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जानिए यूपी, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार की ग्राउंड रियलिटी, विशेषज्ञों की राय-किसानों की बात.

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00:00केंदर सरकार ने इस साल भी गन्य की FRP में बढ़ोतरी की है
00:05चीनी मिलों का परबंधन खर्च बढ़ गया है
00:08मजदूरों के वेतन में भी एजाफा हुआ है
00:11और अन्न खर्चों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है
00:14कुल मिलाकर चीनी उद्धोग पहले से ही आर्थिक संकट का सामना कर रहा है
00:20ऐसे समय में चीनी निर्याद पर परतिबंध लगने से इस्तिथी और गंभीर हो जाएगी
00:26रास्ता निकानने के लिए केंदर अस्तर पर पर्यास किये जा रहे है
00:32चीनी के नियुन्तम समर्थन मुल MSP में बढ़ोतरी किये जाने की औशेक्ता है
00:38केंदर सरकार को एथनौल के दाम में भी एजाफा करने चाहिए
00:43चीनी उद्धोग पहले से ही आर्थिक संकट में है
00:46और अब चीनी निर्यात पर रोक लगाये जाने से कारखानों के सामने नया संकट खड़ा हो गया है
00:54यदि तुरंद ठोस कदम नहीं उठाए गए
00:56तो अगले पेराई सीजन में राज के आधे चीनी कारखाने बंद होने के कगार पर पहुँच जाएंगे
01:03इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार, परधान मंतरी और किंद्रिय साकारी मंतरी के अस्तर पर परियास और सनवाद
01:12करेग्ज
01:16केंदर फरकार ने 15 लाग टन चीनी निर्यात को मंजूरी दी थी
01:20लेकिन इस वाल पराई फीजन पे पहले अलनीनों के प्रभाव के कारण बारिफ कम होने और उत्पादन घटने की आफंका
01:28को देखते हुए केंदर फरकार ने 15 फितंबर तक चीनी निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है
01:34अंतर राष्ट्री बाजार में चीनी के दाम अच्छे होने के बावजूद केंदर फरकार द्वारा लगाया गया या प्रतिबंध चीनी उद्योक
01:42के लिए मुश्कले बढ़ाने वाला फाबित हो रहा है
01:45केंदर के वाणिजी मंत्राले ने महराष्ट को चीनी निर्यात के लिए 6.66 लाख मिट्रिक टन का कोटा दिया था
01:53ऐसे में निर्यात पंद होने के बाद बची हुई चीनी का क्या किया जाए
01:58यह सवाल अब चीनी मीलों के सामने खड़ा हो गया है
02:01मार्च, अप्रेल और मई के महीने में दुनिया वर में चीनी की फप्पे जादा मांग रहती है
02:07इस दोरान खाड़ी देफों में युद्ध जैफे हालात बनने और फमुंद्री मार्गों पर माल वाहग जहाजों के प्रभावित होने का
02:15आफर चीनी निर्यात पर पड़ा है
02:17इस वज़े केंद्र फरकार का निर्यात बंदी का फैफला चीनी मीलों के लिए परिफानी बढ़ाने वाला फाबित होगा
02:23इथेनौल और मुलाफिफ उत्पादन का विकल्प मौजूद
02:28राजिके 210 निजी और फैकारी चीनी कारखानों में से 112 कारखाने इथेनौल का उत्पादन करते हैं
02:36इसके अलावा B और C ग्रेड मुलाफिफ आधारित उत्पादन भी कारखानों के पास विकल्प के रूप में उपलब्ध है
02:45फरकार को इन विकल्पों का प्रभावी उप्योग करना चाहिए
02:49केंद फरकार ने पेट्रोल में 25 प्रित्पत इथेनौल मिफ्रन को अनुमती दी है
02:55जो चीनी कारखाने इथेनौल उत्पादन करते हैं
02:58उन्हें छे प्रत्पत ब्याजतर पर अन्दान देने की योजना को और मजबूत करने की आफ़कता है
03:05यदि अत्रित चीनी उत्पादन होता है
03:08तो इथेनौल और मुलाफिफ उत्पादन चीनी कारखानों के लिए एक बहतर विकल्प फाबित हो वकता है
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