कुल नहीं देखा जाना चाहिए
02:20असल में यह सिर्फ ओवर स्टिमूलेशन यानि अत्यथिक उत्तेजना का परिणाम है
02:24जब भावनाये अपने एकदम चरम पर होती है, शरीर का तापमान बढ़ता है
02:28और दिमाग में बहुत ज्यादा एक्साइटमेंट होती है
02:31तो शरीर का तंत्री का तंत्र यानि नर्वस सिस्टम बस अपनी एक स्वाभाविक प्रक्रिया दे रहा होता है
02:36ये अत्यतिक गर्मी और emotional build-up के कारण होने वाला एक पूरी तरह से प्राक्रितिक biological response है
02:43बस और कुछ नहीं
02:45आगे बढ़ते हैं अपने अगले हिस्से की तरफ
02:47फोर प्ले का जादू
02:48ये जो कोट आप देख रहे हैं
02:50ये अपने आप में पूरी कहानी बया कर देता है
02:53intimacy, पूरे शरीर और दिमाग को शामिल करने के बारे में है
02:57ना कि केवल performance के एक single moment के बारे में
03:01serotonin के स्तर को लंबे समय तक बनाये रखने के लिए
03:04partners के बीच एक full body experience होना चाहिए
03:07असली connection का मतलब सिर्फ कोई एक शारिरिक क्रिया करके
03:11खतम कर देना नहीं है बलकि दोनों partners का
03:14संपूर्ण मानसिक और भावनात्मक रूप से एक दूसरे से जुड़ना है
03:18जब इस नजरिये से intimacy को देखा जाता है
03:21तो performance की सारी चिंताएं खुद बखुद छूमंतर हो जाती है
03:24अब इस slide के बारे में जो सबसे दिल्चस बात है
03:27वो ये है कि intimacy को सिर्फ एक हिस्से तक सीमित रखने के बजाए
03:32उसे पूरे शरीर तक कैसे फैलाया जाए
03:34होट, कान, गर्दन, हाथ और कंधे
03:37जब partners अपना ध्यान इन गैर जनांग स्पर्श बिंदूओं
03:41यानि non-genital touch points पर लगाते हैं
03:44तो दोनों के लिए एक बहुत ही गहरा और relaxing connection बनता है
03:48इससे होता ये है कि over stimulation का जो सारा pressure था
03:51वो तुरंत कम हो जाता है
03:53और आपसी विश्वास और एक गहरा प्यार पन अपने लगता है
03:56चलिए अब बात करते हैं कुछ बहुत ही practical mind और body तकनीकों की
04:01इसमें सबसे पहली और एकदम कारगर तकनीक है
04:05सौ से एक की उल्टी गिंती
04:07ये सुनने में बहुत साधारन लग सकता है
04:09लेकिन ये कमाल का काम करता है
04:11जब भी ऐसा महसूस हो कि उतेजना चरम पर पहुँच रही है
04:15और शरीर में बहुत ज्यादा heat या गर्मी महसूस हो रही है
04:19तो दिमाग को तुरंथ 100 से उल्टी गिंती
04:21जैसे 99, 98, 97 गिंने के काम में लगा देना चाहिए
04:26ये एक तरह की cognitive distraction तकनीक है
04:29उल्टी गिंती गिंने में दिमाग को थोड़ी महनत करनी पड़ती है
04:33जो हमारे ब्रेन को उस autopilot मोर से बाहर निकाल कर
04:36शरीर की अत्यधिक गर्मी से तुरंथ दूर ले जाता है
04:39अगली जो एहम तकनीक है वो शारीरिक है
04:42कीगल exercise
04:44बहुत से लोगों को लगता है कि ये सिर्फ महिलाओं के लिए है
04:47लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है
04:49पुरुशों के लिए भी ये pelvic floor की मांस्पेशियों को मजबूत बनाने का
04:53एक बहुत ही शांदार तरीका है
04:55इसका सही अभ्यास करने के लिए
04:58बस urine के प्रवाह को
04:5910 से 15 सेकंड के लिए रोकने वाली
05:01मांस्पेशियों की पहचान करके
05:03उन्हें सिकोडना होता है
05:04जब नियमित रूप से इसका भ्यास किया जाता है
05:07तो पुरुशों को अपनी शारिरिक उतेजना पर
05:09बहुत ही बहतरीन कंट्रोल मिलता है
05:12तो यहां सबसे एहम बात यह है
05:14कि माइंडसिट के अलावा
05:16हमारा बहरी वातावरन और खान-पान भी
05:18एंग्जाइटी को कम करने में
05:20एक बहुत बड़ा रोल निभाते हैं
05:22शहद या डाक चॉकलेट जैसी चीज़ें
05:25बहुत ही बहतरीन है
05:26क्योंकि ये शरीर को तुरंत वो एनरजी देती है
05:28जो स्टैमिना बनाया रखने के लिए जरूरी है
05:31और दूसरी तरफ
05:32बस कमरे के दरवाजे और खिड़कियां बंद करके
05:35एक पूरी तरह से सुरक्षित और प्राइविट स्पेस बनाने भर से ही
05:39दिमाग शांत हो जाता है
05:40और कॉर्टिजॉल का अस्तर एकदम से नीचे गिर जाता है
05:43अब हम अपने आखरी लेकिन सबसे एहम हिस्से पर आते हैं
05:47रोमैंटिक कनेक्शन को नए सिरे से समझना
05:50ये 15 मिनिट रिसेट का कॉनसेप्ट एक तरह से गेम चेंजर है
05:54देखिए, अगर किसी भी कारण से उत्तेजना जल्दी खतम हो जाती है
05:58तो उसे गेम ओवर या कोई विफलता मानना बिल्कुल गलत है
06:02असल में बायोलोजिकली ये एकदम नॉर्मल है
06:0515 मिनिट का ये जो रिफ्रैक्टरी पीरियड होता है
06:07ये एक reset time की तरह काम करता है
06:10इस समय को शर्मिंदगी या चिंताओं में बरबात करने के बजाए
06:13इसका इस्तमाल एक दूसरे के करीब रहने, बात करने
06:17और emotional bonding को और मजबूत करने के लिए किया जाना चाहिए
06:20क्योंकि सच तो यही है कि intimacy एक लगातार चलने वाला connection है
06:24कोई one time race नहीं
06:26तो इस पूरी चर्चा के अंत में एक बहुती गहरा सवाल सामने आता है
06:29जिस पर विचार करना चाहिए
06:31क्या होगा अगर modern relationships में जो ultimate goal है
06:34उसे performance के चश्मे से हटा कर
06:36पूरी तरह से आनंद और connection पर shift कर दिया जाए
06:39जब bedroom के अंदर साहन उभूती
06:41एक लगातार चलने वाला romance और थोड़ा सा ध्यारे लाया जाता है
06:45तो वो जो performance की चिंता होती है
06:47वो अपने आपी हमेशा के लिए खत्म हो जाती है
06:49इसी विचार के साथ हमारा आज का ये visualization यहीं समाप्त होता है
06:53ये सोचना वाकी दिल्चस्प है कि सिफ अपना नजरिया बदल लेने से
06:57कोई भी रिष्टा कितना मजबूत और सुखत बन सकता है
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