00:00हमको ये तै करना पड़ेगा कि साल भर तक घर में कोई भी भंग जनो, कोई भी कारकम हो, हम
00:11सोने के कहने नहीं खरी देंगे
00:15और और और जो वेस्ट एशा में हो रहा है उससे कितने रुपए का नुकसान होगा?
00:21यूएस डील साइन कर दी है, मोधी जी ने, तो बहुत जबर्दस चोट लगने वाली हैं देश को, हमारी एकॉनिमी
00:29को जबर्दस नुकसान होने वाला है, स्टॉक मार्किक का आपने देख लिया
00:37हलाकि राहुल गांदी जी ने बार बार कई विश्यों पर इस सरकार को 2014 से लेकर अब तक कई विश्यों
00:45पर पहले से अवेर करने की कोशिश की, क्योंकि प्रदान मंत्री जी तो अलगी मोड पे रहते हैं, हमेशा इलेक्शन
00:51मोड में रहते हैं, देश की चिता इनको बाद मे
00:54आती है, जब सारी चीज़ें के हाँ से निकल जाती है, तो सब कुछ देशवासियों पर और खासकर मिडल क्लास
01:00पर और मध्यमबर गरीब लोगों के उपर छोड़ देते हैं, कि अब आप जो है, अपनी कटोतियां करते रही है,
01:07और यही देश हित में ठीक है, बाकि हम जब ह
01:10हमार एक काम करने का समय रहेगा, तो हम अपने पुझी पती मित्रों की सारी चीजे ध्यान में रखकर उनके
01:16लिए काम करेंगे, तो प्रदान मंत्री मोधी जी को अचानक से जब चुनाव पतम हुए पांच राज्य में, यह अचानक
01:23से पढ़ रहा है, यह तो मार्च में रा
01:37अर्थिक क्राइस आने वाली है, लेकिन आपने उस समय भी उस बयान को नहीं सुना और सुना था, लेकिन ना
01:44तो मेडिया की उसको लाइम लाइट में आने दिया और ना इस देश आज उसी बात पर आपने जो बयान
01:51आपने कल दिया है, फिर से पैनिक क्रेट कर दिया, पूर
02:24तो जीतने के लिए जितना मैंजमेंट करना है वो सब कर लिया लेकिन आप आप से खह रहे हैं और
02:30एक बयान में मुझे तो समझ में नहीं आता कि
02:32प्रदान मंतरी मोदी जी देश का सेक्टर को जो गोल्ड सेक्टर है या ट्रांसपोर्ट सेक्टर है या देश के जो
02:40वैपारी है उन से किस तरह के दुश्मनी निकालते हैं कि एक वयान में वो सब को चिंतित कर देते
02:45हैं एक ठ्रेट और पैनिक क्रियेट कर देते हैं एक वयान
03:02अपने मेनिफिस्टों में कहा है कि वो सोना गिर्वी रख देगी आपका और नजाने कैसे कैसे जूटे आरोप लगा रहे
03:08थे और ये भी कह रहे थे कि देश की महिलाओं का आभूशन इस देश की ग्रेणियों का सब कुछ
03:14होता है वो मंगल सूप्त होता है और पता नहीं कितन
03:29तो और आप आस था है ही आपकी पार्टी भी होगी विपक्ष में तो सवाल उठाना आपका भी है और
03:34आप लोग करते भी है राॉल गांदी का बयान ऑमने पहले बताया है भी सर् वहां कि तो वहत्तर जिन
03:42हो गए इस उत्चोल इरान-उस वर के बीच लगतार कीमतों में इस
03:55सब्सक्राइं
04:15आकर यहां से तेल खरी दिये, यहां से नहीं खरी दिये, हमारी विदेश नीती, जिन देशों से हमारा अच्छा समझोता
04:22था, अच्छा तालमेल था, सब सामने आ गई थी खुल करके, क्योंकि एक देश की वज़ा से इतना डर रहे
04:29थे मोदी जी, अपना फैसला नहीं ले पा �
04:31रहे थे, एक तरफा युएस ट्रेट डील कर लिए, तो इनकी बसकी बात तो नहीं है, इनको देश से चमा
04:35मांगनी चाहिए, और यह देश से जूट भी बोलते हैं, बंगाल के चुनाव के समय मिच्छा जी ने रोड शो
04:41में कहा था कि कि किसी तरह का कोई तेल और गैस की, र
05:01293 रुपे एक सांथ बढ़ा देते हैं, और उसके बाद प्रदान मंतरी आकर एक बड़े सेक्टर को खतम ही कर
05:06देते हैं, यह कहकर कि एक साल तक आप मत खरी दिये देश हितनी, तो यह तो बड़े चिंदा की
05:12विशह है, शायद आप प्रशन मेरा ठंग से समझ नहीं पाए, म
05:38कैसे विकल्प में क्या समझ पाए हम?
