00:06केरल में इस बार कॉंग्रस नित यूडियेफ कडबंधन ने अतिहासिक जीत दर्ज की है
00:11लंबे समय बाद वाम मोर्चे को सत्ता से बाहर करके कॉंग्रस कडबंधन सरकार बनाने की सिथी में पहुँचा
00:17लेकिन चुनाव जीतने के बाद अब कॉंग्रस खुद सबसे बड़ी राज़नितिक उलजन में फस्ती दिखाई दे रही है
00:23करीब एक हफता बीट चुका है लेकिन अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर सहमती नहीं बन पाई है
00:29दिल्ली से लेकर तीरुवनंत पूरं तक लगतार बैठकों का दौर जारी है
00:34कॉंग्रस विधायक कारेकरता सहयोगी दल और हाई कमान सभी अलग-अलग संकेत दे रहे है
00:39एक तरफ वीडी सतीशन है जुने जमीनी लड़ाई लड़ने वाला चहरा माना जा रहा है
00:44तो दूसरी तरफ केसी वेणू को पाल है जुने संगठन और दिल्ली नेतरत्व का मजबूत समर्थन हासल बताया जा रहा
00:51है
00:51स्तिती इतनी जटिल हो चुकी है कि अब सिर्फ कौन बनेगा मुख्यमंतरी का सवाल नहीं रह गया है
00:57बलकि ये कॉंग्रेस की भविष्य की राजनीती, राहुल गांधी की रणीती और दोहजर उनतीस की तयारी से भी जुटता दिख
01:04रहा है
01:04आज के इस एक्स्प्लेनर में हम आपको पाँच बड़े पॉइंट्स में समझाएंगे कि आखिर केरल में कॉंग्रेस की भीतर क्या
01:10चल रहा है
01:11सतीशन और वेनु गोपाल की ताकत क्या है
01:13आई कमान क्यों असमंझस में है और आखिर मुख्यमंत्री की कुर्सी किसे मिल सकती है
01:19नमस्कार मेरा नाम है रिचापर आशर और आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंडि
01:27पांच राजियों के चुनावी नतीजे एक साथ आए
01:30जहां बाकी चार कहीं शपत ग्रहन हो गया तो कहीं मुख्यमंत्री तय हो गया
01:35लेकिन कॉंग्रिस के भीतर अजीब विवाद चल रहा है केरलम को लेकर
01:38तो सबसे पहले यही जानते हैं कि आखिर कॉंग्रिस में विवाद शुरू कैसे हुआ है
01:43केरलम विधानसभा चुनाओ में UDF गटबंधन को सपष्ट बहुमत मिला
01:48140 सदस्य विधानसभा में गटबंधन ने 102 सीटे जीए
01:52लेकिन यहां सबसे एहम बात यह है कि कॉंग्रिस अकेले बहुमत के आकड़े से काफी दूर है
01:57पार्टी के पास सिर्फ 63 विधायक हैं
01:59बाकी सीटे, IUML और अन्य सहयोगी दलों के पास हैं
02:04यानि सरकार कॉंग्रेस की जरूर होगी लेकिन पूरी तरह कॉंग्रेस की नहीं होगी
02:09यही वजह है कि मुख्यमंतरी का फैसला सर्फ कॉंग्रेस विधायक दल तक सिमित नहीं रह गया है
02:14चुनाव के दौरान विपक्ष के नेता जो हैं वीडी सतीशन उनको कॉंग्रेस का सबसे आकरामक चहरा माना गया
02:20उन्होंने LDS सरकार के खिलाफ लगतार सडक से लेकर विधान सभातक लड़ाई लड़ी
02:25द्रश्टचार, बेरोजगारी और प्रिशासनिक मुद्दो पर उन्होंने सरकार को लगतार घेरा
02:30यही कारण है कि चुनाव जीतने के बाद कारे करताओं का बड़ा वर्ग उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहता
02:37है
02:38लेकिन दूसरी तरफ केसी वेणू को पाल है
02:41वे कॉंग्रेस संगठन में लंबे समय से राहूल गांधी के भरोसे मंद नेताओं में से एक गिने जाते है
02:47दिल्ली में उनकी मस्बूत पकड़ मानी जाती है
02:49संगठन और रनीती दोनों में उनका प्रभाव काफी बड़ा है
02:54यही से कॉंग्रेस के भीतर दो अलग धड़े बंते दिखाई दे रहे हैं
02:58एक ग्राउंड लिडर्शिप का समर्थन कर रहा है
03:01दूसरा संगठनातमक अनुभाव को प्राथमिक्ता देने की बात कर रहा है
03:05अब दूसरा पॉइंट समझे
