00:00पश्चिम बंगाल में विलहान सभाचुनाव की हलचल खत्म जरूर हो गई है लेकिन राज्ज का सियासी पारा अभी भी हाई
00:06है
00:0615 साल तक बंगाल की सक्ता पर राज करने वाली तिर्मूल कॉंग्रेस पार्टी सरकार जाते ही अब उथल उथल का
00:13सामना कर रही है
00:14जिसके बाद सवाल उठा है कि क्या बंगाल में भी वही कहानी दोहराई जा सकती है जो महराश्च में हुई
00:20थी
00:21क्या ममताव अनर्जी की पार्टी के भीतर धीरे-धीरे दरारे बढ़ रही हैं क्या अंदर की नाराजगी आने वाले वक्त
00:28में बड़ा रादनीतिक रूप ले सकती है बंगाल की रादनीति को करीब से देखने वाले लोग इन दिनों इन ही
00:34सवालों पर चर्चा कर रहे हैं
00:51काकुली घोष ने पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है लेकिन इसके साथ ही उन्होंने साफ कर
00:58दिया है कि वो तिर्मूल कॉंग्रेस नहीं छोड रही हैं
01:01उन्होंने कहा कि वो एक सामाने कारकरता के तौर पर पार्टी से जुड़ी रहेंगी और पश्यमंगाल की जनता के लिए
01:08काम करती रहेंगी
01:09लेकिन रादनीती में सिर्फ फैसले नहीं देखे जाते, फैसला कब लिया गया, क्यों लिया गया और किस माहोल में लिया
01:16गया ये ज़्यादा मायने रखता है।
01:18काकुली घोष्ट दस्तिदार ने अपने फैसले के पीछे लंबी मानसिक संघर्ष और गहरे चिंतन की बात कही है।
01:25लेकिन उनके स्तीफे ने बंगाल की रादनीती में चर्चा का नया दौर शुरू कर दिया है क्योंकि ये फैसला ऐसे
01:32वक्त में आया है जब किर्मूल कॉंग्रेस पहले से कई चिनोतियों का सामना कर रही है।
01:37पार्टी के भीतर नाराजगी की चर्चा कोई नई बात नहीं है। पिछले कुछ वक्त में कई ऐसे मौके आये जब
01:44पार्टी के अंदर असहमती की खबरें बाहर आई, कुछ नेताओं ने खुल कर अपनी बात रखी, कुछ नेताओं ने दूरी
01:50बनानी शुरू कर दी, कु�
02:05उन्होंने पार्टी के संगठनात्मक धाचे को लेकर चिंता जताई है, उन्होंने कहा है कि पार्टी के कामकाज में ऐसे प्रभाव
02:12बढ़ रहे हैं जो लोकतांत्रिक प्रकरिया से नहीं आये हैं। उन्होंने कई विवादों का भी जिक्र किया जिनकी वजा से
02:19राज की रा
02:34दोनों जगा दिखाई देता है किसी बीच एक और घटना ने चर्चा को और ज़्यादा तेज कर दिया काकोली घोष
02:41मुख्यमंतरी शुवेंदू अधिकारी की अध्यक्ता में हुई एक प्रशासनिक बैठक में पहुची रादिती गलियारों में ये चर्चा चली कि पार्टी
03:04से बात और जादा बढ़ गई बीजेपी ने इसे सीधे तिर्मूल के भीतर असंतोष से जोड़ना शुरू कर दिया सवाल
03:12उठने लगे कि क्या पार्टी के अंदर सब कुछ सामान नहीं है क्या पार्टी के कुछ नेता खुद को आसहज
03:18महसूस कर रहे हैं क्या संगठन के भ
03:34साय रखने वाले नेताओं की संख्या बढ़ी फिर संगठन के भीतर शक्ति संपुलन बदलने लगा और फिर एक दिन पूरी
03:40राधनीतिक तस्वीर बदल गई
03:42NCP का उधारण आज भी राधनीतिक चर्चाओं में बार बार सामने आता है अजीत पवार के कदम ने सिर्फ एक
