00:28रात का समय था।
00:30रात कुछ शुरू हुआ समुद्र की गर्जना से गुजरात के तट पर खड़ा था सोमनाथ लेकिन उसके पीछे छिपा था
00:37एक भयानक श्राप चंद्रदेव जिनकी रौशनी दुनिया को शीतलता देती थी प्रेम में इतने डूब गए कि बाकी पत्नियों को
00:46भूल बैठे क
00:47रोधित दक्ष ने श्राप दिया और चंद्रमा धीरे धीरे खत्म होने लगा धरती अंधेरे में डूबने लगी न बारिश न
00:55शान्ती तब एक तूटा हुआ देवता समुद्र किनारे बैठकर शिव को पुकारता रहा तपस्या आंसू मंत्र और फिर अंधेरे को
01:05चीरती �
01:05एक दिव्य जियोती प्रकट हुई शिव बोले तुम खत्म नहीं होगे तुम हर बार मिटकर फिर लोटोगे और तभी जन्म
01:13हुआ सोमनात का लेकिन शिव का अगला रहस्य पहाडों में छिपा था मल्लिकारजुन जहां माता पार्वती और महादेव अपने पुत्र
01:22कार्थ
01:22के दुख में स्वयम परवतों तक चले गए सोचो देवों के देव अपने बेटे को मनाने निकल पड़े जब पुत्र
01:30नहीं लोटा तो शिव वहीं रुग गए जैसे कह रहे हों जो अपने को अकेला समझे मैं उसके पास हूँ
01:38फिराया उज्जैन महाकाल जहां एक राक्ष
01:51कि समय खुद काम गया कहते हैं महाकाल सिर्फ मृत्यू के देव नहीं वो समय के मालिक हैं जो डर
01:58को खत्म कर देते हैं नर्मदा के बीचों बीच उंकारेश्वर जहां नदी खुद एयू एम का आकार बनाती है कहते
02:07हैं यहां शिव ने अपनी शक्ती को दो रूपों में बा
02:20मौत जैसी खामोशी पांडव अपने पापों का बोज लेकर शिव को खोज रहे थे लेकिन शिव मिलना नहीं चाहते थे
02:29उन्होंने बैल का रूप लिया भीम ने पकड़ना चाहा और उसी पल धर्ती फट गई शरीर अलग-अलग स्थानों पर
02:37प्रकट हुआ और वहीं बना
02:39के दार नाथ शायद इसलिए यहां पहुँचने वाला हर इंसान थोड़ा तूट कर थोड़ा बदल कर लोटता है काशी एक
02:47ऐसा शहर जिसके बारे में कहा जाता है जिसे शिव बुलाते हैं वही यहां पहुँचता है जब ब्रह्मा और विश्नु
02:55में श्रेष्ठता की लड
03:09जहां इर्ष्या ने एक रशी को जुकाया लेकिन तपस्या ने गंगा को धर्ती पर ला दिया वैद्यनाथ जहां रावन ने
03:18अपना सिर तक चढ़ा दिया सिर्फ शिव को लंका ले जाने के लिए नागेश्वर जहां समुद्र के नीचे कैद भक्तों
03:25की पुकार सुनकर शि
03:38जहां एक मा ने अपने मृत्पुत्र के सामने भी विश्वास नहीं छोड़ा और शिव खुद सामने आ गए और फिर
03:45सवाल उठता है क्या ये सिर्फ मंदिर है या धर्ती पर छुपे ऐसे रहस्य जहां आज भी महादेव किसी ना
03:53किसी रूप में मौजूद हैं कहते हैं अ�
04:07हर हर महादेव
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