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Kerala CM Race: सतीशन या वेणुगोपाल, कौन बनेगा केरल का मुख्यमंत्री? कांग्रेस की बढ़ी टेंशन! केरल में कांग्रेस नीत यूडीएफ की ऐतिहासिक जीत के बाद अब असली पेंच मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर फंस गया है।

About the Story
After the UDF's historic victory in the Kerala Assembly Elections, a major political deadlock has emerged over the Chief Minister candidate.

#KeralaCMRace #VDSatheesan #KCVenugopal #KeralaPolitics

~HT.410~PR.514~ED.104~GR.508~

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Transcript
00:06केरल में इस बार कॉंग्रस नित यूडियेफ कडबंधन ने अतिहासिक जीत दर्ज की है
00:11लंबे समय बाद वाम मोर्चे को सत्ता से बाहर करके कॉंग्रस कडबंधन सरकार बनाने की सिथी में पहुँचा
00:17लेकिन चुनाव जीतने के बाद अब कॉंग्रस खुद सबसे बड़ी राज़नितिक उलजन में फस्ती दिखाई दे रही है
00:23करीब एक हफता बीट चुका है लेकिन अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर सहमती नहीं बन पाई है
00:29दिल्ली से लेकर तीरुवनंत पूरं तक लगतार बैठकों का दौर जारी है
00:34कॉंग्रस विधायक कारेकरता सहयोगी दल और हाई कमान सभी अलग-अलग संकेत दे रहे है
00:39एक तरफ वीडी सतीशन है जुने जमीनी लड़ाई लड़ने वाला चहरा माना जा रहा है
00:44तो दूसरी तरफ केसी वेणू को पाल है जुने संगठन और दिल्ली नेतरत्व का मजबूत समर्थन हासल बताया जा रहा
00:51है
00:51स्तिती इतनी जटिल हो चुकी है कि अब सिर्फ कौन बनेगा मुख्यमंतरी का सवाल नहीं रह गया है
00:57बलकि ये कॉंग्रेस की भविष्य की राजनीती, राहुल गांधी की रणीती और दोहजर उनतीस की तयारी से भी जुटता दिख
01:04रहा है
01:04आज के इस एक्स्प्लेनर में हम आपको पाँच बड़े पॉइंट्स में समझाएंगे कि आखिर केरल में कॉंग्रेस की भीतर क्या
01:10चल रहा है
01:11सतीशन और वेनु गोपाल की ताकत क्या है
01:13आई कमान क्यों असमंझस में है और आखिर मुख्यमंत्री की कुर्सी किसे मिल सकती है
01:19नमस्कार मेरा नाम है रिचापर आशर और आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंडि
01:27पांच राजियों के चुनावी नतीजे एक साथ आए
01:30जहां बाकी चार कहीं शपत ग्रहन हो गया तो कहीं मुख्यमंत्री तय हो गया
01:35लेकिन कॉंग्रिस के भीतर अजीब विवाद चल रहा है केरलम को लेकर
01:38तो सबसे पहले यही जानते हैं कि आखिर कॉंग्रिस में विवाद शुरू कैसे हुआ है
01:43केरलम विधानसभा चुनाओ में UDF गटबंधन को सपष्ट बहुमत मिला
01:48140 सदस्य विधानसभा में गटबंधन ने 102 सीटे जीए
01:52लेकिन यहां सबसे एहम बात यह है कि कॉंग्रिस अकेले बहुमत के आकड़े से काफी दूर है
01:57पार्टी के पास सिर्फ 63 विधायक हैं
01:59बाकी सीटे, IUML और अन्य सहयोगी दलों के पास हैं
02:04यानि सरकार कॉंग्रेस की जरूर होगी लेकिन पूरी तरह कॉंग्रेस की नहीं होगी
02:09यही वजह है कि मुख्यमंतरी का फैसला सर्फ कॉंग्रेस विधायक दल तक सिमित नहीं रह गया है
02:14चुनाव के दौरान विपक्ष के नेता जो हैं वीडी सतीशन उनको कॉंग्रेस का सबसे आकरामक चहरा माना गया
02:20उन्होंने LDS सरकार के खिलाफ लगतार सडक से लेकर विधान सभातक लड़ाई लड़ी
02:25द्रश्टचार, बेरोजगारी और प्रिशासनिक मुद्दो पर उन्होंने सरकार को लगतार घेरा
02:30यही कारण है कि चुनाव जीतने के बाद कारे करताओं का बड़ा वर्ग उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहता
02:37है
02:38लेकिन दूसरी तरफ केसी वेणू को पाल है
