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वैश्विक_व्यापार__HS_कोड्स
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00:00Global Trade और HS Codes
00:01दरसल, जो भी independent creators या e-commerce merchants अपना सामान पूरी दुनिया में बेचना चाहते हैं,
00:08उनके सामने एक अजीब सा technical term बार-बार आता है.
00:12और सच कहूं, तो यही term international shipping की read की हड़ी है.
00:15आज हम समझेंगे की कैसे एक छोटा सा code इस पूरी Global Trade की उल्जन को बिल्कुल सुलजा देता है.
00:22चाहे वो एक छोटा सा coffee mug हो या फिर लकडी का कोई भारी भर कम furniture.
00:27तो चलिए बिना समय बरबाद किये सीधे मुद्धे पर आते हैं.
00:30चलिए international shipping के एक सबसे बड़े रहस्य के बारे में सोचते हैं.
00:34जब कोई pack किया हुआ, बिल्कुल sealbund box किसी दूसरे देश के border पे पहुचता है,
00:39तो वहाँ खड़ा custom officer, उस box को बिना खोले, एक second में कैसे पहचान लेता है कि अंदर आखिर
00:45है क्या?
00:45रोजाना नजाने कितने करोडो packages borders पार करते हैं, है न?
00:49अब हार एक डब्बे को खोल के चेक करना तो मतलब practically नामुम्किनी है?
00:53तो यहीं पर entry होती है physical goods की एक global language की.
00:57एक ऐसी भाशा जिससे दुनिया का हर custom department आसानी से समझता है.
01:01और यही सवाल हमें international trade के सबसे basic पर सबसे जरूरी system की तरफ ले जाता है.
01:07ठीक है, अब इसकी थोड़ी गहराई में जाते हैं.
01:10इस रहसे का जवाब है HS code यानि harmonized system code.
01:14असल में ये world customs organization द्वारा बनाया गया एक worldwide product classification system है.
01:19अगर और भी आसान शब्दों में कहें,
01:21तो ये किसी भी product के लिए एक जरूरी passport की तरह काम करता है.
01:25जैसे border power करते वक्त एक इंसान को अपनी पहचान दिखानी पड़ती है,
01:29बिल्कुल वैसे ही हर product को एक specific number वाला code दिया जाता है.
01:33इस system की वजह से custom officers को बिना box खोले ही बिल्कुल सठीक जानकारी मिल जाती है कि क्या
01:40import या export हो रहा है.
01:41सच में बस ये एक code उस पूरे product की कुंडली निकाल कर रख देता है.
01:46अब एक number है जो सच में बहुत बहुत ज़ादा important है और वो है 6.
01:52दुनिया के किसी भी कोने में चले जाएं, इन codes के पहले 6 digits ग्लोबल लेवल पर बिल्कुल स्टेंडर्ड होते
01:58हैं.
01:58इसका मतलब ये है कि किसी भी product को पहचानने के लिए ये 6 digits एक universal बेस तयार कर
02:04देते हैं.
02:04अब पार्सल चाहे जापान जा रहा हो या फिर जर्मनी, ये पहले 6 digits बिल्कुल नहीं बदलते.
02:10ये एक ऐसी चीज है जो पूरी दुनिया के custom officers को एक ही page पर रखती है, जिससे import
02:15और export होने वाले समान की पहचान करना बिल्कुल smooth और accurate हो जाता है.
02:20अब यहां गौर करने वाली और सबसे दिल्चस्प बात ये है कि हमारी रोज मर्रा की चीजें इस नंबर वाले
02:26system में आखिर कैसे बदल जाती हैं.
02:29उदारण के लिए cotton टी-शिर्ट को ही ले लीजिए.
02:31इसका code है 6109.10, वहीं dog bed का code 9404.90 है.
02:38अगर कोई ceramic माग या लकड़ी का furniture भेज रहा है, तो उनके भी अपने बिल्कुल अलग और specific 6
02:44-digit वाले codes हैं.
02:45तो इस harmonize system में हर एक physical item की अपनी एक fix जगा और एक fix नंबर है.
02:50पूरी दुनिया के products को इस तरह से organize करना वाकई एक बहुत ही शानदार और सटीक तरीका है.