05:57कि आप कार का इस्तमान ना करेंगे, आपके पास जो आपके पास गोल्ड है, वो गोल्ड के लावा आप कोई
06:04गोल्ड ना खेरी देंगे, आप तेल और विदेशी दोरह ना करेंगे सब्सक्राइब बल्कुल गुर्फान जी, रामकुमार जी से जवाब ले
06:12लेंगे इसका, �
06:13लेकिन उससे पहले में चाहूँगा, प्रिधान मंत्री नरेंदर मोधी ने गोल्ड को लेकर आपके आपके पास, प्रिधान मंत्री नरेंदर मोधी
06:20ने हाइदरबाद में किस तरह ऐसे गोल्ड ना खरीदने की अपील की थी, उसके पीछे क्या क्या उन्होंने अपने तर्क
06:43सोने की खरीद
06:44एक और पहलू है
06:47जिसमें विदेशी मुद्रा
06:50बहुत अधिक खर्च होती है
06:53एक जमाना था
06:56जब संकट आता था
06:59कोई युद्ध होता था
07:03तो लोग देशित में
07:06सोना दान बेदेते थे
07:09आज दान की चरुरत नहीं है
07:14लेकिन देशित में
07:18हमको ये तै करना पड़ेगा
07:20कि साल भर तक
07:23घर में कोई भी फंक्षन हो
07:26कोई भी कारकम हो
07:29हम सोने के गहने नहीं खरी देंगे
07:33सोना नहीं खरी देंगे
07:37विदेशी मुद्रा बचाने के लिए
07:40हमारी देश भक्ती
07:43हमें चुनोती दे रही है
07:46और हमें चुनोती को
07:48स्विकार करते हुए
07:49विदेशी मुद्रा को बचाना होगा
07:54विदेशी मुद्रा को बचाना होगा
07:56एक साल तक सोना नहीं खरींगी देंगे
07:58रामकुमार जी आपने पहले भी ये बयान सुना होगा
08:00प्रधान मंत्री का और एक बार फिर हमने आपको सुना दिया
08:02गुर्फान जी को भी आपने बड़ी शालिंता से तनमेता से सुना
08:05जैसकि उनका कहना भी है
08:07कि आप सबसे पहले अपने मंत्रियों को क्यों नहीं कह देते
08:09आज कहीं मैं एक्जांपल दे दू जो कि मैंने इस शो के शुरुआत में भी कहा था
08:13कि सोबनात पहुंचे
08:32पूरे देश कहीं प्रधान मंत्री है
08:33प्रधान मंत्री की इस अपील का आप कितना असर देख पारें
08:36क्या सच मोच देश की जनता पर कोई असर पड़ेगा
08:38या फिर सिर्फ नाकामी छुपाने के लिगे एक बयान है
08:43आपको और कॉंग्रेस का सभी का बयान सुना और मैं अपने बात करता हूँ
08:48देखे यह एक मसाधा था जिसे तुम चाहो इस्तेमाल करो
08:55मसाधा दिया है कोई कमपचरी रूलिनियर कानून नहीं है
08:58और अभी हमारे विशेसर ने बड़ी अच्छी बात की थी
09:02उस पर जाते विए कहना चाहूँगा कि जब कॉंग्रेस ने 2008 में आज जो अच्छा ओईल का भाव है
09:12उतने दर उस समय भी था उस समय 113 रूपय था आज उससे जादा होगा प्रूड ओयल का
09:19उस वह कॉंग्रेस ने क्या किया था बस की बात नहीं तो इनकी बस की बात क्या थी पता है
09:23आपको सर वह समय ऑईल बॉंड बेचा था जिसकी में
09:34तो उसकी मैचुरिटी उन्होंने दस साल बाद से लागों की दस साल बाद मज़ता दो आजर आठर से दो हजर
09:40चब्विस उसका तीन लाग तीस तीन लाग तीस लाग क्रोड रूपया वह देश ने चुकाया देश की जनता कही गया
09:47और उसके बाद आपको बताएंगे खुम
