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'सोना मत खरीदो', PM Modi के इस बयान के पीछे का असली प्लान क्या है? जानिए क्यों Rahul Gandhi ने इस सरकार को निकम्मी बताते हुए जनता को 3 नए विकल्प दे दिए हैं।

The political clash over gold investment intensifies as PM Narendra Modi issues a warning regarding gold purchases. Rahul Gandhi retaliates by questioning the government's economic policies and suggesting alternatives. This video covers the impact on the jewelry market and the upcoming financial shifts in India.

#PMModi #RahulGandhi #GoldPrice #OneindiaHindi

~HT.410~PR.250~ED.108~GR.538~

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00:00हमको ये तै करना पड़ेगा कि साल भर तक घर में कोई भी भंग जनो, कोई भी कारकम हो, हम
00:11सोने के कहने नहीं खरी देंगे
00:15और और और जो वेस्ट एशा में हो रहा है उससे कितने रुपए का नुकसान होगा?
00:21यूएस डील साइन कर दी है, मोधी जी ने, तो बहुत जबर्दस चोट लगने वाली हैं देश को, हमारी एकॉनिमी
00:29को जबर्दस नुकसान होने वाला है, स्टॉक मार्किक का आपने देख लिया
00:37हलाकि राहुल गांदी जी ने बार बार कई विश्यों पर इस सरकार को 2014 से लेकर अब तक कई विश्यों
00:45पर पहले से अवेर करने की कोशिश की, क्योंकि प्रदान मंत्री जी तो अलगी मोड पे रहते हैं, हमेशा इलेक्शन
00:51मोड में रहते हैं, देश की चिता इनको बाद मे
00:54आती है, जब सारी चीज़ें के हाँ से निकल जाती है, तो सब कुछ देशवासियों पर और खासकर मिडल क्लास
01:00पर और मध्यमबर गरीब लोगों के उपर छोड़ देते हैं, कि अब आप जो है, अपनी कटोतियां करते रही है,
01:07और यही देश हित में ठीक है, बाकि हम जब ह
01:10हमार एक काम करने का समय रहेगा, तो हम अपने पुझी पती मित्रों की सारी चीजे ध्यान में रखकर उनके
01:16लिए काम करेंगे, तो प्रदान मंत्री मोधी जी को अचानक से जब चुनाव पतम हुए पांच राज्य में, यह अचानक
01:23से पढ़ रहा है, यह तो मार्च में रा
01:37अर्थिक क्राइस आने वाली है, लेकिन आपने उस समय भी उस बयान को नहीं सुना और सुना था, लेकिन ना
01:44तो मेडिया की उसको लाइम लाइट में आने दिया और ना इस देश आज उसी बात पर आपने जो बयान
01:51आपने कल दिया है, फिर से पैनिक क्रेट कर दिया, पूर
02:24तो जीतने के लिए जितना मैंजमेंट करना है वो सब कर लिया लेकिन आप आप से खह रहे हैं और
02:30एक बयान में मुझे तो समझ में नहीं आता कि
02:32प्रदान मंतरी मोदी जी देश का सेक्टर को जो गोल्ड सेक्टर है या ट्रांसपोर्ट सेक्टर है या देश के जो
02:40वैपारी है उन से किस तरह के दुश्मनी निकालते हैं कि एक वयान में वो सब को चिंतित कर देते
02:45हैं एक ठ्रेट और पैनिक क्रियेट कर देते हैं एक वयान
03:02अपने मेनिफिस्टों में कहा है कि वो सोना गिर्वी रख देगी आपका और नजाने कैसे कैसे जूटे आरोप लगा रहे
03:08थे और ये भी कह रहे थे कि देश की महिलाओं का आभूशन इस देश की ग्रेणियों का सब कुछ
03:14होता है वो मंगल सूप्त होता है और पता नहीं कितन
03:29तो और आप आस था है ही आपकी पार्टी भी होगी विपक्ष में तो सवाल उठाना आपका भी है और
03:34आप लोग करते भी है राॉल गांदी का बयान ऑमने पहले बताया है भी सर् वहां कि तो वहत्तर जिन
03:42हो गए इस उत्चोल इरान-उस वर के बीच लगतार कीमतों में इस
03:55सब्सक्राइं
04:15आकर यहां से तेल खरी दिये, यहां से नहीं खरी दिये, हमारी विदेश नीती, जिन देशों से हमारा अच्छा समझोता
04:22था, अच्छा तालमेल था, सब सामने आ गई थी खुल करके, क्योंकि एक देश की वज़ा से इतना डर रहे
04:29थे मोदी जी, अपना फैसला नहीं ले पा �
04:31रहे थे, एक तरफा युएस ट्रेट डील कर लिए, तो इनकी बसकी बात तो नहीं है, इनको देश से चमा
04:35मांगनी चाहिए, और यह देश से जूट भी बोलते हैं, बंगाल के चुनाव के समय मिच्छा जी ने रोड शो
04:41में कहा था कि कि किसी तरह का कोई तेल और गैस की, र
05:01293 रुपे एक सांथ बढ़ा देते हैं, और उसके बाद प्रदान मंतरी आकर एक बड़े सेक्टर को खतम ही कर
05:06देते हैं, यह कहकर कि एक साल तक आप मत खरी दिये देश हितनी, तो यह तो बड़े चिंदा की
05:12विशह है, शायद आप प्रशन मेरा ठंग से समझ नहीं पाए, म
05:38कैसे विकल्प में क्या समझ पाए हम?
