00:01Bhaarit के एक प्रस्तावित कानून पर अमेरिकी सांसद ने आपत्ती जताई है और चेताव नीदी कि इसका असर भारत और
00:07अमेरिका के संबंधों पर पढ़ सकता है।
00:09विवाद है FCRA में प्रस्तावित बदलावों को लेकर।
00:12लेकिन पहले समझ ये FCRA आखिर है क्या?
00:15FCRA यानि Foreign Contribution Regulation Act आसान भाशा में कहें तो ये वो कानून है जिसके जरिये भारत में NGO,
00:23ट्रस्ट, सैक्षणिक संस्थानों और धार्मिक संगठनों को विदेश से मिलने वाले चंदे और फंडिंग को नियंतरित करता है।
00:31अब इसी कानून में प्रस्तावित बदलावों पर अमेरिकी संसद राईली मूर ने गंभीर चिंता जदाई है।
01:06अमेरिकी संसद के इन आरोपों के बीच ये समझना जरूरी है कि प्रस्तावित FCRA संशोधन विधेयक में आखिर प्रवधान क्या
01:14है।
01:15इस बिल में 2026 में सरकार को एक designated authority बनाने का अधिकार देने का प्रस्ताव है।
01:22अगर किसी संगठन का FCRA registration कैंसल हो जाता है, वो registration सेरिंडर करता है या उसका registration रिन्यू नहीं
01:31होता है तो authority उस संगठन के foreign contribution और उस विदेशी फंड से बनाई गई
01:37asset का management अपने हाथ में ले सकेगी। और यहाँ एक महत्वपोर्ण बात ये है कि अगर ऐसी कोई asset
01:45पूजास्थल है तो प्रस्तावित कानून में authority के लिए उसका धार्मिक स्वरूप बनाए रखना सुनिशित करने का प्रवधान भी है।
01:54ग्रह मंत्राले के मताबिक 2019-2022 के बेच 13,520 संगठनों को 55,741 करोड रुपए का विदेशी योगदान मिला।
02:06FCR मोल रूप से भारत में आने वाले विदेशी फंड से जुड़ा कानून है।
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