02:41वे कॉंग्रेस संगठन में लंबे समय से राहूल गांधी के भरोसे मंद नेताओं में से एक गिने जाते है
02:47दिल्ली में उनकी मस्बूत पकड़ मानी जाती है
02:49संगठन और रनीती दोनों में उनका प्रभाव काफी बड़ा है
02:54यही से कॉंग्रेस के भीतर दो अलग धड़े बंते दिखाई दे रहे हैं
02:58एक ग्राउंड लिडर्शिप का समर्थन कर रहा है
03:01दूसरा संगठनातमक अनुभाव को प्राथमिक्ता देने की बात कर रहा है
03:05अब दूसरा पॉइंट समझे
03:07सतीशन के समर्थन में कारेकरता क्यों उतर आए
03:10सवाल यह है कि आखिर कारेकरताओं का इतना बड़ा समर्थन
03:14वीडी सतीशन को क्यों मिल रहा है
03:16दरसल कॉंग्रेस कारेकरताओं का मानना है कि अगर इस बार पार्टी सत्ता में लोटी है
03:21तो उसमें सबसे बड़ा योगदान सतीशन का ही रहा है
03:24उन्होंने विपक्ष्ट के नेता के तौर पर लगतार आकरामक राजमीती की
03:28LDS सरकार के खिलाफ जो महौल बना उसमें सतीशन की भूमिका को काफी एहमाना गया
03:34उन्होंने केरल में कॉंग्रेस कैडर को फिर से सक्रिय करने की कोशिश थी
03:39यही वज़े है कि चुनाव की नतीजों के बाद कई जिलों में कारेकरता सड़क पर उतर आये हैं
03:44कई जगर रेलिया निकाली गई पोस्ट लगाए गए वीडिफ और सेव जैसे नारे भी सुनाई दिये
03:49हलाकि कॉंग्रेस हाई कमान इस तरह के खुले शक्ती प्रदर्शन से और सहज बताया जा रहा है
03:54दिल्ली नेतर तो नहीं चाहता है कि मुख्यमंत्री चयन का मामला सारवजनिक दबाव में तैह होता दिखाई दे
04:01अब सूत्रों के मताबिक सतीशन को कारेकरताओं को शांत करने और प्रदर्शन रोकने के निर्देश भी दिये गए हैं
04:08लेकिन इससे एक बड़ा राजनिक संदेश जरूर गया
04:11सतीशन सिर्फ विधायक नहीं बलकि जमीनी कारेकरताओं के बीच सबसे लोग प्रियच चहरा बन चुके हैं
04:18और यही बात हाई कमान की मुश्किल भी बढ़ा रही है
04:21क्योंकि अगर सतीशन को नजर अंदाज किया गया तो कारेकरताओं में नाराज़गी बढ़ सकती है
04:26अब तीसरा पॉइंट समझे
04:28आखर विधायक वेडू गोपाल के साथ क्यों दिखाई दे रहे हैं
04:32अब आते हैं उस पक्षपर जिसने पूरी तस्वीर को और ज्यादा जटिल बना दिया है
04:37जहां कारेकरता सतीशन के समर्थन में दिख रहे हैं
04:40वही कॉंग्रिस विधायकों का बड़ा वर्ग वेडू गोपाल के पक्ष में बताया जा रहा है
04:44कॉंग्रिस हाई कमान ने स्तिती समशने के लिए अजय माकन और मुकुल वासनिक को परविक्षक बना कर केरल भेजा
04:51उन्होंने विधाय को सांसदो और स्थान्य नेताओं से बाचिती
04:54इसके बाद जो रिपोर्ट दिल्ली पहुँची उसमें संकेत मिले कि अधिकतर विधाय वेडू गोपाल को मुक्यमंतरी के रूप में देखना
05:01चाहते हैं
05:02इसके पीछे कई वज़े बताई जा रही हैं जो सबसे पहली वज़े हैं वेडू गोपाल का संगठनात्मक अनुभाव
05:09वे कॉंग्रेस के राष्ट्रे महा सच्चिव रहे हैं और लंबे समय से पार्टी के केंद्रे नेत्रतों के बेहत करीब माने
05:15जाते हैं
05:16दूसरी वज़े दिल्ली से ताल मेर कई विधायक मानते हैं कि अगर मुख्यमंत्री ऐसा नेता हो जिसकी सीधे हाई कमान
05:23तक पहुँच हो तो सरकार और संगठन तोनों में बहतर समन्वे रहेगा
05:27तीसरी वज़े राजनितिक संतुलन वेनु कोपाल अपेक्षा कृत शांत और संतुलित नेता माने जाते हैं
05:33कॉंग्रिस के कुछ वरिष्ट नेताओं का मानना है कि गटबंधन सरकार को संभालने के लिए ऐसा चेहरा ज्यादा उपयोबी हो
05:39सकता है
05:40लेकिन यहाँ एक बड़ी वैभारिक समस्या भी है
05:43वेनु कोपाल फिलहाल अल्पुझा से लोगसभा सांसद है
05:45अगर उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो उन्हें विधान सभा सदस्या बनना पड़ेगा
