00:00बाजार के मुश्किल दिन आखिर खत्म क्यों नहीं हो रहे ये सवाल हर निवेशक पूछ रहा है।
00:05विदेशी निवेशकों के बिक्वाली, ग्लोबल बाजारों के कमजोरी और बढ़ती अंसर्टिनिटी के साथ साथ
00:11अमेरिका, इरान, तनाव, आखिर इन सब का असर भारतिय बाजार पर कितना गहरा है और कब तक पढ़ने वाला है।
00:18क्या ये सिर्फ हलकी गिरावट है या आने वाले दिनों का कोई बड़ा संकेत।
00:51चलिया इस वीडियो में पूरी तस्वीर समझने की कोशिश करते हैं।
01:01मार्केट ब्रेथ भी नेगिटिव रही है यानि गिरने वाले शेर ज्यादा और बढ़ने वाले कम रहे हैं।
01:08बाजार में उथल पुथल क्यूं हैं? बहुत सारे सवाल हैं, बहुत सारे जवाब।
01:12लेकिन गिरावट की वज़ा क्या है? और सबसे पहली वज़ा पर अगर हम आते हैं, तो वो हैं कमजोर ग्लोबल
01:19इंडिकेशन्स।
01:20सुभा से ही ग्लोबल मार्केट से जो इंडिकेशन्स आए, वो बहुत कमजोर थें।
01:50क्या हाल रहा होगा युएस में और वो ग्लोबल क्यूज जो थे वो भारतिये बाजार पर भी ट्रांसफर होटा दिखाए
01:56दिया।
01:56कंपनी के नतीजे हलाकि अच्छे थे और आगे की कमाई का अनुमान भी मस्दूप था, फिर भी शेर टूपता दिखाए
02:02दिया।
02:02इससे टेक सेक्टर में डर का माहौल बना, एशिया के टेक इंडेक्स भी डरे और नीचे आगे।
02:08दूसरी बड़ी वज़ा पर आईए, विदेशी निवेशिकों के बिक्वाली एक बहुत बड़ी वज़ा रही है, FII's ने एक बार फिर
02:13से बिक्वाली दी है, एक दिन में करीब 3465 करोर रुपे के शेर बेचती है, जब विदेशी पैसा लगातार निकलता
02:22है तो बाजार पर
02:38आप शायद थोड़ा टेंशिन में और आजाएंगे, तीन पीसी दी बढ़ा है, 13.44 पर पहुँच गया है और आपको
02:45ये भी बताते चले कि विक्स बढ़ने का मतलब क्या है, वोलाटिलिटी इंडेक्स कहते हैं इसको, यानि उतार चरहाफ का
02:51जो इंडेक्स होता है, बाजा
03:04ये बाजार में 27 स्वरवरी को यही दिखाई दे रहा है, सेक्टोरल इंडेसीस पे आईए, सेक्टर्स की बात करें तो
03:10आईटी को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर लाल मिशान में थे, निफ्टी में जिन शेयरों में ज्यादा गिरावट दिखी है, उनमें
03:15अल्टर टेक्
03:29की बात ये है कि फरवरी में आईटी इंडेक्स करीब 20 स्वीसिदी गिर चुका है, इसलिए 27 स्वरवरी को तेज
03:37शॉर्ट कवरिंग भी हो रही थी, अब एक्सपेक्टेट था, तेजी से शॉर्ट कवरिंग हो सकती है, और आधे दिन में
03:43हमने ये देखा भी, आईटी इंड
03:51इंडेक्स ही केवल ग्रीन में था, यानि आईटी इंडेक्स में शॉर्ट कवरिंग भी हुई है, थोड़ा बहुत पॉसिटिव इंपक्ट भी
03:57देखने को मिला, अब आईए जियो पॉलिटिकल टेंशन्स पर, बनी हुई है अभी भी बूराजनीतिक चंता, अमेरिका और इ
04:17वज़ाती एक्विटीज में गिरावटी, रुपे में हलकी कमजोरी दिखाए दिया, डॉलर के मुकाबले रुपिया 90 रुपे 95 पैसे तक आ
04:24गया है, हाला कि डॉलर थोड़ा नरम है और क्रूड की कीमतें ज्यादा नहीं बढ़ी है, इसलिए गिरावट सीमित थी,
04:31लेकिन F
04:32आइज आउट फ्लो का असर साफ नजर आया रुपे पर ही, टेक्निकल्स की बात की जाए तो बाजार फिलहाल एक
04:39डाइरे में फसा हुआ है, अगर निफ्टी 25,670 के उपर मजबूर्ती से टिकता है, तो 25,900 तक की
04:45तरफ बढ़ सकता है, लेकिन 25,300 से नीचे गया हुआ है न
05:00अंजोर ग्लोबल संकेत हैं, विदेशी निवेशकों की बिक्वाली है, बढ़ती अंसर्टिनिटी है और जियो पॉलिटिकल टेंशन भर भर के सामने
05:06से आ रही है, यह सभी कारण मिलकर बाजार को फिलहाल कौशूस मोड में रखे हुए है, ऐसे समय में
05:12सोच समझ कर और चु
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