05:57कि आप कार का इस्तमान ना करेंगे, आपके पास जो आपके पास गोल्ड है, वो गोल्ड के लावा आप कोई
06:04गोल्ड ना खेरी देंगे, आप तेल और विदेशी दोरह ना करेंगे सब्सक्राइब बल्कुल गुर्फान जी, रामकुमार जी से जवाब ले
06:12लेंगे इसका, �
06:13लेकिन उससे पहले में चाहूँगा, प्रिधान मंत्री नरेंदर मोधी ने गोल्ड को लेकर आपके आपके पास, प्रिधान मंत्री नरेंदर मोधी
06:20ने हाइदरबाद में किस तरह ऐसे गोल्ड ना खरीदने की अपील की थी, उसके पीछे क्या क्या उन्होंने अपने तर्क
06:43सोने की खरीद
06:44एक और पहलू है
06:47जिसमें विदेशी मुद्रा
06:50बहुत अधिक खर्च होती है
06:53एक जमाना था
06:56जब संकट आता था
06:59कोई युद्ध होता था
07:03तो लोग देशित में
07:06सोना दान बेदेते थे
07:09आज दान की चरुरत नहीं है
07:14लेकिन देशित में
07:18हमको ये तै करना पड़ेगा
07:20कि साल भर तक
07:23घर में कोई भी फंक्षन हो
07:26कोई भी कारकम हो
07:29हम सोने के गहने नहीं खरी देंगे
07:33सोना नहीं खरी देंगे
07:37विदेशी मुद्रा बचाने के लिए
07:40हमारी देश भक्ती
07:43हमें चुनोती दे रही है
07:46और हमें चुनोती को
07:48स्विकार करते हुए
07:49विदेशी मुद्रा को बचाना होगा
07:54विदेशी मुद्रा को बचाना होगा
07:56एक साल तक सोना नहीं खरींगी देंगे
07:58रामकुमार जी आपने पहले भी ये बयान सुना होगा
08:00प्रधान मंत्री का और एक बार फिर हमने आपको सुना दिया
08:02गुर्फान जी को भी आपने बड़ी शालिंता से तनमेता से सुना
08:05जैसकि उनका कहना भी है
08:07कि आप सबसे पहले अपने मंत्रियों को क्यों नहीं कह देते
08:09आज कहीं मैं एक्जांपल दे दू जो कि मैंने इस शो के शुरुआत में भी कहा था
08:13कि सोबनात पहुंचे
08:32पूरे देश कहीं प्रधान मंत्री है
08:33प्रधान मंत्री की इस अपील का आप कितना असर देख पारें
08:36क्या सच मोच देश की जनता पर कोई असर पड़ेगा
08:38या फिर सिर्फ नाकामी छुपाने के लिगे एक बयान है
08:43आपको और कॉंग्रेस का सभी का बयान सुना और मैं अपने बात करता हूँ
08:48देखे यह एक मसाधा था जिसे तुम चाहो इस्तेमाल करो
08:55मसाधा दिया है कोई कमपचरी रूलिनियर कानून नहीं है
08:58और अभी हमारे विशेसर ने बड़ी अच्छी बात की थी
09:02उस पर जाते विए कहना चाहूँगा कि जब कॉंग्रेस ने 2008 में आज जो अच्छा ओईल का भाव है
09:12उतने दर उस समय भी था उस समय 113 रूपय था आज उससे जादा होगा प्रूड ओयल का
09:19उस वह कॉंग्रेस ने क्या किया था बस की बात नहीं तो इनकी बस की बात क्या थी पता है
09:23आपको सर वह समय ऑईल बॉंड बेचा था जिसकी में
09:34तो उसकी मैचुरिटी उन्होंने दस साल बाद से लागों की दस साल बाद मज़ता दो आजर आठर से दो हजर
09:40चब्विस उसका तीन लाग तीस तीन लाग तीस लाग क्रोड रूपया वह देश ने चुकाया देश की जनता कही गया
09:47और उसके बाद आपको बताएंगे खुम