05:49इसका मतलब होगा एक लोगसभा सीट खाली करनी होगी और एक विधान सभा सीट पर उपचुनाओ कराना पड़ेगा
05:55याने मुख्यमंत्री चायन सिर्फ राज़ितिक फैसला नहीं बलकि चुनावी गणित का मामला भी बन गया है
06:01चौथा पॉइंट समझे
06:03Muslim Vote Bank और सहयोगी दलों को जो की एक बड़ा Factor प्ले करने वाले हैं
06:08अब बात उस Factor की करने वाले हैं جसने Congress High Command को सबसे ज्यादा सतर कर दिया है
06:13Muslim Vote Bank और सहयोगी दल
06:15केरल की राज़िती में Indian Union Muslim League यानि की IUML का प्रभाव काफी बड़ा है
06:21इस बार IUML ने 22 सीटे जीती हैं यानि सरकार बनाने में उनकी भूमी का बेहत एहम हो गई है।
06:27सूत्रों के मुताबिक IUML समेत कई सहयोगी दल वीडी सतीशन के पक्ष में जुकाव रखते हैं।
06:33इसके पीछे एक करण ये भी माना जा रहा है कि सतीशन को जमीनी स्तर पर ज्यादा स्विकार चेहरा माना
06:39जाता है।
06:39इसके इलावा वाइनार्ट फैक्टर भी कॉंग्रिस के लिए बेहत महत्वपोन है।
06:44वाइनार्ट लोग सभा सीट का प्रतिनिदित्व फिलहाल प्रियंका गांधी कर रहे हैं।
06:48यहां मुस्लिम वोटरों की संख्या काफी ज्यादा मानी जाती है।
06:51कॉंग्रिस किसी भी हालत में ऐसा संदेश नहीं देना चाहती जिससे मुस्लिम वोटरों की राय को नजर अंदाज किया गया
07:00तो भविश्य में गटबंधन राजनितिक प्रभावित हो सकती है।
07:03यानि कॉंग्रिस के सामने सर्फ मुख्यमंतरी चुनने का सवाल नहीं है। उसे ये भी देखना होगा कि गटबंधन एक जुट
07:10रहे, मुस्लिम वोट बैंक नाराज ना हो, कारेकरताओं का मनोबल बना रहे और सरकार स्थिर भी दिखाई दे। यही वज़े
07:17है कि फैसला ल
07:33केरल कॉंग्रस के लिए सर्फ एक राज्य नहीं है। ये पार्टी के भविष्य की राजुनीती का भी बड़ा केंद्र बन
07:39चुका है। राहूल गांधी लंबे समय तक वाइनाट से सांसद रहे, प्रियंका गांधी भी अब वहीं से राजुनीती कर रहे
07:45है। ऐसे में केरल
07:46कॉंग्रस ने तृत्व के लिए भवनात्मक और राजनितिक दूनों रूप से महत्वपुन राज्य बन गया है। दूसरी तरफ अगले साल
07:52कॉंग्रस अध्यक्ष मलिकार जुन खरगे का कारेकाल भी खत्म होने वाला है। पार्टी के भीतर भविष्य के संगठनात्मक ब
08:15बलकि आने वाले पांच साल को ध्यान में रहकर लिया जा रहा है। सूत्रों के मताबिक अमामला पूरी तरह से
08:21दिल्ली पहुँच चुका है। सोनिया गांधी, एके एंटनी और यूडियेफ सहयोगियों से भी राए ली जा रही है। कॉंग्रस ने
08:28तृत्व जल्दबाज
08:30में कोई ऐसा फैसला नहीं लेना चाहता जिससे बाद में पार्टी के भीतर बड़ा संकट खड़ा हो। क्योंकि बहुत गिने
08:37चुने राज्यवचे हैं जहां पर अभी कॉंग्रस मौजूद है। ऐसे में वो कोई रिस्मी नहीं लेना चाहेगा। तो आखिर कौन
08:43बन सकता ह
08:43मुख्यमंत्री ये तो सबसे जरूरी सवाल है जिस पर हमने ये पूरा एपिसोड ही रखा है। अगर मौजूदा राजनितिक संकेतों
08:50को देखें तो मुकावला अभी वी बहतर काटे का बना हुआ है।
09:13के बीच संतुलन बनाया जाए। लेकिन फिल्हाल इतना तय है कि केरल में कॉंग्रस की असली परीक्षा चुनाव जीतने के
09:20बाद शुरू हुई है।
09:21क्योंकि सत्ता हासिल करना आसान हो सकता है। लेकिन सत्ता के भीतर संतुलन बनाये रखना कहीं ज्यादा कठिन होता है
09:28जो कि केरल में दिखाई पड़ रहा।
09:30आज के Explainer के इस एपिसोड में इतना ही। लेकिन आपको हमारा explanation कैसा लगा हमें comment में जरूर बताईए।
09:36और अगर हमारे किस बात सेयां सहमति रखते हैं और अगर सहमति नहीं भी रखते हैं वो भी बताईए। बाकी
09:41खबरों के लिए देखते रहे हैं One India है।
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