00:09सड़क के एक तरफ तमिलाडू के मुख्यमंत्री सी जौसफ विजय का गाफिला और ठीक दूसरी तरफ अपनी धुन में गाड़ियां
00:17चलाते आम लोग
00:18ना कोई बैरिकेटिंग ना घंटो का लंबाट ट्राफिक जाम और ना ही विई आईपी कल्चर का वो पुराना रॉब जिससे
00:26अक्सराम जनता को दूचार हूना पड़ता था
00:29ये तस्वीरे हैं चिन्नाई हुआय अड़े के रास्ते की जहांसे मुख्य मंतरी विजय अपने वरिष्ट मंतरियों के साथ एक विशीष
00:37विमान से दिल्ली के लिए रवाना हो रही है
00:39दिल्ली में प्रधान मंत्री नरेंद्र मूती और ग्रिह मंत्री आमेश शहसी उनकी मुलाकात हुनी है। लेकिन इस बड़े सियासी दोरे
00:46के ठीक पहले शुरुआत जसादगी से हुई। उसने एक बार फर पूरे देश का दिल जीत लिया।
01:09दिल्ली में अपनी सियात्रा में जनता को कुई तकलीफ नहीं थी। जब उनका काफिला एरपूर्ट की तरफ पढ़ा तो सड़क
01:16का एक हिस्सा पूरी तरह आम जनता के लिए खुला था। लोग अपनी गाड़ियों, आटो और बाइक से सामाने दिनों
01:23की तरह बिना किसी रू
01:38वीरे मिलती है। उन्होंने प्रिशाशन को साफ निड़देशती हैं कि उनके आने जाने की वज़ह से सड़कों को ना रूका
01:44जाए और नहीं जनता को किसी तरह की परिशानी का साम ना करना पड़े। राजशनीती के इतने उच्छे पाइदान पर
01:50पहुंचने के बाद भी
02:04उनकी ये पहली दिल्ली यात्रा है जहां वो केंद सरकार के शिरशनिताओं से मुलाकात कर रज्य के विकास, जनहित की
02:12यूचनाओं और एहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। लेकिन इस बड़ी सियासी सफर पर निकलने से ठीक पहले चिन्ने
02:19की सड़कों पर
02:34के बीच से बिना रास्तारों के बेहत सादगी से गुजर जाना राजनिती में बदलाव की एक नई और सकारात्मक बयार
02:42है। यही सादगी, यही संवेदन शीलता और जनता के प्रती यही सम्मान उन्हें सिर्फ एक राजनिता नहीं बलकि लोगों का
02:50सच्चा और चहीता ना
02:52बनाता है।
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