03:49पार्टी नहीं बदली उसने पूरे राज की राधनीति बदल दी अब सवाल ये है क्या बंगाल में भी कभी ऐसा
03:56हो सकता है क्या तिनमुल कॉंग्रेस के भीतर
03:58भविष्र में कोई बड़ा राधनीतिक मोडा सकता है क्या पार्टी के भीतर मौजूद असन्तोष कभी खुल कर सामने आ सकता
04:05है और सबसे बड़ा सवाल क्या कभी ऐसा समय आ सकता है जब पार्टी के बड़े चेहरे अलग रास्ता चुल
04:12ले इस चर्चा के बीच अबशेक �
04:14बनर जी का नाम भी राधनीतिक बहस का हिस्सा बन जाता है अब शेक ममता बनर जी के भतीजे वो
04:21तिर्मुल कॉंग्रेस के सबसे एहम चेहरों में गिने जाते हैं संगठन में उनकी भून का मजबूत मानी जाती है पार्टी
04:27के भविष्र के नितृत को लेकर भी उनका नाम �
04:30लगातार चर्चा में रहता है लेकिन क्या कभी वो अलग रास्ता चुन सकते हैं क्या ममता के खास और पार्टी
04:37के ओल्ड गार्ड से परिशान अब शेक कभी अजीत पवार जैसा कदम उपा सकते हैं फिलहाल ऐसा कहने के लिए
04:44कोई सार्जनिक संकेत को मौजूद नहीं है न
04:59और बंगाल की रादनीती इस समय संभावनाओं के दौर से गुजर रही है इधर नंदीगराम की रादनीती ने भी तिर्मूल
05:05की मुश्किलें बढ़ा दी हैं मुख्यमंतरी सुवेंदू अधिकारी के नंदीगराम सीट छोड़ने के बाद उपचुनाव होने हैं लेकिन उ
05:26उन्होंने भी चुनाव लडने में दिलचस्पी नहीं दिखाई उन्होंने साफ कहा कि अब वो सक्क्रिय रादनीती से दूरी बना रहे
05:33हैं लगातार इनकार ने विपक्ष को नया मुझा दे दिया है विपक्ष का मतलब तिर्मूल की विपक्ष यानी जो सत्ताध्य
05:41पार्त
05:56रही है बीजेटी के राजनीतिक विरोधी लंबे वक्ट से आरोप लगाते रहे हैं कि पार्टी दूसरे दलों के नेताओं को
06:03अपने साथ जोड कर राजनीतिक समिकरण बदलने की कोशिश करती हैं
06:07महराष्ट इसका सबसे चर्चित उदारन बना है अब बंगाल में सवाल पूछा जा रहा है क्या बीजेटी यहां भी वैसी
06:15रणीति अपना सकती है क्या सुवेंदू अधिकारी इस पूरी रणीति के सबसे बड़े चेहरे बन सकते हैं क्योंकि सुवेंदू कभी
06:23खुद तिर्
06:27रादनीतिक पक्षबदला और फिर बंगाल की रादनीति का समिकर्ण बदल गया अब वही सुवेंदू अधिकारी बीजेपी के सबसे मजबूत नेताओं
06:35में गिने जाते हैं और फिलहाल राज्ज के मुख्यमंतरी हैं ऐसे में जब तिर्मूल के भीतर किसी तरह की नाराज
06:53रादनीतिक ताक्तों में गिनी जाती है पार्टी के हाथ से भले ही 15 साल पुरानी सत्ता चली गई हो लेकिन
06:59पार्टी का संगठन अभी भी मजबूत माना जाता है राज में उसकी रादनीतिक पकड़ अभी भी प्रभावशाली है एक दो
07:06नेताओं की नाराजगी से किसी ब�
07:23गई है क्योंकि चुनाव तो खत्म हो चुका है यह संगठन बचाने और संगठन बढ़ाने की रादनीति बन गई है
07:29देखते हैं आगे क्या होता है क्या तिर्मुल कॉंग्रेस अगले 5 सालों तक सत्ता में दूर रहने के बाद खुद
07:36को एक जुट रख पाती है या फिर नह
07:52and never miss an update.
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