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Kurkure Choking Case ने पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया है। आखिर एक छोटा सा कुरकुरे का टुकड़ा सांस की नली (Windpipe) में कैसे पहुंच सकता है? इस वीडियो में जानिए Choking, Airway Blockage, Saans Ki Nali Block होने के कारण, इसके लक्षण, First Aid, बच्चों और बड़ों के लिए जरूरी सावधानियां और इसके पीछे का वैज्ञानिक सच। अगर आप या आपके घर में बच्चे स्नैक्स, चिप्स या कुरकुरे खाते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

Kurkure Choking Case has raised serious questions about food safety and airway blockage. How can a small piece of snack enter the windpipe (trachea) and create a life-threatening choking situation? In this video, we explain the science behind choking, airway blockage, warning signs, first aid steps, and important safety tips for both children and adults. Learn how simple precautions while eating snacks like Kurkure, chips, popcorn, or peanuts can help prevent choking emergencies.

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~PR.115~HT.408~ED.464~VG.MX~

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Transcript
00:03इमाचल प्रदेश के सोलन जिले में एक 28 साल के लड़की की कुरकुरे खाने की वज़ा से जान चली गई
00:09अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है
00:11जबकि इस तरह के स्नाक्स आजकल बहुत ज़्यादा बिखते हैं और पसंद भी किये जाते हैं
00:16चरी हम आपको बताते हैं कि आखिर हेमन्थ शर्मा नाम के इस वरड़के की कुरकुरे खाने की वज़ा से जान
00:21कैसे चली गई
00:22दरसल सोलन के अर्की उपमंडल में पढ़ने वाले ताल गाऊं में एक यूवक की कुरकुरे खाने की वज़ा से जान
00:27चली गई
00:27जानकारी के मुताबिक कुरकुरे खाते वक्त स्नैक्स का एक टुकुडा युवक की सांस की नली में फस गया था
00:33जिसकी वजह से उसे बहुत ही दर्दनाक मौत नसीब हुई
00:35रिपोर्ट के मुताबिक हेमंद शर्मा कसॉली में मौजूद एक प्राइविट होटल में नौकरी करता था
00:40बताया चारा है कि हाल ही में हेमंद जब कुरकुरे खा रहा था तब ही एक टुकडा उसकी सांस की
00:45नली में फस गया
00:46जिसकी वज़ा से उसे सांस लेने में काफी दिक्कत हुई और थोड़ी ही देर में उसकी हालत खराब हो गई
00:51जिसके बाद उसके परिवार वाले उसे आनन फानन में इलाच करवाने के लिए
00:54AMU सुल्तानपूर लेकर गए
00:56मगर वहाँ पर इलाच के दोरान ही डॉक्टरों ने उसे पीजी आई चंडिगर भेज दिया
01:01इसके बाद पीजी आई के डॉक्टरस ने भी हेमंद का इलाच किया
01:04मगर उसके बावजूद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी
01:07हेमंद के निधन से उसके परिवार में गहरा शोख है और सब लोग हैराद है
01:11इस मामले से पूरे गाउं में एक तरीके का सननाटा पसरा हुआ है
01:14जान पहचान के लोग हेमंद के घर पहुँचकर परिवार वालों को खौसला दे रहे हैं
01:18और मातम के महौल में दिवंगत आत्मा की शानती के लिए प्रातना की जा रही है
01:22एक्सपर्स के मताबिक कुरकुरे चिप्स नमकीन या बाकी सूखे और कुरकुरे स्नेक्स खाते वक्त जलबाजी नहीं करने चाहिए
01:28खाते वक्त हसना बात करना या लेट कर खाना भी खतरनाक साबित हो सकता है क्योंकि छोटे टुकड़े गलती से
01:34सांस की नदी में फस सकते हैं
01:35खास कर बच्चों और बुज़ुर्गों के मामलों में ज्यादा साबधानी बरतने की सला दी जाती है
01:53और हवा सांस की नली यानी विंट पाइप या ट्रैशिया में जाती है
01:57हमारे गले में एक छोटा सा धकन जैसा हिस्सा होता है जिसे एपिलज ओर्टिस कहा जाता है
02:03इसका काम होता है कि खाना खाते वक्त सांस की नली बंद कर दे ताकि खाना गलत रास्ते में ना
02:08जाए
02:08लेकिन कभी-कभी जल्दी-जल्दी खाने पर, खाते समय हसने पर, बात करने पर, दोड़ते या खेलते समय खाने पर,
02:14या अचानक सांस खीचने पर, खाने का टुकडा भोजन नली की जगा सांस की नली में चला जाता है
02:19इसे मेडिकल भाशा में चौकिंग कहा जाता है
02:22कुरकुरे का टुकडा सांस की नली में जाने पर क्या होता है
02:25अगर कोई टुकडा सांस की नली में फस जाए
02:27तो वो हवा के रास्ते को रोक सकता है
02:29शुरुवात में इंसान को तेज खांसी आती है
02:31सांस लिने में दिक्कत होती है
02:33गला रुकने जैसा लगता है
02:34बोलने में परिशानी हो सकती है लेकिन अगर टुकड़ा पूरी नली को बंद कर दे तो इस्थिती बहुत गंबीर हो
02:39जाती है
02:39हमारे शरीर की हर कोशिका को ऑक्सीजन चाहिए होती है
02:56अगर रुकावट जल्दी नहीं हटती तो इंसान बेहोश हो सकता है
02:59इसके बाद दिल की धड़कर प्रभावित हो सकती है
03:01शरीर की अंग काम करना बंद कर सकते हैं और कुछी मिनटों में मौत तक हो सकती है
03:05यही वज़ा है कि चौकिंग को मेडिकल एमर्जनसी माना जाता है
03:08इसके लावा बच्चों की सांस की नली बड़ो की तुलना में काफी पतली होती है
03:12इसलिए चिप्स, कुरकुरे, मुंख़ली, पॉपकॉर, टौफी, अंगूर, छोटे बिस्कुट के टुकुरे आसानी से नली में फच सकते हैं
03:18इसलिए छोटे बच्चों को खाते समय हमेशा निगरानी में रखना चाहिए
03:21अगर ऐसा हो जाए तो सबसे पहले घबराए नहीं, अगर वक्ती जोर से खास पा रहा है तो उसे खास
03:25ने दे
03:26कई बार खासी ही टुकुडे को बाहर निकाल देती है, लेकिन अगर सांस नहीं आ रही, बोल नहीं पा रहा
03:30है, चेहरा नीला पढ़ रहा है, तो तुरंत मदद की जरूरत है
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