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  • 38 minutes ago
चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 की सफलता के बाद ISRO अब चंद्रयान-4 और चंद्रयान-5 मिशनों की तैयारी में जुट गया है. ISRO के NRSC डायरेक्टर डॉ. प्रकाश चौहान के मुताबिक, चंद्रयान-4 एक “सैंपल रिटर्न मिशन” होगा, जिसके तहत चंद्रमा की मिट्टी और चट्टानों के नमूने भारत लाए जाएंगे. इस मिशन का लक्ष्य वर्ष 2028 रखा गया है. वहीं चंद्रयान-5 मिशन जापान की अंतरिक्ष एजेंसी JAXA के साथ मिलकर लॉन्च किया जाएगा, जिसका उद्देश्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पानी, बर्फ और अन्य संसाधनों की खोज करना है. चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने पहले ही चंद्रमा पर बर्फ और पानी के मजबूत संकेत दिए हैं। ISRO अब चंद्र अनुसंधान में अगला बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है.

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00:28
00:30तानों के नमूने जुटाएगा और उन्हें वापस धर्दी पर लेकर आएगा ये मिशन भारत की अंतरिक्ष इतिहास में एक नया
00:37अध्याय साबित हो सकता है क्योंकि अब तक दुनिया के बेहत कम देश ही चंद्रमा से सैंपल वापस लाने में
00:44सफल हुए है
00:44लूनर एक्स्प्लोरेशन में चंद्रयान वका तो आपने जिकर किया चंद्रयान 2 अभी भी रिजल्स दे रहा है उसे काफी चंद्रमा
00:52के वापस लाने का है
01:04और एक हम Japanese Space Agency के साथ मिलके जाक्षा के साथ लूपैक से चंद्रयान 5 मिशन के भी पांग
01:10कर रहा है
01:11डॉक्टर प्रकाश चौहान के मताबिक चंद्रयान 2 का ओर्बिटर आज भी चंद्रमा की परिक्रमा कर रहा है और लगातार एहम
01:19जानकारियां भेज रहा है
01:20डॉक्टर प्रकाश चौहान की माने तो चंद्रयान 5 मिशन इसरो और जापानी स्पेस एज़नसी जे एए एकसे का सैयुक्त मिशन
01:29होगा
01:29इस मिशन में लैंडर भारत में बनेगा जबकि रोवर जापान तयार करेगा
01:35Space Agency will be able to get out of the South Pole, and we will be able to get out
01:41of the water ice.
01:45This is the only way to get out of the land, but to get out of the land and to
01:51get out of the land.
01:53If the water and water will be added,
01:56If it is more than enough, it will be a way to create a space mission to create a way
02:05to create a way to create a way to create a way to create a way to create a way.
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