09:59नहीं देना और सोना बकी बात कर रहे हैं कि दो कि और से जादा स्टॉड में इंर गांधी ने
10:17जमा किया दो हमें जितने प्रघानमंत्री आए
10:28उस जो देश का सोना है उसको बेच के देश को खस्ता आलत में दालने के लिए इंद्रा के बाद
10:36समने यही किया है और उसके बाद बहुत बड़ा हिसाब किता तो यह है
10:51कि सदन में एक मिनट का ढ़का धाईलाग रुपया खर्च होता है और एक घंटे का तो यह आपके सुरूता
11:10और आपके लिए को चीज है
11:11बलकुल इसका जवाब भी लेंगे गुर्वान जी से लिकर मैं चाहूंगो आप सीधे हमें चाल्गना चाहिए का सवाल है
11:22बिल्कुल सर सभी सवालों का जवाब आपसे भी लेंगे सर एक शिवेन जी भी काफी जरी से वेट कर रहे
11:28हैं उन्हें
11:31क्या सर आपकी स्टोरी बड़ी अच्छी है उसलिए मैं उसी का जवाब कहा रहा हूँ जिस डर की बात कर
11:39रहे थे बांकी दोनों हमारे अच्छास्ती रजनीश जी और गुर्फान जी उस डर की हकीकत भी दिखा दे मांकों सही
11:44रखी सर आपके शोताओं के लिए रजनीश ने �
11:46बातें महुद अच्छी रखी जी जी बिलकुल अप चल लेते सर फिल्ड पर चल लेते हैं शिविन सर काफी देर
11:53से आप वेट भी कर रहे हैं और आप सुबे से सराफा बाजार में हैं कई आपने जोहरियों की नबस
11:58टोलनी कोशिश की प्रधान मंत्री नरेंद मोदी के भा�
12:14पर हुआ हैं तो वो सकता है और जिस को हैं इस से जोड़ा है और इस पर्सक्राइब
12:35यह थोड़ा सा मार्केट पर फर्क बड़ सकता है और यह लोग इस तरीके से सर्थ बेख राइब नहीं पड़ेगा
12:42इनके साथ में जोड़े होते हैं वो कारीगर जिनके और जो लोग उसे बनाते है निर्माज़कार से दाई बहुत बड़ा
12:49बर्ग है और मुकुन मैं आपको �
12:51बचा दूंगे जो वर्ग है ये अभी तक ये माना जा रहा था प्रधान मंत्री का बहुत बड़ा समर्थक इस
12:56तरह के बैपारीयों को माना जाता है कि बहुत बहुत समर्थक है और जो पिछले कुछ समय थी बैपारी उसलिए
13:02भी परसांते कि इस टोने की कीलते जो ती वह इस
13:21अपने बेटे और बेटियों की स्टादी के लिए जो भी सामानों ने अभूशन खरीमना परंपरा का खरीके से आवस्ट नितान
13:28सब जोड़ रहा हूं उसको बना रहे थे उसमें भी उसका जो कैरेट या निकि जो उसकी मात्रा है वो
13:35कम करते थे वह 24 कैरेट का तो बनता नह
13:37लेकिन 25 कैरेट का जो था वो 18 से और यहां तक की मैंने को 14 और 9 कैरेट तक
13:42भी राभूशन बनना शुरू हो गया था निकि जो ब्यापार है वो आलगेडी कम था और वो सिर्फ आवस्टा वी
13:49था अगर ये कहा जा रहा है कि अब आवस्टा और फंसन में नई खरी दिये तो �
13:54इसका प्रवाख क्या होगा यह तो आने वाला बस बताएगा लेकिन मेरा मानना यह है कि जिस तरह की भारतिये
13:59संस्कृति की बात हो रही है जरूत की बात हो रही है सोना वो खास तोर्चे खास जो आयोजन होते
14:06हैं घर पे खास तोर्चे बैबाहाई का योजन और तमाम आयो
14:23लिट पर एक बड़ा फर्क देखा जा रहा है और यहां के जो मार्केट वाले हैं वो कहरें कैसे करके