03:07सतीशन के समर्थन में कारेकरता क्यों उतर आए
03:10सवाल यह है कि आखिर कारेकरताओं का इतना बड़ा समर्थन
03:14वीडी सतीशन को क्यों मिल रहा है
03:16दरसल कॉंग्रेस कारेकरताओं का मानना है कि अगर इस बार पार्टी सत्ता में लोटी है
03:21तो उसमें सबसे बड़ा योगदान सतीशन का ही रहा है
03:24उन्होंने विपक्ष्ट के नेता के तौर पर लगतार आकरामक राजमीती की
03:28LDS सरकार के खिलाफ जो महौल बना उसमें सतीशन की भूमिका को काफी एहमाना गया
03:34उन्होंने केरल में कॉंग्रेस कैडर को फिर से सक्रिय करने की कोशिश थी
03:39यही वज़े है कि चुनाव की नतीजों के बाद कई जिलों में कारेकरता सड़क पर उतर आये हैं
03:44कई जगर रेलिया निकाली गई पोस्ट लगाए गए वीडिफ और सेव जैसे नारे भी सुनाई दिये
03:49हलाकि कॉंग्रेस हाई कमान इस तरह के खुले शक्ती प्रदर्शन से और सहज बताया जा रहा है
03:54दिल्ली नेतर तो नहीं चाहता है कि मुख्यमंत्री चयन का मामला सारवजनिक दबाव में तैह होता दिखाई दे
04:01अब सूत्रों के मताबिक सतीशन को कारेकरताओं को शांत करने और प्रदर्शन रोकने के निर्देश भी दिये गए हैं
04:08लेकिन इससे एक बड़ा राजनिक संदेश जरूर गया
04:11सतीशन सिर्फ विधायक नहीं बलकि जमीनी कारेकरताओं के बीच सबसे लोग प्रियच चहरा बन चुके हैं
04:18और यही बात हाई कमान की मुश्किल भी बढ़ा रही है
04:21क्योंकि अगर सतीशन को नजर अंदाज किया गया तो कारेकरताओं में नाराज़गी बढ़ सकती है
04:26अब तीसरा पॉइंट समझे
04:28आखर विधायक वेडू गोपाल के साथ क्यों दिखाई दे रहे हैं
04:32अब आते हैं उस पक्षपर जिसने पूरी तस्वीर को और ज्यादा जटिल बना दिया है
04:37जहां कारेकरता सतीशन के समर्थन में दिख रहे हैं
04:40वही कॉंग्रिस विधायकों का बड़ा वर्ग वेडू गोपाल के पक्ष में बताया जा रहा है
04:44कॉंग्रिस हाई कमान ने स्तिती समशने के लिए अजय माकन और मुकुल वासनिक को परविक्षक बना कर केरल भेजा
04:51उन्होंने विधाय को सांसदो और स्थान्य नेताओं से बाचिती
04:54इसके बाद जो रिपोर्ट दिल्ली पहुँची उसमें संकेत मिले कि अधिकतर विधाय वेडू गोपाल को मुक्यमंतरी के रूप में देखना
05:01चाहते हैं
05:02इसके पीछे कई वज़े बताई जा रही हैं जो सबसे पहली वज़े हैं वेडू गोपाल का संगठनात्मक अनुभाव
05:09वे कॉंग्रेस के राष्ट्रे महा सच्चिव रहे हैं और लंबे समय से पार्टी के केंद्रे नेत्रतों के बेहत करीब माने
05:15जाते हैं
05:16दूसरी वज़े दिल्ली से ताल मेर कई विधायक मानते हैं कि अगर मुख्यमंत्री ऐसा नेता हो जिसकी सीधे हाई कमान
05:23तक पहुँच हो तो सरकार और संगठन तोनों में बहतर समन्वे रहेगा
05:27तीसरी वज़े राजनितिक संतुलन वेनु कोपाल अपेक्षा कृत शांत और संतुलित नेता माने जाते हैं
05:33कॉंग्रिस के कुछ वरिष्ट नेताओं का मानना है कि गटबंधन सरकार को संभालने के लिए ऐसा चेहरा ज्यादा उपयोबी हो
05:39सकता है
05:40लेकिन यहाँ एक बड़ी वैभारिक समस्या भी है
05:43वेनु कोपाल फिलहाल अल्पुझा से लोगसभा सांसद है
05:45अगर उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो उन्हें विधान सभा सदस्या बनना पड़ेगा
05:49इसका मतलब होगा एक लोगसभा सीट खाली करनी होगी और एक विधान सभा सीट पर उपचुनाओ कराना पड़ेगा
05:55याने मुख्यमंत्री चायन सिर्फ राज़ितिक फैसला नहीं बलकि चुनावी गणित का मामला भी बन गया है
06:01चौथा पॉइंट समझे
