00:07नेपाल की राजनीती में एक नया शब्द तेजी से चर्चा में है बालेन डॉक्टरीन ये कोई आधिकारिक नीती दस्तावेज नहीं
00:14है लेकिन प्रधान मंत्री बारेंद्र शाह यानि की बालेन शाह के हालिया फैसलो और उनके कूट नीतिक रवाईये को इसी
00:21नाम से जाना �
00:22सवाल ये है कि क्या नेपाल वास्तों में एक नई विदेश नीती की तरह बढ़ रहा है या काटमांडू फिर
00:28एक ऐसा प्रेयोग कर रहा है जो काटमांडू को अंतराष्टिय स्तर पर अलग थलग कर सकता है
00:42नेपाल लंबे समय से दो एशियाई महाशक्तियों इंडिया और चाइना के बीच संतुलन बना कर चलने की कोशिश करता रहा
00:49है
00:49इसके साथ ही अमेरिका यूरोप और अन्य देशों के साथ भी उसने अपने रिष्टों को मजबूत बनाए रखा है
00:55लेकिन प्रधार मुंत्री बालेन शाह के सत्ता में आने के बाद नेपाल की विदेश नीती के तौर तरीकों में एक
01:00बड़ा बदलाव दिखाई दिन लगा है
01:02बालेन शाह ने शुरुआत से ही संकेत दिया कि नेपाल अब पुराने तरीके से कूट नीती नहीं करेगा
01:07उन्होंने व्यक्तिकर तोर पर विदेश राज़ दूतों और विशेश दूतों से मिलने की परंपरा को सिमित किया और कई मामलों
01:14में सामुहिक बैठकों को प्रतमिकता दी
01:16उन्होंने साफ संदेश दिया है कि नेपाल किसी भी विदेशी शक्ती के प्रभाव में नहीं दिखना चाहता और विदेश नीती
01:22को संस्थाग धाशे के जरीए चलाना चाहता है
01:25इसी सोच को लोग बालेन डॉक्ट्रीन कह रहे हैं हालाकि विवात तब बढ़ा जब उन्होंने कई महतोपुन विदेशी प्रतिनिदियों से
01:32मुलाकात नहीं की
01:33रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके दक्षिन और मध्य एशिया मामलों के अमेरिकी विशेश दूत, भारत के विदेश सचेव और ब्रिटेन की
01:40इंडो पैसिफिक मंतरी के साथ मुराकात से दूरी बना ली
01:43आप समझेए यह वही नेपाल है जिसकी आदे से जादा आवादी भारत पर डिपेंडेंट है चाहे टुरिजम हो चाहे वो
01:50जॉब हो आप भारत में आसपास देख लेंगे तो नेपाल के मुल्क कई ऐसे लोग होंगे जो आपके आसपास नौकरिया
01:56करते हैं तो जिस देश �
01:57पर नेपाल इतना ज्यादा डिपेंडेंट है उससे भी वह दूरी बना रहा है इस कदम ने कूटनिती गल्यारों में कई
02:02सवाल खड़े कर दिये हैं नेपाल के भितर बालेंस मर्थकों का मानना है कि यह कदम देश की संप्रभूता और
02:07आत्म सम्मान को मजबूत करता है उनक
02:22कि अपनी अलग पहचान बनाए रखने वाला राश्ट्र है लेकिन दूसरी तरफ विशेशग्यों की चिंता भी कम नहीं है नेपाल
02:28दुनिया के सबसे कम विक्सित देशों में शामिल है उसकी अर्थववस्ता विदेशी निवेश, परियाटन, विकास, सहायता और प्रवा
02:49जन्जी आंदोलन के बाद बनी, जन्जी जो कि पुराने सरकार से परेशान थे, जॉब, एजुकेशन या फिर दुनियादारी की कोई
02:57भी समझ, उन सब चीजों से उनकी परेशानी ने उन्हें नया सरकार चुनने पर मजबूर किया, उसके पहले जो नेपाल
03:02में जो प्रो�
03:18नहीं पसंद करने वाले हैं, यही वज़े कि नेपाल के कईपुर्व, राजनाईक और विदेश नीतिक विशिशग्य बालन सरकार को साधारी
03:24बरतने की सलाद दे रहे हैं, उनका कहना है कि राष्ट्रिय स्वाभिमान जरूरी है, लेकिन वैश्वी के राजजीती में समवा
03:43खुलकात की थी, इसे कुछ लोग उनके रुख में नर्मी का सक्यत मान रहे हैं, हाला कि इस बैठक में
03:48भी उन्होंने बहुत सिमिट बापचित की, एक और बड़ा फैसला ये रहा कि बालन शाह ने अपने शुरुवाती कार्याले में
03:54विदेश यात्रा ना करने की नीति अ�
03:56उनका कहना है कि फिलहाल उनकी प्रात्मिक्ता नेपाल के भीतर सुधार और प्रशासनिक बदलाव हैं, लेकिन ये कोई दो चीज़े
04:02नहीं है, अगर आपको देश चलाना है, तो विदेशी नीती भी अपनानी पड़ेगी, दूसरे देशों से अगर पंड लाने हैं,
04:09बजन
04:25तना तय है कि बालेन शाह नेपाल के विदेश नीती के पुराने नियमों को चुनौती दे रहे हैं, अंतराष्ट्री राजनीती
04:30में सिर्फ संदेश देना काफी नहीं होता, रिष्टों को लगतार बनाय रखना भी उतना ही जरूरी होता है, अब आने
04:36वाले महीनों में ही य
04:38बालेन का अगला प्रयोग नेपाल को मजबूत बनाता है, या फिर उसे दुनिया से दूर लेकर जाता है, इस खबर
04:44में इतना ही लेकिन आप क्या सोचते हैं, बालेन शाके इन फैसलों पर हमें कॉमेंट में ज़रूर बताएं, और अपडेट्स
04:49के लिए देखते रहें, वन
04:58India App download करें.
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