09:59नहीं देना और सोना बकी बात कर रहे हैं कि दो कि और से जादा स्टॉड में इंर गांधी ने
10:17जमा किया दो हमें जितने प्रघानमंत्री आए
10:28उस जो देश का सोना है उसको बेच के देश को खस्ता आलत में दालने के लिए इंद्रा के बाद
10:36समने यही किया है और उसके बाद बहुत बड़ा हिसाब किता तो यह है
10:51कि सदन में एक मिनट का ढ़का धाईलाग रुपया खर्च होता है और एक घंटे का तो यह आपके सुरूता
11:10और आपके लिए को चीज है
11:11बलकुल इसका जवाब भी लेंगे गुर्वान जी से लिकर मैं चाहूंगो आप सीधे हमें चाल्गना चाहिए का सवाल है
11:22बिल्कुल सर सभी सवालों का जवाब आपसे भी लेंगे सर एक शिवेन जी भी काफी जरी से वेट कर रहे
11:28हैं उन्हें
11:31क्या सर आपकी स्टोरी बड़ी अच्छी है उसलिए मैं उसी का जवाब कहा रहा हूँ जिस डर की बात कर
11:39रहे थे बांकी दोनों हमारे अच्छास्ती रजनीश जी और गुर्फान जी उस डर की हकीकत भी दिखा दे मांकों सही
11:44रखी सर आपके शोताओं के लिए रजनीश ने �
11:46बातें महुद अच्छी रखी जी जी बिलकुल अप चल लेते सर फिल्ड पर चल लेते हैं शिविन सर काफी देर
11:53से आप वेट भी कर रहे हैं और आप सुबे से सराफा बाजार में हैं कई आपने जोहरियों की नबस
11:58टोलनी कोशिश की प्रधान मंत्री नरेंद मोदी के भा�
12:14पर हुआ हैं तो वो सकता है और जिस को हैं इस से जोड़ा है और इस पर्सक्राइब
12:35यह थोड़ा सा मार्केट पर फर्क बड़ सकता है और यह लोग इस तरीके से सर्थ बेख राइब नहीं पड़ेगा
12:42इनके साथ में जोड़े होते हैं वो कारीगर जिनके और जो लोग उसे बनाते है निर्माज़कार से दाई बहुत बड़ा
12:49बर्ग है और मुकुन मैं आपको �
12:51बचा दूंगे जो वर्ग है ये अभी तक ये माना जा रहा था प्रधान मंत्री का बहुत बड़ा समर्थक इस
12:56तरह के बैपारीयों को माना जाता है कि बहुत बहुत समर्थक है और जो पिछले कुछ समय थी बैपारी उसलिए
13:02भी परसांते कि इस टोने की कीलते जो ती वह इस
13:21अपने बेटे और बेटियों की स्टादी के लिए जो भी सामानों ने अभूशन खरीमना परंपरा का खरीके से आवस्ट नितान
13:28सब जोड़ रहा हूं उसको बना रहे थे उसमें भी उसका जो कैरेट या निकि जो उसकी मात्रा है वो
13:35कम करते थे वह 24 कैरेट का तो बनता नह
13:37लेकिन 25 कैरेट का जो था वो 18 से और यहां तक की मैंने को 14 और 9 कैरेट तक
13:42भी राभूशन बनना शुरू हो गया था निकि जो ब्यापार है वो आलगेडी कम था और वो सिर्फ आवस्टा वी
13:49था अगर ये कहा जा रहा है कि अब आवस्टा और फंसन में नई खरी दिये तो �
13:54इसका प्रवाख क्या होगा यह तो आने वाला बस बताएगा लेकिन मेरा मानना यह है कि जिस तरह की भारतिये
13:59संस्कृति की बात हो रही है जरूत की बात हो रही है सोना वो खास तोर्चे खास जो आयोजन होते
14:06हैं घर पे खास तोर्चे बैबाहाई का योजन और तमाम आयो