14:27साल भर में तो हमारा बहुत बड़ा नुकसान होगा।
14:30और इसका मैं दूसा फर्ख ये देखता हूँ गर एक एक ब्यापार बर ये बहुत बड़ा किबना है धिन्दी में
14:35खड़ा हूँ लेकि पुरे हिंदुस्तान में बहुत बड़े लोग है करों लोग इस ब्यापार से बुड़े हुए परतक चुरूप से
14:42और तो निश्चित त
14:56बात को सही गलत जो भी बताएंगे मैं उसको शुकार करूंगा उनकी क्रह सक्तिया पर बहुत दूसरे व्यापारों पर भी
15:03पड़ेगा और यहां जूसरी बात जो आपने प्रसम बाकी लोगों से किया और जो आपने प्रहरम में किया कि प्रदान
15:09मंत्री खुद जो है इतनी
15:10गाड़ियों के कापले गाड़ीं, यह बात काफले के साथ गय सोगनात मंदिर, तो लोगों ने कहा कि अभी तक जब
15:16� चुना हो रहा था, तो हजारों गाड़ीयों के कापले बसें, सवह इस तल के लिए लगाई जा रही थी,
15:22तमाम चीजें खरीकार करतां को देली एक से दो
15:25लिटर, तीन लिटर की परशिया बाटी जा रही थी, यह तमाम चीजें हैं जो
15:31तो लोगों को ये लोग प्रधान मंत्री की बात पर ध्यान भी दे रहे हैं लेकिन साथ साथ ये भी
15:35कह रहे हैं कि अगर ये काम पहले से अगर ऐसा ही होना था तो ये पहले से भी कर
15:39दिया जाता तो इतनी साल जो 6-7 महीने चुनाओं के दोरान रहे हैं क्योंकि जो युद्ध ह
15:44वो आज नहीं हुआ है तो अगर बिदेशी मुत्रागा संक्र की सियुद से जुड़ा हुआ है इसकी महंगाई से जुड़ा
15:52हुआ है तो यह पहले से भी था तो आके यह बयान पहले को नहीं दी गया क्या इसके पीछे
15:57चुनाबी गणित था यह सारी वाते दिश्ची तौर प
16:14पीचे कोई रास्ट के भला हो सकता है। ऐसे बिचार अभी कुछ लोगों के मिले हैं मुकुल।
16:44एक मिडल क्लास है, लोए मिडल क्लास है, वो पहली बार सोना करीदने का मन बना रहा था, क्या अब
16:49वो पीचे हट गया इस बयान के बार।
17:14बनाना जरूरी है, वो बनाएंगे हम, मजबूरी हमारे पास आभूस्टर है नहीं, हम बनाएंगे लेकिन उसका हम दाम कम करेंगे,
17:21इसमें सोना कम होगा।
17:22तो ये पूछा कैसे सोना कम होगा, तो उने का हम अभी इसको अठारा करेंगे, आज भी बात कर रहे
17:28हैं, उसके और कीमत कम हो, कम करेंगे, उसमें जो सुद्ध सोने की बात है, वो कम हो जाएगा।
17:33तो लोग उस दिखावटी तोर पे परंपरा को निभाने के लिए करेंगे ये कि सोने की मात्तरा कम करके, उसमें
17:409 कैरेट और ऐसे नीचे कैरेट पे लाखर के बनाने का परियास करेंगे, 18 कैरेट पे लागिया और नीचे लाने
17:45का परियास कर रहे हैं, ऐसी बात है, जिनकी �
17:55लोगों के दिवाग पे असर पड़ा है, लोग कहा रहे हैं कि कौन सी बड़ी समस्या देश में आने वाली
18:00है, जो वो नहीं समझता रहे हैं, विदेशी मुद्रा की हर किसी को नॉलिज भी नहीं होती है, पर वो
18:06मानके चलते हैं कि तुछना कुछ भारत की आर्थिक हालात है, �
18:10जो एक समान ग्रहणी थी, वो उनने का बई बिदान मंतरी कह रहा है, तो कुछ बहुत बड़ी समस्या ना
