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UP के Hamirpur में Betwa River पर बन रहा 90 करोड़ का पुल आधी रात को भरभराकर गिर गया, जिससे 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। क्या यह हादसा सिर्फ तेज आंधी-बारिश की वजह से हुआ या फिर इसके पीछे निर्माण कार्य में बरती गई बड़ी लापरवाही और भ्रष्टाचार छुपा है? देखिए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।

An under-construction two-lane bridge over the Betwa River in Hamirpur, Uttar Pradesh, collapsed due to heavy rain and a thunderstorm, leading to the tragic death of six laborers. Built by the UP State Bridge Corporation at a cost of ₹90 crores, the structural collapse has triggered a high-level investigation into construction quality and safety standards.

#HamirpurBridgeCollapse #UPNews #BetwaRiverBridge #OneindiaHindi

~HT.178~PR.250~GR.122~VG.HM~

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Transcript
00:07उत्रप्रदीश के हमीरबुर में बेतवा नधी पर निर्माणा धिन पुल गेरने से पड़ा हाथ सा हुआ
00:12देर रात तेज आधनी बारिश के कारण ये पुल का स्लैब गिरा जिससे मलवे में दपकर छे मज़दूरों की दर्दनाख
00:19पौंथ हो गई
00:20उत्रप्रदीश रज्य सेतु निगम द्वारा करीब 90 करोड रुपए की लागत से बन रहे 700 मीटर लंबे दो लेन पुल
00:26का निर्माण कार्या मर्च 2024 से चल रहा था
00:30हाथसे के वक्त पहली शिफ्ट के कुछ मज़दूर पुल के नीचे आराम कर रही थे
00:34घटना के तुरंत बाद स्टेट डिजस्टर रेस्पॉंस फोर्स यानी की SDRF की टीम ने साड़े साथ घंटे तक सगन रैस्ट
00:41की आप्रेशन चला कर मलवी से तीन मज़दूरों को सुरक्षत पाहर निकाला
00:45ये दर्दनाक हादसा हमीरपूर जिला मुख्याले से लगभग 25 किलोमेटर तूर ललपुरा थाना क्षित्र के अदरगत हुआ
00:52मौसम विभाग के आंकडों के मुताबे खालसे वाली रात क्षित्र में करीब 70-80 किलोमेटर प्रति घंटे की रफ्तार से
00:59भयंकर आंधी चली और इसके साथ ही भारी बारिश हुई
01:03उतरप्रिदीश ब्रिच कॉर्परेशन के प्रबंधने देशक धरमवीर सिंग के अनुसार शुरुवाती तौर पर हाथ से की वज़े अरचानक तीज आंधी
01:10और खराब मौसम को माना गया
01:12लेकिन विभाग इस पूरी घटना की उच्च उस्तरिया जांच करवाएगा ताकि निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की असल स्थिती
01:20का पता चल पाए
01:21इस निर्माण कारे के दौरान सुरक्षा और काम के प्रबंधन को लेकर कई अहम चानकारिया मिली पुल के निर्माण स्थल
01:27पर दो शिफ्टों में 24 घंटे काम चल रहा था
01:30जिस समय या हाथसा हुआ उस वक्त पहली शिफ्ट का काम पूरा हो गया था और ठकने के काराण मजदूर
01:35पुल के ठीक नीचे सो रहे थे
01:38उसे दोरान दूसरी शिफ्ट के साथ मजदूर पुल के उपरी हिस्से पर सक्रिया रूप से काम कर रहे थे
01:44प्रत्यक्ष तर्शियों और बचके मजदूरों के अनुसार जबांधी की रफ्तार 32 हो गई और खड़ा रहना मुश्किल हो गया
01:51तो उपरी हिस्से पर मौजूद मजदूर खुद को बचाने के लिए पुल के स्लैप पड़ा डग गए
01:56इसे दोरान अचाना एक बड़ा हिस्सा डह गया और नीचे सो रहे मजदूर उसकी चपीट में आए
02:01मलबे में दबे मृतकों की पहचान कर ली गई जिन में से चार मजदूर पड़ाओ से जिले बांदा के हैं
02:06जबकि दो मजदूर हमीरपूर स्थान अक्षित्र के निवासी थे
02:09SDRF की टीमें देर रात लगभग धाई बजे हासे की सूचना प्राप्त कर बचाव कारे में जुड़ गई
02:15क्रेन और आधोनी कुप करनों के मदद से भारी भर कम स्लैप के टुकुनों को हटा लिया गया
02:20अलगी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मुख्या रैस्क्यो आपरेशन पूरा हो चुका है लेकिन अधियात के तौर पर अभी भी
02:26मौके से मलबा हटाना पांकी है
02:28ताकि मलबे के निचे किसी और के दबे होने की रत्ती भरा शंकाना रहे
02:33ये महत्वपून परियोजना मुरकांट से कुरारा गाउं को आपस में जोडने के उद्देश्यों से तैयार की जा रही है
02:39जसे सक्षित्र के हजारों लोगों का आवगमन बहत सुगम होगा
02:43नरधारित समय सीमा के नुसार इस दोलेन पुल को दिसंबर 2026 तक तैयार करके जनता के लिए खोला जाना था
02:50फिलाल हाथ से के बाद निर्माण कारे रूख दिया गया और इस्थाने प्रिशाशन के साथ तकनीकी विशशक्यों की टीम मौके
02:56पर पहुँचकर संदरचनात्मक कम्यों का आकलन कर रही है
03:00ताकि भविश्य में ऐसी घटनाओं को रूखा जाए
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