00:03इमाचल प्रदेश के सोलन जिले में एक 28 साल के लड़की की कुरकुरे खाने की वज़ा से जान चली गई
00:09अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है
00:11जबकि इस तरह के स्नाक्स आजकल बहुत ज़्यादा बिखते हैं और पसंद भी किये जाते हैं
00:16चरी हम आपको बताते हैं कि आखिर हेमन्थ शर्मा नाम के इस वरड़के की कुरकुरे खाने की वज़ा से जान
00:21कैसे चली गई
00:22दरसल सोलन के अर्की उपमंडल में पढ़ने वाले ताल गाऊं में एक यूवक की कुरकुरे खाने की वज़ा से जान
00:27चली गई
00:27जानकारी के मुताबिक कुरकुरे खाते वक्त स्नैक्स का एक टुकुडा युवक की सांस की नली में फस गया था
00:33जिसकी वजह से उसे बहुत ही दर्दनाक मौत नसीब हुई
00:35रिपोर्ट के मुताबिक हेमंद शर्मा कसॉली में मौजूद एक प्राइविट होटल में नौकरी करता था
00:40बताया चारा है कि हाल ही में हेमंद जब कुरकुरे खा रहा था तब ही एक टुकडा उसकी सांस की
00:45नली में फस गया
00:46जिसकी वज़ा से उसे सांस लेने में काफी दिक्कत हुई और थोड़ी ही देर में उसकी हालत खराब हो गई
00:51जिसके बाद उसके परिवार वाले उसे आनन फानन में इलाच करवाने के लिए
00:54AMU सुल्तानपूर लेकर गए
00:56मगर वहाँ पर इलाच के दोरान ही डॉक्टरों ने उसे पीजी आई चंडिगर भेज दिया
01:01इसके बाद पीजी आई के डॉक्टरस ने भी हेमंद का इलाच किया
01:04मगर उसके बावजूद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी
01:07हेमंद के निधन से उसके परिवार में गहरा शोख है और सब लोग हैराद है
01:11इस मामले से पूरे गाउं में एक तरीके का सननाटा पसरा हुआ है
01:14जान पहचान के लोग हेमंद के घर पहुँचकर परिवार वालों को खौसला दे रहे हैं
01:18और मातम के महौल में दिवंगत आत्मा की शानती के लिए प्रातना की जा रही है
01:22एक्सपर्स के मताबिक कुरकुरे चिप्स नमकीन या बाकी सूखे और कुरकुरे स्नेक्स खाते वक्त जलबाजी नहीं करने चाहिए
01:28खाते वक्त हसना बात करना या लेट कर खाना भी खतरनाक साबित हो सकता है क्योंकि छोटे टुकड़े गलती से
01:34सांस की नदी में फस सकते हैं
01:35खास कर बच्चों और बुज़ुर्गों के मामलों में ज्यादा साबधानी बरतने की सला दी जाती है
01:53और हवा सांस की नली यानी विंट पाइप या ट्रैशिया में जाती है
01:57हमारे गले में एक छोटा सा धकन जैसा हिस्सा होता है जिसे एपिलज ओर्टिस कहा जाता है
02:03इसका काम होता है कि खाना खाते वक्त सांस की नली बंद कर दे ताकि खाना गलत रास्ते में ना
02:08जाए
02:08लेकिन कभी-कभी जल्दी-जल्दी खाने पर, खाते समय हसने पर, बात करने पर, दोड़ते या खेलते समय खाने पर,
02:14या अचानक सांस खीचने पर, खाने का टुकडा भोजन नली की जगा सांस की नली में चला जाता है
02:19इसे मेडिकल भाशा में चौकिंग कहा जाता है
02:22कुरकुरे का टुकडा सांस की नली में जाने पर क्या होता है
02:25अगर कोई टुकडा सांस की नली में फस जाए
02:27तो वो हवा के रास्ते को रोक सकता है
02:29शुरुवात में इंसान को तेज खांसी आती है
02:31सांस लिने में दिक्कत होती है
02:33गला रुकने जैसा लगता है
02:34बोलने में परिशानी हो सकती है लेकिन अगर टुकड़ा पूरी नली को बंद कर दे तो इस्थिती बहुत गंबीर हो
02:39जाती है
02:39हमारे शरीर की हर कोशिका को ऑक्सीजन चाहिए होती है
02:56अगर रुकावट जल्दी नहीं हटती तो इंसान बेहोश हो सकता है
02:59इसके बाद दिल की धड़कर प्रभावित हो सकती है
03:01शरीर की अंग काम करना बंद कर सकते हैं और कुछी मिनटों में मौत तक हो सकती है
03:05यही वज़ा है कि चौकिंग को मेडिकल एमर्जनसी माना जाता है
03:08इसके लावा बच्चों की सांस की नली बड़ो की तुलना में काफी पतली होती है
03:12इसलिए चिप्स, कुरकुरे, मुंख़ली, पॉपकॉर, टौफी, अंगूर, छोटे बिस्कुट के टुकुरे आसानी से नली में फच सकते हैं
03:18इसलिए छोटे बच्चों को खाते समय हमेशा निगरानी में रखना चाहिए
03:21अगर ऐसा हो जाए तो सबसे पहले घबराए नहीं, अगर वक्ती जोर से खास पा रहा है तो उसे खास
03:25ने दे
03:26कई बार खासी ही टुकुडे को बाहर निकाल देती है, लेकिन अगर सांस नहीं आ रही, बोल नहीं पा रहा
03:30है, चेहरा नीला पढ़ रहा है, तो तुरंत मदद की जरूरत है
03:33तो फर्स्टेट पे आप ये कर सकते हैं कि पीछे खड़े होकर कंदो के बीच पांच बार जोरदार बैक ब्लोज
03:38दे, जरूरत पढ़ने पर पेट पर दबाव देने की तकनीक का इस्तमाल करें, लेकिन इसे सही तरीके से सीखने जरूरी
03:44है, बच्चों पर वयसको वाला द�
03:57सब्सक्राइब करना बिल्कुल न भूला
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