18:14आ जाए, तो हम जो योगदान कर सकते हैं, वो करेंगे, लेकिन इसका उल्टा असर ब्यापारी हो पड़ेगा, तो उसी
18:20समय उस ब्यापारी जब मैं उस गिरहाक से �
18:22बात कर रहा था, तो बही सर्राप ने मुझसे का सर्राप बोलते हैं आपर, जो लट्स को, यह उर्दू का
18:27एक सब्ड़ है, तो उन्हों ने कहा देखिए, यह भावनाएं बहुत सारे लोगों के अंदर हैं, अब इससे क्या होगा,
18:35टोटल सोना हमारा विखेगा कम, कम विख
18:52बहुत बड़ा एक आर्थिक फरक आर्थिक चक्र है, फूरा वो रुख जाएगा, और इस रुखने का जो चक्र है, इसका
18:59फरक तमाम जब क्रैस सक्ति उन सब की कम होगी, तमाम दूसरे व्यापारों पर पढ़ना ता है, ऐसा मेरा मानना
19:04है, और यही मेरी ओपिनियन है कि य
19:20कोशिश आप कीजिए, कुछ भोगताओं से अगर वहाँ पर बात हो पाती है, तो हम वन इंडिया पर उदिखाना जरूर
19:26चाहेंगे, रचनीज जी के पाद चलेंगे, लेकिन उससे ठीक पहले रामकुमार जी को थोड़ा कम वक्त मिला था, नाराज भी
19:30थे वो, रामकुमार
19:44कि हम मोदी जी के साथ हैं, जो फैसला ले रहे हैं, कुछ सोच के लिया होगा, सही लिया होगा,
19:48बाकि दूसरा पक्ष ये भी है, जो कह रहा है कि नहीं जरुरत भर के तो हमें बना नहीं पड़ेंगे,
19:52अब इसको कैसे देख रहे हैं आप?
20:15उसके लिए नहीं है, पहली बात तुम्हें कहता है, कि आप जो कर सकते हो, चाहो देश के साथ, देश
20:24के साथ परे रहे हो, और अभी देश में क्या किया, इतना जो मसोधा हुआ था, उसके अंदर जो पैट्रोल
20:31डीजल पे, केंने सरकार ने तो अपनी 10 रुपे घटा दिये
20:34पेट्रोल पे भी घटा दिये डीजल पे घटा दिये पर राजे सरकारों ने क्या किया सर्कारों में भी तो कम
20:40नहीं हुआ सर देश में बाइस राजी होगा अब तो बीज़ भी नहीं रहे जाता
20:58अभी भी सरकार समानले का प्रयाज कर रहे हैं अभी जो अक्तरा सोला सत्रा अट्रा रूपया जो राजे सरकारे ले
21:05रहे हैं उस एक्साइज दूटी वह भी कुछ जैसे केंदर चोड़ रहा है तो राजे पे भी केंदर कहेगा कि
21:12जनता भी यह बोज न जाए कम से कम आप लो�
21:21पार कि उसको समालना ही पड़ेगा इसको सब को मिलकी समालना पड़ेगा इनके जेसा वांबरन की देश को
21:28सकत्रे नहीं डालेंगे यह वह मोधी जी है देश से आपील करेंगे मांग करेंगे कि भाए हम देcej हो होती
21:39है और सोना बेचनी की बात कर रहे हैं हमारे
21:45जो सोना मेरे लेले के जगा नहीं कि हमारे पास पास गुल्जा इस नहीं पर इसे नहीं है
22:00कि नहीं सदन गाना जुट भोलना तो मता है इज़ रिंधी आयां मैं नाम लेकर बोल रहा हूं और प्रिखिलिवाय
22:08चवार्ण
22:08जो हमारे मुक्यमंत्री थे, उन्हों ने कहा कि देश का सोना बेचना पड़ेगा, पकट में सला दे रहे थे, पकट
22:15में, COVID के टाइम पे, जो जिसने सला मांगी भी नहीं थी.
22:38जीडी भी कितनी प्रभावित होगी और जिस हिसाब से प्रधान मंत्री नरेंद मोधी ने अपील की है, इस अपील का
22:44असर कितने वक्त तक देखने को मिल सकता है.
