00:03इदुल अजा यानि बकराईट का तिवहार नस्दी काते ही देजभर के पशु बजारों में रौना काफी बढ़ गई है इस
00:09बार ये तिवहार 28 मई को मनाया जाएगा
00:10इस खास मौके पर दी जाने वाली कुर्बानी के लिए लोग बहीनों पहले से सबसे सुन्दर, तंदरुस्त और भारी भरकम
00:17बकरी की तलाश शुरू कर देते हैं
00:18इस साल बजारों में कुछ खास ब्रीड्स यानि नसलों के बकरों की मांग सबसे जादा देखी जा रही है जो
00:23अपनी शारिरिक बनावट और बजन के लिए मशूर है
00:25बकरों की इन चुनिंदा वराइटी को खरीदने के लिए लोग बड़ी से बड़ी कीमत रुकाने को तयार हैं जिससे मंडियों
00:30में इनकी होड मची हुई है
00:31चलिए बताते हैं कि आखिर आपको कौन सी नसल का बकरा खरीदना चाहिए
00:35तिवार की सीजन में राजिस्तान के मूल निवास वाली सोजल नसल के बकरे खरीदारों के बीच से पहली पसंद बने
00:41हुए है
00:41सोजल बकरों की सबसे बड़ी खासियत उनका पूरी तरह सफेद रंग, शांदार लंबाई और बड़े लंबे लटके हुए कान होते
00:48हैं
00:49दिखने में बेहत आकरशक और राजसी ठाट वाले ये बकरे बहुत तेजी से वजन बढ़ाते हैं, बजारों में इनकी भारी
00:55भरकम कद काठी को देखकर लोग इने तुरंथ पसंद कर रहे हैं, यही वज़ा है कि व्यपारी इस खास नसल
01:00को उंचे दामों पर बेच रहे है
01:02कुर्बानी के बाजार में उतर प्रदेश के जाने मने जमुना पारी नसल का हमेशा से एक तरफा जलवा रहा है,
01:08इस नसल के बकरे आकार में काफी उंचे और भारी होते हैं, जिनके पैर लंबे और कान बहुत चोड़े होते
01:13हैं, इनकी सबसे बड़ी पहचान इनकी तोते �
01:16जैसी घुमावदार नाक होती है, जिसे तकनीकी भाषा में रोमन नोस कहा जाता है, जमुना पारी बकरों में मास की
01:23मातरा बहुत सामाने बकरों के मुकाबले कही ज्यादा होती है, जिससे ये ज्यादा वजन वाले बकरों की तलाश करने वालों
01:29के लिए सबसे अच्छा उ�
01:43लेकिन दिखने में बेहत खुबसूरत आक्टिव और गठीले शरीर के होते हैं बर्बरी बकरों के शरीर पर अक्सर सुन्दर धब्यदार
01:50पैटर्न होते हैं जो उनकी खुबसूरती को और बढ़ा देते हैं कम जगह और सीमित खर्च में बहतर देख रेक
01:56के लिए इस नसल को �
01:57शहरी इलाकों के लोग सबसे ज़्यादा पसंद करते हैं इसके लावा बात करते हैं सिरोही नसल की राजिस्थान और गुजराज
02:03जैसे पश्ची में भारतीय राज्यों के पहाड़ी छेतरों में पाए जाने वाली सिरोही नसल की मांग भी इस बार बकराईद
02:08पर बहुत त
02:12ठीला मजबूत और पूरी तरह मास से बरा हुआ होता है ये नसल हर तना के बदलते मौसम को असानी
02:17से जहल लेती है जिससे इनके बिमार होने का बहुत खत्रा कम होता है इसके इसी मजबूत स्वास्थ और टिकावपन
02:24की वज़ह से व्यपारी और आम जनिता इस नसल पर सब
02:39काफी उंचे होते हैं क्योंकि पश्चु पालन इन्हें तयार करने में काफी पॉस्टिक आहार और मेहनत लगाते हैं इसके बावजूद
02:46लोग तेवहार की गरीमा और परंपरा को दियान में रखते हुए बिना किसी हिचके चाहट के इन बहतरीन और सिहतमन्द
02:52बकरों को भ
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