03:21अगर ये code package पर नहीं है या गलती से गलत लिख दिया गया है, तो समझे उस package का
03:27आगे का सफर वहीं पर पूरी तरह से थम सकता है.
03:30बिना सही HS code की जो results आते हैं न, वो वाकई बहुत गंबीर हो सकते हैं.
03:35सबसे पहली चीज, custom clearance में बहुत लंबा delay हो सकता है, package हफ्तों तक border पर ही अटका रह
03:41सकता है.
03:41दूसरा, गलत duty या extra charge लग सकता है, जिससे खरीदने या बेचने वाले को तगड़ा financial नुकसान जहिलना पड़ेगा.
03:49और सबसे खराब situation में क्या होता है?
03:51shipment को पूरी तरह से रोका जा सकता है, या reject करके वापस भी भेजा जा सकता है.
03:56सीधी सी बात है, एक सही code के बिना product का सफर वहीं break मार लेता है,
04:01जो e-commerce merchants के लिए एक बहुत बड़ा सिरदर्द बन जाता है.
04:04खैर, अभी तक तो हमने सिर्फ theory की बात की, अब थोड़ा इसके practical side पर focus करते हैं,
04:09और देखते हैं कि real world में physical और digital products international borders को आखिर कैसे cross करते हैं,
04:15इन दोनों का जो सफर है न, वो एक दूसरे से बिलकुल अलग होता है,
04:19और custom की नजरों में दोनों को judge करने का तरीका भी जमीन आसमान का अंतर रखता है.
04:24और ये बात इस चीज़ को बहुत शांदार तरीके से दिखाती है,
04:27कि कैसे दो अलग-अलग products के सफर में इतना बड़ा अंतर आ सकता है.
04:32एक तरफ अगर snow puff, orthopedic dog bed जैसा कोई physical product US भीजा जा रहा है,
04:37तो उसको एकदम सटीक HS code चाहिए ही चाहिए.
04:40कस्टम वाले इस code को देख कर ही import duty, extra charges और entry के rules तैय करेंगे.
04:46इस पर भारी monitoring होती है.
04:47पर दूसरी तरफ, digital AI prompt bundles जैसी चीज़ें लिलीजे,
04:51जो completely digital हैं और physically ship नहीं होती.
04:55ये चीज़ें बिना किसी custom hurdle के सीधे customers तक पहुँच जाती हैं.
04:58तो basically, HS codes का पूरा concept मुख्य रूप से,
05:02सिर्फ उन physical goods के लिए हैं जो borders cross करते हैं.
05:05चलिए, इस पूरे process को एक real life कहानी से और अच्छे से समझते हैं.
05:10मान लीजे, इंडिया से एक handmade coffee mug युनाइट स्टेट्स भेजा जा रहा है.
05:14अब जैसे ही ये mug अमेरिकी border पर hit करता है,
05:17custom offices सबसे पहले इसके HS code से product इपहचान करेंगे.
05:21उसके बाद, उस specific handmade mug के हिसाब से उसकी duty या import tax तै किया जाएगा.
05:27और जब ये सब clear हो जाता है न, तब ही उसके import का असल आगे का process शुरू होता
05:32है.
05:32ये छोटी सी कहानी बिल्कुल clear कर देती है कि वो एक नन्ना सा code किसी भी physical item के
05:38international सफर को कैसे guide करता है.
05:41अभी हमने US आने वाले एक coffee mug का उधारन देखा,
05:45पर जब सामान specifically अमेरिका में enter करता है न,
05:48तो वहाँ एक नई तरहां की local complexity जुड़ जाती है.
05:51अभी एक ऐसा point है जहाँ ध्यान देना बहुत जरूरी है.
05:55इस नई complexity को कहते हैं HTS code यानि harmonized tariff schedule.
06:01होता क्या है कि international level पे जिसे six digit का HS code माना जाता है,
06:06वो US आते ही थोड़ा और detail में चला जाता है.
06:09पहले छे digits तो वही worldwide वाले रहेंगे,
06:12लेकिन American custom वाले उसके आगे कुछ extra digits और जोड़ देते हैं.
06:16इन extra digits का काम है बिलकुल सटीक tariff rates,
06:20trade restrictions और import की specific requirements का पता लगाना.
