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  • 7 months ago
असम के शहरों और गांवों में माघ बिहू का उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. उत्सव की शुरुआत मेजी जलाने के साथ हुई. लोग बांस, पुआल और लकड़ी से मेजी तैयार करते हैं, फिर उसके चारों ओर खड़े होकर उसे जलाते हैं. अच्छी फसल के लिए प्रकृति को धन्यवाद देते हैं. गीत गाकर उसका आभार जताते हैं और खुशियां मनाते हैं.  यह उत्सव नए फसल चक्र के शुरू होने का भी प्रतीक है. लोगों में अलग तरह का उत्साह होता है. नए कपड़े पहनकर और अच्छे-अच्छे पकवान के साथ लोग खुशियां मनाते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.मकर संक्रांति का पर्व पूरे देश में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है. कहीं इसे मकर संक्राति तो कहीं पोंगल, कहीं बिहू तो कहीं लोहिड़ी के नाम से मनाया जाता है. यह प्रकृति के साथ-साथ जीवन नए बदलाव का संदेश देता है. 

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Transcript
00:00असम के शहरों और गाउं में माग बीहु का उत्सव पूरे उत्सव के साथ मनाये जा रहा है।
00:30हम लोग का जो दूख संकत है वो पूरे साल के लिए नाख हो जाए इसी का मनुका मना लेके लोग यहाँ पर उचापन करते हैं मेजी में आग लगाया करते हैं।
00:49यह उत्सव नए फसल चक्र के शुरू होने का भी प्रतीक है।
00:53लोगों में अलग तरहा का उत्सव होता है।
00:56नए कपड़े पहन कर और अच्छे अच्छे पकवान के साथ लोग खुशिया मनाते हैं और सुक सम्रिध्धी की कामना करते हैं।
01:04दिब्रुगढ़ों या शिवसागर या फिर गुवाहाटी हर जगा एक जैसा उत्सहा देखा जा रहा है।
01:12शिवसागर पुलिस लाइन में रह रहे करमचारियों और अधिकारियों ने भी मेजी जलाई और गर्म जोशी से भाईचारे का इजहार किया।
01:22वहीं गुवाहाटी में भोगरी बिहु पर्व के अवसर पर लोग प्राचीन लतासील गणेश मंदिर में इखटा हुए और मेजी जलाकर भगवान से सुक सम्रिध्धी मांगी।
01:51पर्व पूरे देश में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। कहीं इसे मकर संक्रांती, तो कहीं पोंगल, कहीं ब्यूहू, तो कहीं लोहीडी के नाम से मनाया जाता है। ये प्रकृती के साथ-साथ जीवन में नए बदलाव का संदेश देता है।
02:09Bureau Report, ETV, Bharat
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