14:23लिट पर एक बड़ा फर्क देखा जा रहा है और यहां के जो मार्केट वाले हैं वो कहरें कैसे करके
14:27साल भर में तो हमारा बहुत बड़ा नुकसान होगा।
14:30और इसका मैं दूसा फर्ख ये देखता हूँ गर एक एक ब्यापार बर ये बहुत बड़ा किबना है धिन्दी में
14:35खड़ा हूँ लेकि पुरे हिंदुस्तान में बहुत बड़े लोग है करों लोग इस ब्यापार से बुड़े हुए परतक चुरूप से
14:42और तो निश्चित त
14:56बात को सही गलत जो भी बताएंगे मैं उसको शुकार करूंगा उनकी क्रह सक्तिया पर बहुत दूसरे व्यापारों पर भी
15:03पड़ेगा और यहां जूसरी बात जो आपने प्रसम बाकी लोगों से किया और जो आपने प्रहरम में किया कि प्रदान
15:09मंत्री खुद जो है इतनी
15:10गाड़ियों के कापले गाड़ीं, यह बात काफले के साथ गय सोगनात मंदिर, तो लोगों ने कहा कि अभी तक जब
15:16� चुना हो रहा था, तो हजारों गाड़ीयों के कापले बसें, सवह इस तल के लिए लगाई जा रही थी,
15:22तमाम चीजें खरीकार करतां को देली एक से दो
15:25लिटर, तीन लिटर की परशिया बाटी जा रही थी, यह तमाम चीजें हैं जो
15:31तो लोगों को ये लोग प्रधान मंत्री की बात पर ध्यान भी दे रहे हैं लेकिन साथ साथ ये भी
15:35कह रहे हैं कि अगर ये काम पहले से अगर ऐसा ही होना था तो ये पहले से भी कर
15:39दिया जाता तो इतनी साल जो 6-7 महीने चुनाओं के दोरान रहे हैं क्योंकि जो युद्ध ह
15:44वो आज नहीं हुआ है तो अगर बिदेशी मुत्रागा संक्र की सियुद से जुड़ा हुआ है इसकी महंगाई से जुड़ा
15:52हुआ है तो यह पहले से भी था तो आके यह बयान पहले को नहीं दी गया क्या इसके पीछे
15:57चुनाबी गणित था यह सारी वाते दिश्ची तौर प
16:14पीचे कोई रास्ट के भला हो सकता है। ऐसे बिचार अभी कुछ लोगों के मिले हैं मुकुल।
16:44एक मिडल क्लास है, लोए मिडल क्लास है, वो पहली बार सोना करीदने का मन बना रहा था, क्या अब
16:49वो पीचे हट गया इस बयान के बार।
17:14बनाना जरूरी है, वो बनाएंगे हम, मजबूरी हमारे पास आभूस्टर है नहीं, हम बनाएंगे लेकिन उसका हम दाम कम करेंगे,
17:21इसमें सोना कम होगा।
17:22तो ये पूछा कैसे सोना कम होगा, तो उने का हम अभी इसको अठारा करेंगे, आज भी बात कर रहे
17:28हैं, उसके और कीमत कम हो, कम करेंगे, उसमें जो सुद्ध सोने की बात है, वो कम हो जाएगा।
17:33तो लोग उस दिखावटी तोर पे परंपरा को निभाने के लिए करेंगे ये कि सोने की मात्तरा कम करके, उसमें
17:409 कैरेट और ऐसे नीचे कैरेट पे लाखर के बनाने का परियास करेंगे, 18 कैरेट पे लागिया और नीचे लाने
17:45का परियास कर रहे हैं, ऐसी बात है, जिनकी �
17:55लोगों के दिवाग पे असर पड़ा है, लोग कहा रहे हैं कि कौन सी बड़ी समस्या देश में आने वाली
18:00है, जो वो नहीं समझता रहे हैं, विदेशी मुद्रा की हर किसी को नॉलिज भी नहीं होती है, पर वो
18:06मानके चलते हैं कि तुछना कुछ भारत की आर्थिक हालात है, �
18:10जो एक समान ग्रहणी थी, वो उनने का बई बिदान मंतरी कह रहा है, तो कुछ बहुत बड़ी समस्या ना
18:14आ जाए, तो हम जो योगदान कर सकते हैं, वो करेंगे, लेकिन इसका उल्टा असर ब्यापारी हो पड़ेगा, तो उसी
18:20समय उस ब्यापारी जब मैं उस गिरहाक से �
18:22बात कर रहा था, तो बही सर्राप ने मुझसे का सर्राप बोलते हैं आपर, जो लट्स को, यह उर्दू का
18:27एक सब्ड़ है, तो उन्हों ने कहा देखिए, यह भावनाएं बहुत सारे लोगों के अंदर हैं, अब इससे क्या होगा,
18:35टोटल सोना हमारा विखेगा कम, कम विख
18:52बहुत बड़ा एक आर्थिक फरक आर्थिक चक्र है, फूरा वो रुख जाएगा, और इस रुखने का जो चक्र है, इसका
18:59फरक तमाम जब क्रैस सक्ति उन सब की कम होगी, तमाम दूसरे व्यापारों पर पढ़ना ता है, ऐसा मेरा मानना
19:04है, और यही मेरी ओपिनियन है कि य
19:20कोशिश आप कीजिए, कुछ भोगताओं से अगर वहाँ पर बात हो पाती है, तो हम वन इंडिया पर उदिखाना जरूर
19:26चाहेंगे, रचनीज जी के पाद चलेंगे, लेकिन उससे ठीक पहले रामकुमार जी को थोड़ा कम वक्त मिला था, नाराज भी
19:30थे वो, रामकुमार
19:44कि हम मोदी जी के साथ हैं, जो फैसला ले रहे हैं, कुछ सोच के लिया होगा, सही लिया होगा,
19:48बाकि दूसरा पक्ष ये भी है, जो कह रहा है कि नहीं जरुरत भर के तो हमें बना नहीं पड़ेंगे,
19:52अब इसको कैसे देख रहे हैं आप?
20:15उसके लिए नहीं है, पहली बात तुम्हें कहता है, कि आप जो कर सकते हो, चाहो देश के साथ, देश
20:24के साथ परे रहे हो, और अभी देश में क्या किया, इतना जो मसोधा हुआ था, उसके अंदर जो पैट्रोल
20:31डीजल पे, केंने सरकार ने तो अपनी 10 रुपे घटा दिये
20:34पेट्रोल पे भी घटा दिये डीजल पे घटा दिये पर राजे सरकारों ने क्या किया सर्कारों में भी तो कम
20:40नहीं हुआ सर देश में बाइस राजी होगा अब तो बीज़ भी नहीं रहे जाता
20:58अभी भी सरकार समानले का प्रयाज कर रहे हैं अभी जो अक्तरा सोला सत्रा अट्रा रूपया जो राजे सरकारे ले
21:05रहे हैं उस एक्साइज दूटी वह भी कुछ जैसे केंदर चोड़ रहा है तो राजे पे भी केंदर कहेगा कि
21:12जनता भी यह बोज न जाए कम से कम आप लो�
21:21पार कि उसको समालना ही पड़ेगा इसको सब को मिलकी समालना पड़ेगा इनके जेसा वांबरन की देश को
21:28सकत्रे नहीं डालेंगे यह वह मोधी जी है देश से आपील करेंगे मांग करेंगे कि भाए हम देcej हो होती
21:39है और सोना बेचनी की बात कर रहे हैं हमारे
21:45जो सोना मेरे लेले के जगा नहीं कि हमारे पास पास गुल्जा इस नहीं पर इसे नहीं है
22:00कि नहीं सदन गाना जुट भोलना तो मता है इज़ रिंधी आयां मैं नाम लेकर बोल रहा हूं और प्रिखिलिवाय
22:08चवार्ण
22:08जो हमारे मुक्यमंत्री थे, उन्हों ने कहा कि देश का सोना बेचना पड़ेगा, पकट में सला दे रहे थे, पकट
22:15में, COVID के टाइम पे, जो जिसने सला मांगी भी नहीं थी.