22:46चोटा सा और मैं इनपूर्ट जोड़ दू, इसमें सवाल जोड़ दू, सर, पेट्रूल डीजल को लेकर भी अब धीरे-धीरे
22:51एक संशय बनता जा रहा है, रामकुमार जी ने अच्छे से बतानी की कोशिश की, कि हम लोग ने कंट्रोल
22:56में रखी है, स्थी थी हमाई सरकार �
22:57कंट्रोल में रखने का प्रियास किया है, बेशक रसुई गैस के सिलिंडर, रसुई गैस के दाम, यानि लगातार बढ़ते जा
23:04रहे हैं, और वो कमर्शल बेशक हो पर मझे पर है सर, सबको पता है, कितना पढ़ता नजर आ रहा
23:08है, अब कैसे देखने सर, आने वाले दिनों,
23:10पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, और यह जो सोने वाली अपील है, इसका कितना प्रभाफ देखेंगे भारतिये अर्थ व्यवस्ताब करें, अब ही
23:18क्या है, इंडिया के पास एक कुशन है, गोर्मेंट इसका जो शौक है, कंजूमेंट के पास पास होने नहीं दे
23:28रही है, ग
23:40अब ही जो इंफलेशन है, वो कंट्रोल दिख रही है, क्योंकि गोर्मेंट ने पूरा जो क्रूड का जो शौक है,
23:45वो कंजूमेंट पास नहीं कर रही है, और करेंट अभी जगका जो CPI इंफलेशन है, तकरीबं 3-4 परसंट के
23:51आसपास है, लेकिन अगर फ्यूचर में यही
23:55सिचुएशन रहा, तो फीचर में और बेकार हो सकता है, मतलब खराब हो सकता है, हमारे अगेंस्ट में जा सकता
24:01है, हर 10 डॉलर अगर क्रूट के प्राइस में अगर इजाफा हो, तो इंफलेशन तकरीबं 0.4 से 0.6
24:07परसंट तक बढ़ जाता है, जो GDP का ग्रोथ है, वो 0.3 प
24:22ट्रोल नहीं है, यह हमारे ओइल जो का जो एफेक्ट होता है, वो ट्रांसपोर्ट, एगरिकल्चर, लोजिस्टीक, मैनिफेक्ट्रिंग, अविशन, फूड प्राइस
24:30सब पर पढ़ता है, यहीं रीजन है कि गोर्मेंट ने इसको आगे पास नहीं करने दिया है, और आपकी
24:36जो बात थी और आपके जो कोरिस्फोंडेंट थे, उन्हाने जो कॉश्चन किया, कि अगर हम गोल्ड खरीदना बंद कर दें,
24:43तो क्या जीडीपी पेस का निगेटिव असर पढ़ेगा, देखिए, एकनॉमिकली गोल्ड के पास गोल्ड का पोजिटिव और निगेटिव दो
25:05और अगर हम इसका निगेटिव अगर प्रॉब्लम वाली बात करें, तो इंडिया का डॉलर खर्च होता है, अगर हम इंपोर्ट
25:13करते हैं, तो तक्रीवन पचास से साथ बिलियन डॉलर गोल्ड पर खर्च होता है, तो फोरें एक्शेंज बाहर जाता है,
25:19गोल्ड अपने आ�
25:23का मतलब है कि इसे मशीन नहीं बनती, इसे हाईवे नहीं होता, इसे एक स्पोर्ट केपैसिटी नहीं बढ़ती है, प्रोडुक्टिविटी
25:28इंक्रीज नहीं होती है, तो ये एक बैलन्स वे है, हलो, पिल्कुल, रजिन शे आवाज आ रही है, आपकी, सर्व,
25:36मैं चाहँग�
25:51इसका असर तो थोड़ा-थोड़ा देखने में आ रहा है, लेकिन जैसे ही पेट्रोल और डिजल के प्राइसिस बढ़ने शुरू
25:57होंगे, क्योंकि गवर्मेंट बहुत दिनों तक होल्ड नहीं पाएगी, और तकरीबं 30,000 क्रोर रुपे का घाटा हो रहा है,
26:03और जैसे मैंन
26:18कभी तो पासन करना पड़ेगा, आप देखिए ये प्राइसेज जो है, कोई न कोई बेर तो करेगा, चाहे गवर्मेंट करें,