06:25एक तरह से देखा जाये तो,
06:27ये HTS code, custom clearance की एक advanced और ज्यादा deep layer का काम करता है.
06:32अब ये सब सुनने में थोड़ा overwhelming या complex लग सकता है.
06:36लाखो products और उनके उतने ही लंबे-लंबे codes.
06:39लेकिन अच्छी खबर ये है कि e-commerce की इस modern दुनिया में technology काफी आगे निकल चुकी है.
06:45बहुत सारे platforms अब creators और merchants की मदद के लिए artificial intelligence यानि AI का use कर रहे हैं,
06:51ताकि products का classification आसानी से हो सके.
06:54चलिए देखते हैं कि ये step by step आखिर कैसे काम करता है.
06:58अगर HC के tariff calculator की बात करें, जिसे zone उस power करता है,
07:03तो एक creator को बस line से कुछ जानकारी देनी होती है.
07:06सबसे पहले product का नाम enter करना है,
07:08फिर उसका थोड़ा सा description अड़ करना है,
07:10उसके बाद सबसे main चीज बताना होता है कि वो किस material से बना है,
07:15और आखिर में product के use करने का purpose क्या है.
07:18ये सारी details मिलने के बाद,
07:21AI automatically एक possible HS या HTS code सजेस्ट कर देता है.
07:25Merchants के लिए ये sequence वाली अप्रोच सच में life saving हो सकती है.
07:29लेकिन ठहरिये,
07:31यहां एक बहुत बड़ा catch है.
07:33AI के suggestions मददगार तो जरूर होते हैं,
07:36पर वो हमेशा 100% perfect नहीं होते.
07:39इसको इस example से पकड़ते हैं.
07:41माल लीजे कि लकडी का बना कोई premium luxury pet furniture बेचा जा रहा है.
07:46अगर AI में detail लाली,
07:47तो हो सकता है कि वो AI system उसे किसी standard कपड़े वाले dog bed की category में डाल दे.
07:53जबकि असलियत में लकडी से बने furniture पर custom का बिलकुल अलग classification और code लगता है.
07:59लकडी और कपड़े जैसे materials के बीच का यह जो बारीक सा अंतर है ना,
08:03बस यहीं पर AI से चूक हो सकती है.
08:06तो यहाँ सबसे अहम बात यह निकल कर आती है कि HS या HTS code बिलकुल सही हो.
08:12यह ensure करना end of the day एक seller की ही जिम्मेदारी होती है.
08:16ITC जैसे platforms यह clear करके चलते हैं कि AI tools सिर्फ एक helping hand है.
08:21जो आखरी फैसला और human oversight है, वो ही ultimate gate की पर है.
08:25एक merchant के तौर पर यह देखना कि product का code उसके material और use के हिसाब से बिलकुल accurate
08:30है.
08:31यह किसी machine का नहीं, बलकि बेचने वाले का अपना काम है.
08:35अगर इन सारी बातों को एक साथ जोड़ा जाए, खासकर pet products के business के लिए,
08:39तो सही HS code होने से international shipping मखन की तरह smooth हो जाती है.
08:44फिर चाहे inventory में dog beds हों, pet cushions हों, blankets हों या फिर mats.
08:49अपना समान export करने से पहले ही, अगर catalog में उनके correct HS codes identify करके डाल दिये जाएं,
08:55तो custom की tension लगभग खतम हो जाती है.
08:58सटीक codes, sellers को control देते हैं और उनके business को बिना रुकावट आगे बढ़ने में मदद करते हैं.
09:04तो इस पूरे analysis के आखिर में, एक सवाल है, जिस पर हर e-commerce merchant को गहराई से सोचना
09:11चाहिए.
09:11क्या products के वो catalogs, वाकई international borders को बिना किसी रुकावट के cross करने के लिए पूरी तरह तयार
09:17हैं,
09:18या फिर इस global success को बस किस्मत के भरोसे और AI के उन आधे अधूरे suggestions के साहरे छोड़ा
09:24जा रहा है.
09:24क्योंकि याद रखिए, सही तयारी और exact information ही global trade की इस दुनिया में आगे बढ़ने का सबसे बड़ा
09:31master stroke है.
09:32तो अगली बार ship करने से पहले उन courts को एक बार और जरूर चेक कीजेगा.
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