22:38जीडी भी कितनी प्रभावित होगी और जिस हिसाब से प्रधान मंत्री नरेंद मोधी ने अपील की है, इस अपील का
22:44असर कितने वक्त तक देखने को मिल सकता है.
22:46चोटा सा और मैं इनपूर्ट जोड़ दू, इसमें सवाल जोड़ दू, सर, पेट्रूल डीजल को लेकर भी अब धीरे-धीरे
22:51एक संशय बनता जा रहा है, रामकुमार जी ने अच्छे से बतानी की कोशिश की, कि हम लोग ने कंट्रोल
22:56में रखी है, स्थी थी हमाई सरकार �
22:57कंट्रोल में रखने का प्रियास किया है, बेशक रसुई गैस के सिलिंडर, रसुई गैस के दाम, यानि लगातार बढ़ते जा
23:04रहे हैं, और वो कमर्शल बेशक हो पर मझे पर है सर, सबको पता है, कितना पढ़ता नजर आ रहा
23:08है, अब कैसे देखने सर, आने वाले दिनों,
23:10पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, और यह जो सोने वाली अपील है, इसका कितना प्रभाफ देखेंगे भारतिये अर्थ व्यवस्ताब करें, अब ही
23:18क्या है, इंडिया के पास एक कुशन है, गोर्मेंट इसका जो शौक है, कंजूमेंट के पास पास होने नहीं दे
23:28रही है, ग
23:40अब ही जो इंफलेशन है, वो कंट्रोल दिख रही है, क्योंकि गोर्मेंट ने पूरा जो क्रूड का जो शौक है,
23:45वो कंजूमेंट पास नहीं कर रही है, और करेंट अभी जगका जो CPI इंफलेशन है, तकरीबं 3-4 परसंट के
23:51आसपास है, लेकिन अगर फ्यूचर में यही
23:55सिचुएशन रहा, तो फीचर में और बेकार हो सकता है, मतलब खराब हो सकता है, हमारे अगेंस्ट में जा सकता
24:01है, हर 10 डॉलर अगर क्रूट के प्राइस में अगर इजाफा हो, तो इंफलेशन तकरीबं 0.4 से 0.6
24:07परसंट तक बढ़ जाता है, जो GDP का ग्रोथ है, वो 0.3 प
24:22ट्रोल नहीं है, यह हमारे ओइल जो का जो एफेक्ट होता है, वो ट्रांसपोर्ट, एगरिकल्चर, लोजिस्टीक, मैनिफेक्ट्रिंग, अविशन, फूड प्राइस
24:30सब पर पढ़ता है, यहीं रीजन है कि गोर्मेंट ने इसको आगे पास नहीं करने दिया है, और आपकी
24:36जो बात थी और आपके जो कोरिस्फोंडेंट थे, उन्हाने जो कॉश्चन किया, कि अगर हम गोल्ड खरीदना बंद कर दें,
24:43तो क्या जीडीपी पेस का निगेटिव असर पढ़ेगा, देखिए, एकनॉमिकली गोल्ड के पास गोल्ड का पोजिटिव और निगेटिव दो
25:05और अगर हम इसका निगेटिव अगर प्रॉब्लम वाली बात करें, तो इंडिया का डॉलर खर्च होता है, अगर हम इंपोर्ट
25:13करते हैं, तो तक्रीवन पचास से साथ बिलियन डॉलर गोल्ड पर खर्च होता है, तो फोरें एक्शेंज बाहर जाता है,
25:19गोल्ड अपने आ�
25:23का मतलब है कि इसे मशीन नहीं बनती, इसे हाईवे नहीं होता, इसे एक स्पोर्ट केपैसिटी नहीं बढ़ती है, प्रोडुक्टिविटी
25:28इंक्रीज नहीं होती है, तो ये एक बैलन्स वे है, हलो, पिल्कुल, रजिन शे आवाज आ रही है, आपकी, सर्व,
25:36मैं चाहँग�
25:51इसका असर तो थोड़ा-थोड़ा देखने में आ रहा है, लेकिन जैसे ही पेट्रोल और डिजल के प्राइसिस बढ़ने शुरू
25:57होंगे, क्योंकि गवर्मेंट बहुत दिनों तक होल्ड नहीं पाएगी, और तकरीबं 30,000 क्रोर रुपे का घाटा हो रहा है,
26:03और जैसे मैंन
26:18कभी तो पासन करना पड़ेगा, आप देखिए ये प्राइसेज जो है, कोई न कोई बेर तो करेगा, चाहे गवर्मेंट करें,
