00:03पंजाब में निकाय चुनाव के नतीजे सिफ मेयर और पार्शत चुनने का फैसला नहीं है।
00:30को ये जीत आखिर मिली कैसे? क्या मुफ्त बिजरी का असर अभी भी बरकरार है? क्या भगवंत मान सरकार की
00:36वेलफेर स्की में काम कर गई? या फिर विपक्ष की बिखरी हुई राजनीती ने आपका रास्ता आसान बना दिया।
01:00सीधे लोगो टक पहुँची। ग्रामी निलाकों के बाद अब शहरों में भी पार्टी ने यही नारेटिव बनाया कि काम दिख
01:07रहा है।
01:08दूसरा, भगवंत मान की व्यक्तिगत लोकप्रियता। लोकसभा चुनाव में जटका लगने के बाविजूद भगवंत मान पंजाब में आपका सबसे बड़ा
01:16चहरा बने रहे।
01:18निकाई चुनाव पूरी तरह लोकल थे, लेकिन प्रचार में पार्टी ने मान सरकार के कामकाच को केंद्र में रखा। आपका
01:25पूरा अभियान मान सरकार की गैरंटी पटिका रहा।
01:29तीसरा, विपक्ष का बिखराव। कॉंग्रेस, अकाली दल और बीजेपी अलग-अलग लड़ रहे थे। जहां आपका वोट एक जुट रहा,
01:38वहीं विपक्षी वोट तीन हिस्सों में बढ़ गया। कई सीटों पर आप कम मार्जिन से जीती, लेकिन विपक्षी वोट जो
01:59सरकार को निशाने पर रखा। आपने अपने समर्थकों के बीच ये संदेश दिया कि पार्टी को राजनीतिक कारणों से निशाना
02:06बनाया जा रहा है। इस नेरेटिव ने कोर वोट बैंक को और मजबूत किया। पांचवा, शहरों में संगठन का विस्तार।
02:14आपकी सबसे
02:15बड़ी कमजोरी शहरी निकाय मानी जाती थी। लेकिन पिछले दो साल में पार्टी ने वाड्स तर पर संगठन खड़ा किया।
02:21स्थानिय चेहरों को टिकेट दिया गया और चुनाव को स्थानिय विकास बनाम पुरानी राजनीती के तौर पर पेश किया गया।
02:29इसलिए आ
02:48अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या निकाय चुनाव की ये जीत दोहराई जा सकेगी या फिर विपक्ष विधान
02:58सभा तक कोई नया समीकरन खड़ा कर देगा। फिलहाल इतना तैह है कि पंजाब में आपने एक बार फिर ये
03:04संदेश दे दिया है कि राज्य की राजनीत
03:07में उसका दबदबा अभी खत्म नहीं हुआ है। तो पंजाब निकाय चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर साफ कर
03:13दिया है कि आम आदमी पार्टी अभी भी राज्य की राजनीती में मजबूत स्थिती में है।
03:18केजरिवाल इसे काम की राजनीती की जीत पता रहे हैं जबकि विपक्ष के सामने अब अपनी रणनीती पर दुबारा विचार
03:25करने की चुनौती खड़ी हो गई है।
03:27मुफ्त बिजली, जन कल्यानकारी योजनाएं, भगवंत मान की लोकप्रियता और विपक्ष का बिखराव इन सभी ने मिलकर आप के लिए
03:35जीत का रास्ता तयार किया है।
03:37लेकिन बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है।
03:40क्या यही फॉर्मूला दोहजार सत्ताइस विधान सभा चुनाव में भी कमाल दिखाएगा? इसका जवाब आने वाला समय देगा।
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