26:23PSU कंपनीज करें या कंजूमर करें, अभी गवर्मेंट और PSU कंपनीज कर रही है, और कंजूमर के पास नहीं आ
26:29रहा है, लेकिन मुझे ऐसा ल
26:45किस तरह का डर है, किस तरह का संकट, अब उन पर मंडराने वाला है, इस बयान के बाद प्रिधान
26:51मंतरी नुरेंदर मोदी के, जिसमें साफ अपील की गई, कि अगले एक साल तक कोई भी फंक्शन हो, कैसा भी
26:56जरूरी काम हो, आप सोना खरीदने से बचे, क्या बता रहे हैं
27:02देखिए, बड़ी-बड़ी बाते हैं, और कुछ सच बाते भी हैं, किस तरह से विदेशी मोतरा के भंडार की क्या
27:08समस्या है, वो समस्या है, जरूर प्रिधान मंती ने रखी हैं, वो बयान दिया है, लेकिन होता कहते हैं, जिसके
27:14हाथ पे चिंगारी गिरती है, उसकी जलन �
27:29तो अधिस से ही बात करेंगे, अधिस जी जिस तरह प्रधान मंती ने कल अपील की, कि एक साल तक
27:34तो कम से कम बहुत जरूरी हो, तब भी सोना ना खरी दें, इस से आप जैसे लोगों के ब्यापार
27:39पे क्या फरक देख पा रहे हैं, देखो अल्रेडी जो हमारा बैपार है, इ
27:59जो वो कह रहे हैं, वो देश के लिए बड़िया ही कह रहे है, हाँ, अगर गवर्मेंट ये कहती है,
28:03लोगों कि आप गोल्ड परचेज मत करें, कोई बात नी, अगर कह रहे हैं, तो कुछ अपनी तरस में सही
28:07कह रहे होंगे, हाँ, इसको ये इस तरीके से कर सकते हैं, कि लो�
28:26अपील है, और हम इस तरह से कुछ बोल देंगे, तो फिर एक रहे हैं, अधित से कापी एजिट है,
28:40उमदार है, इस ब्यापार में एक जमाने से हैं, सर क्या ना मैं आपका?
28:43मेरा नाम संदीदी, आप क्या जैसे आदित जी ने कहा, अपनी बात रखी की, वो एक आप्शन हो सकता है,
28:52लेकिन हरी किसी के पास वो जोली नहीं और कोई गलाना नहीं चाहिए, ऐसी मज़़ूनिया क्यों हो, एक प्रधान मंत्री
28:57की इस अपील को आप कैसे देखते हैं, आ
29:12में और विचार तो करने ही पड़ेगा, मुझे भी यही लगता है, कि पुराना सोना देकर गे, और उसके बदले
29:18में ज्वैलरी ली जाए, यही एक आप्शन लग रहा है, और इसके अरवा गवर्मेंट अगर थोड़ा सा कंट्रोल करना चाहती
29:26है, तो जो बाहर से गोल्ड �
29:28जो मगाया था उसको पर थोड़ा टेक्स बढ़ा दे, इंपोर ड्यूटी बढ़ जाए, और महगा हो जाएगा, हाँ, सोने का
29:34भाव महगा होगा तो लोग जल्दी से, बात तो बही है कि आदमे के खरीदर, व्यापार पे तो आपके फरक
29:39पढ़ना आप इतना बड़ा फरक �
29:43इसके पीछे दिमाख में क्या है, कोई दबाओ नहीं है, मेरे को तो देश इससे बड़ी कोई बात लग नहीं
29:49रही, हाँ, इससे थोड़ा नुकसान भी हो रहा है, लेकिन ऐसी बहुत सारी बाते पहले भी मैंने सुनी है, कि
29:56हमारे देश के प्रधान मंतरी ने इससे पहले भ
30:02पुरानी बात है, कि एक समय खाना खाईए, ऐसा मेरे को मैंने कहीं इसके बारे में जिक्र देखा भी है,
30:10तो मुकंद आप समझ सकते हैं कि प्रधान, आप जो हम लोग सोच रहे हैं कि प्रधान मंतरी की बात
30:15को समरसन नहीं मिलेगा, एक तो वो बरग है जो उसको खरीदने स
30:18रोका जा रहा है
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