26:23PSU कंपनीज करें या कंजूमर करें, अभी गवर्मेंट और PSU कंपनीज कर रही है, और कंजूमर के पास नहीं आ
26:29रहा है, लेकिन मुझे ऐसा ल
26:45किस तरह का डर है, किस तरह का संकट, अब उन पर मंडराने वाला है, इस बयान के बाद प्रिधान
26:51मंतरी नुरेंदर मोदी के, जिसमें साफ अपील की गई, कि अगले एक साल तक कोई भी फंक्शन हो, कैसा भी
26:56जरूरी काम हो, आप सोना खरीदने से बचे, क्या बता रहे हैं
27:02देखिए, बड़ी-बड़ी बाते हैं, और कुछ सच बाते भी हैं, किस तरह से विदेशी मोतरा के भंडार की क्या
27:08समस्या है, वो समस्या है, जरूर प्रिधान मंती ने रखी हैं, वो बयान दिया है, लेकिन होता कहते हैं, जिसके
27:14हाथ पे चिंगारी गिरती है, उसकी जलन �
27:29तो अधिस से ही बात करेंगे, अधिस जी जिस तरह प्रधान मंती ने कल अपील की, कि एक साल तक
27:34तो कम से कम बहुत जरूरी हो, तब भी सोना ना खरी दें, इस से आप जैसे लोगों के ब्यापार
27:39पे क्या फरक देख पा रहे हैं, देखो अल्रेडी जो हमारा बैपार है, इ
27:59जो वो कह रहे हैं, वो देश के लिए बड़िया ही कह रहे है, हाँ, अगर गवर्मेंट ये कहती है,
28:03लोगों कि आप गोल्ड परचेज मत करें, कोई बात नी, अगर कह रहे हैं, तो कुछ अपनी तरस में सही
28:07कह रहे होंगे, हाँ, इसको ये इस तरीके से कर सकते हैं, कि लो�
28:26अपील है, और हम इस तरह से कुछ बोल देंगे, तो फिर एक रहे हैं, अधित से कापी एजिट है,
28:40उमदार है, इस ब्यापार में एक जमाने से हैं, सर क्या ना मैं आपका?
28:43मेरा नाम संदीदी, आप क्या जैसे आदित जी ने कहा, अपनी बात रखी की, वो एक आप्शन हो सकता है,
28:52लेकिन हरी किसी के पास वो जोली नहीं और कोई गलाना नहीं चाहिए, ऐसी मज़़ूनिया क्यों हो, एक प्रधान मंत्री
28:57की इस अपील को आप कैसे देखते हैं, आ
29:12में और विचार तो करने ही पड़ेगा, मुझे भी यही लगता है, कि पुराना सोना देकर गे, और उसके बदले
29:18में ज्वैलरी ली जाए, यही एक आप्शन लग रहा है, और इसके अरवा गवर्मेंट अगर थोड़ा सा कंट्रोल करना चाहती
29:26है, तो जो बाहर से गोल्ड �
29:28जो मगाया था उसको पर थोड़ा टेक्स बढ़ा दे, इंपोर ड्यूटी बढ़ जाए, और महगा हो जाएगा, हाँ, सोने का
29:34भाव महगा होगा तो लोग जल्दी से, बात तो बही है कि आदमे के खरीदर, व्यापार पे तो आपके फरक
29:39पढ़ना आप इतना बड़ा फरक �
29:43इसके पीछे दिमाख में क्या है, कोई दबाओ नहीं है, मेरे को तो देश इससे बड़ी कोई बात लग नहीं
29:49रही, हाँ, इससे थोड़ा नुकसान भी हो रहा है, लेकिन ऐसी बहुत सारी बाते पहले भी मैंने सुनी है, कि
29:56हमारे देश के प्रधान मंतरी ने इससे पहले भ
30:02पुरानी बात है, कि एक समय खाना खाईए, ऐसा मेरे को मैंने कहीं इसके बारे में जिक्र देखा भी है,
30:10तो मुकंद आप समझ सकते हैं कि प्रधान, आप जो हम लोग सोच रहे हैं कि प्रधान मंतरी की बात
30:15को समरसन नहीं मिलेगा, एक तो वो बरग है जो उसको खरीदने स
30:18रोका जा रहा है
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