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क्या भारत का रुपया डॉलर के मुकाबले ₹100 तक पहुंच सकता है? Experts ने क्यों दी Economic Crisis की चेतावनी? इस वीडियो में समझिए Rupee Fall के पीछे की वजह, Fertilizer Subsidy, महंगाई, पेट्रोल-डीजल, EMI, और आम आदमी की जेब पर इसका कितना असर पड़ेगा। साथ ही जानिए कौन से सेक्टर को मिल सकता है फायदा अगर रुपया कमजोर होता है।
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Transcript
00:00कभी आपने सोचा है कि डॉलर के मुकाबले रुपया अगर सो रुपय तक पहुँच जाए तो इसका असर सिर्बाजार या
00:06अर्थव्यवस्था तक नहीं बलकि आपकी जेब, आपके घर के बजट रोजमर्या की जिंदगी पर पढ़ेगा।
00:30एक साथ कई मोर्चों पर दबाव जेल रहा है। वेस्ट एसिया में तनाव की वज़े से कच्चे तेल, गैस, फर्टिलाइजर
00:36की कीमते बढ़ रही है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसलिए आयात महगा होने का सीधा
00:44असर सरकारी खर्च पर पढ�
00:49संका है जो बजट पर भारी दबाव डाल सकता है। कुछ अनुमान बताते हैं कि यह बिल बजट के मुकाबले
00:56काफी उपर जा सकता है। अर्थ सास्त्रों का कहना है कि जब आयात महगा होता है बिदेशी निवेसक पैसा निकालते
01:03हैं और डॉलर की मांग बढ़ती है तो र�
01:20सबसे बड़ा मुद्दा fertilizer subsidy भारत में किसानों को यूरिया और दूसरी खाद सस्ते में मिले। इसके लिए सरकार भारी
01:28subsidy देती है। लेकिन international market में कीमते बढ़ने से सरकार का खर्चतेजी से बढ़ रहा है। कुछ reports में
01:35कहा गया है कि fertilizer subsidy पे 1.71 लाग करोड के बजट अनुमान
01:41से काफी उपर जा सकती है। यहां तक की 3 लाग करोड तक पहुँचने की असंकारी जताई जा रही है।
01:47अगर ये संकट लंबा चलता है तो अब बात करते हैं कि इन सब से आम जंता पर कितना फर्क
01:52पड़ेगा। अगर रुपया कमजोर होता है और आयात महंगा होता है तो �
01:56इसका असर सीधे आम आदमी की जिंदगी पर देख सकता है। पैट्रूल डीजल महंगे हो सकते हैं, ट्रांस्पोर्ट खर्च बढ़
02:03सकता है, खाने पीने की चीजों पर महंगाई बढ़ सकती है, मोबाईल, इलेक्ट्रोनिक्स, विदेश यात्रा महंगी हो सकती है, EMI
02:10और �
02:11ब्यास दरूपर दबाव बढ़ सकता है, अगर RBI सकती करे, यानि असर सिर्फ अर्थव्योस्ता पर नहीं, बलकि हर घर के
02:19बजट पर पढ़ सकता है, अब बात करते हैं कि इससे किसको फाइदा हो सकता है, हर संकट में कुछ
02:25सेक्टर्स हमें सा ऐसे होते हैं, जिनको प्रॉ�
02:31प्रॉपर्मा एक्सपोर्ट कमपनिया, एक्सपोर्ट बेस्ट इंडस्ट्रीज, डॉलर अर्निंग करने वाले बिजनसे, इन सभी सेक्टर्स को काफी फाइदा हो सकता है,
02:40क्यूंकि जब रुपया कमजोर होता है, तो बिदेश से डॉलर में आने वाली कमाई रुपय में ज
02:59जैसे चरूरी इंपोर्ट के मेंगे होने की रूप में दिखेगा, आसान भासा में कहें तो रुपय की हर बड़ी गिरावट
03:06से रोजमर्य की चीज़ें और मेंगे हो सकती हैं, खास कर अगर क्रूर अल पहले से ही उचे दाम पर
03:11हो, इसका सबसे ज़्यादा असर उन सेक्टर
03:27नहीं डाल पाएगी, जिससे उनका प्रॉफिट दब सकता है, सरकार पर भी सबसेडी और इंपोर्ट्स बिल का खर्च बढ़ेगा, जिससे
03:35बजट सम्हाल पाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, वही महंगा फ्यूल और इंपोर्टेट सामान आम लोगों, खास कर मिडिल क्ल
03:56डॉलर में होता है, अगर रुपे के गिरावट जारी रहती है, और डॉलर सो रुपे के करीब पहुंचता है, तो
04:02इंपोर्टेट फर्टिलाइजर और रॉव मैटेरियल्स महेंगे हो जाएंगे, जिससे सरकार पर खर्च का बोच काफी बढ़ जाएगा, इससे इंडिया का
04:11कुल इंपोर्ट बिल भी बढ़ेगा, खास कर तब जब ग्लोबल कमेडिटी प्राइसेस पहले से ही उचे हों, इसका मतलब है
04:18कि सरकार के पास खर्च करने के गुंजाइस कम होगी और बजट समालना मुश्किल हो सकता है, लगातार कम जो
04:25रुपया एक ऐसा साइकल भी बना स
04:40तो सरकार के बजट और देश के एक्स्टरनल अकाउंट्स दोनों पर एक्स्टर प्रेशर बढ़ सकता है, सबसे बड़ा सवाल यही
04:48है, क्या इसका बोज आखिरकार आम आदमी की जेब पर पहुंचेगा या नहीं, आपकी इस विशेब पर क्या रहा है
04:54हमें कॉमेंट सेक्�
04:55जरूर बताएं, ऐसी ही और खबरों और अपडेट्स को जानने के लिए देखते रहें, गुड रिटन्स डीजिटल
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