06:03Muslim Vote Bank और सहयोगी दलों को जो की एक बड़ा Factor प्ले करने वाले हैं
06:08अब बात उस Factor की करने वाले हैं جसने Congress High Command को सबसे ज्यादा सतर कर दिया है
06:13Muslim Vote Bank और सहयोगी दल
06:15केरल की राज़िती में Indian Union Muslim League यानि की IUML का प्रभाव काफी बड़ा है
06:21इस बार IUML ने 22 सीटे जीती हैं यानि सरकार बनाने में उनकी भूमी का बेहत एहम हो गई है।
06:27सूत्रों के मुताबिक IUML समेत कई सहयोगी दल वीडी सतीशन के पक्ष में जुकाव रखते हैं।
06:33इसके पीछे एक करण ये भी माना जा रहा है कि सतीशन को जमीनी स्तर पर ज्यादा स्विकार चेहरा माना
06:39जाता है।
06:39इसके इलावा वाइनार्ट फैक्टर भी कॉंग्रिस के लिए बेहत महत्वपोन है।
06:44वाइनार्ट लोग सभा सीट का प्रतिनिदित्व फिलहाल प्रियंका गांधी कर रहे हैं।
06:48यहां मुस्लिम वोटरों की संख्या काफी ज्यादा मानी जाती है।
06:51कॉंग्रिस किसी भी हालत में ऐसा संदेश नहीं देना चाहती जिससे मुस्लिम वोटरों की राय को नजर अंदाज किया गया
07:00तो भविश्य में गटबंधन राजनितिक प्रभावित हो सकती है।
07:03यानि कॉंग्रिस के सामने सर्फ मुख्यमंतरी चुनने का सवाल नहीं है। उसे ये भी देखना होगा कि गटबंधन एक जुट
07:10रहे, मुस्लिम वोट बैंक नाराज ना हो, कारेकरताओं का मनोबल बना रहे और सरकार स्थिर भी दिखाई दे। यही वज़े
07:17है कि फैसला ल
07:33केरल कॉंग्रस के लिए सर्फ एक राज्य नहीं है। ये पार्टी के भविष्य की राजुनीती का भी बड़ा केंद्र बन
07:39चुका है। राहूल गांधी लंबे समय तक वाइनाट से सांसद रहे, प्रियंका गांधी भी अब वहीं से राजुनीती कर रहे
07:45है। ऐसे में केरल
07:46कॉंग्रस ने तृत्व के लिए भवनात्मक और राजनितिक दूनों रूप से महत्वपुन राज्य बन गया है। दूसरी तरफ अगले साल
07:52कॉंग्रस अध्यक्ष मलिकार जुन खरगे का कारेकाल भी खत्म होने वाला है। पार्टी के भीतर भविष्य के संगठनात्मक ब
08:15बलकि आने वाले पांच साल को ध्यान में रहकर लिया जा रहा है। सूत्रों के मताबिक अमामला पूरी तरह से
08:21दिल्ली पहुँच चुका है। सोनिया गांधी, एके एंटनी और यूडियेफ सहयोगियों से भी राए ली जा रही है। कॉंग्रस ने
08:28तृत्व जल्दबाज
08:30में कोई ऐसा फैसला नहीं लेना चाहता जिससे बाद में पार्टी के भीतर बड़ा संकट खड़ा हो। क्योंकि बहुत गिने
08:37चुने राज्यवचे हैं जहां पर अभी कॉंग्रस मौजूद है। ऐसे में वो कोई रिस्मी नहीं लेना चाहेगा। तो आखिर कौन
08:43बन सकता ह
08:43मुख्यमंत्री ये तो सबसे जरूरी सवाल है जिस पर हमने ये पूरा एपिसोड ही रखा है। अगर मौजूदा राजनितिक संकेतों
08:50को देखें तो मुकावला अभी वी बहतर काटे का बना हुआ है।
09:13के बीच संतुलन बनाया जाए। लेकिन फिल्हाल इतना तय है कि केरल में कॉंग्रस की असली परीक्षा चुनाव जीतने के
09:20बाद शुरू हुई है।
09:21क्योंकि सत्ता हासिल करना आसान हो सकता है। लेकिन सत्ता के भीतर संतुलन बनाये रखना कहीं ज्यादा कठिन होता है
09:28जो कि केरल में दिखाई पड़ रहा।
09:30आज के Explainer के इस एपिसोड में इतना ही। लेकिन आपको हमारा explanation कैसा लगा हमें comment में जरूर बताईए।
09:36और अगर हमारे किस बात सेयां सहमति रखते हैं और अगर सहमति नहीं भी रखते हैं वो भी बताईए। बाकी
09:41खबरों के लिए देखते रहे हैं One India है।
Comments