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Parent Child Relationship : It is common to see conflicts between parents and children. Parents are often disappointed because their children don't listen to them, don't study well, or are not disciplined enough. And often parents worry about their children's future, this inadvertently ends up with the parents scolding their children. One such experience is being shared in this video by a father while Pujya Niruma gives him keys to handle his children with love and affection.

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Transcript
00:12मेरा बच्चा बात बिल्कुल नहीं मानता है
00:16जो वो एक बार स्विकार लेता है
00:19वो निभाता नहीं है
00:22न चाहते हुए भी क्रोध आता है
00:25और न कर अपना सोच बढ़की है
00:29मुझे सला दीजिए बच्चा यहीं है
00:32उससे कुछ आश्रवाद अप्देश दीजिए
00:35कहां है आपका बेटा?
00:40कितने साल का है?
00:44पढ़ाई करता है या नहीं करता है?
00:51त्वेल्थ में पढ़ता हुए है?
00:53तैंथ में पढ़ता है
00:54त्वेल्थ में?
00:56जी
00:57पढ़ाई में अच्छा है या नहीं?
00:59पढ़ाई में ठीकी है
01:01बहुत अच्छा नहीं है लेकिन एवरेज ठीकी है
01:03एवरेज है?
01:05एवरेज है
01:06तो क्या बात आपकी मानता नहीं है?
01:10फ्रेंड्सिप जैसे अनेसेसरी फ्रेंड्सिप ज्यादा करता है
01:12प्लस उसके बाद स्टेडी में केर लेस केर रखता है और इंडिसिप्लिन ज्यादा करता है जो चीज बोलता है मान
01:20जाता पले फिर बाद में नहीं मानता हुसे
01:23क्या इंडिसिप्लिन में क्या करता है
01:26बात मानना नहीं जैसे ज़्यादा समय इधर दर बिताना गुमनें बिताना यह सब
01:33फ्रेज चर्कल में गुमते रहता है
01:34तो मैं चाहता हूँ कि आप इस थोड़ा ग्यान दरते में असे बात दे दिजिए इसे
01:40क्योंकि मैं टीवी पर प्रोग्राम देखता था
01:42मैं सोच रहा था कि एक बार अम्दाबा जा के मिलूँ आप से
01:44तो लेकिन चुकि आहा गई तो इसलिए मैं गा कि मिलता हूँ
01:48बेटा देखता है टीवी बें हमारा प्रोग्राम
01:50यह तो साइद नहीं देख पाता क्योंकि स्कूल आता है
01:53मैं भी कभी कभी देख पाता हूँ
01:58क्या पिता जी कहते हैं पापा कहते हैं सच कहते हैं
02:03मैं तो अपनी तरफ से पढ़ने ही कोशिश करता हूँ लेकिन
02:08लेकिन कई बार मतलब दोस्तों के साथ घूमने की वज़ा नहीं होते हैं
02:12मतलब कुछ पढ़ाई की कारणों से घूमना पड़ता है
02:17तो तो उसके वाइसे घर में लगता है करके कि मैं अननेसेसरली घूम रहा हूँ
02:23तो मतलब घर में इसलिए टेंशन होती है करके कि मैं अननेसेसरली घूम रहा हूँ
02:28लेकिन मिलको नहीं लगता है मैं अननेसेसरली घूम रहा हूँ
02:31मिलको लगता है मैं किसी काम से घूम रहा हूँ
02:34क्या काम से घूम रहा है
02:49किताबों के लिए जाना बराबर है
03:06आपके पास टाइम रहा, तो आप जाके लेके आओ, और उसको घर में बिठाओ पर आओ, उसको पुछ करने के
03:10तयार ही, उसको सब कुछ करने के तयार ही, पापा को बेजो किताब लेने के लिए, आप घर में बैठके
03:15पढ़ाई को, अभी ट्वेल्ट का है, तो बहुत जादा म
03:18करना पड़ेगी ना, यह तो केरियर क्या बनाओगे? अभी आप छांत रहो, क्या बेटा, हमारी बात समझ में आती है,
03:30अभी ट्वेल्ट है ने, तो उम्हारी सारी जिंदगी का केरियर है, इसमें अगर आप मेहनत नहीं करोगे, ध्यान से नहीं
03:37पढ़ोगे, तो सारी जिं�
03:48देखओ, पापा को बेट जाओ, पापा जाएंगे, लियाएंगे, प्रेंइस को फोन करके कहिआ देना कि पापा आइ रहे किताब मिलने
03:56को बेट डे देना, और है पढ़ह में ध्यान रखो, और ज्यादा कॉंसेंटरेशन हो, पढ़ह जितना पढ़ह है, उतना याद
04:04रह जा
04:17पढ़ाई के लिए इंट्रेस आएगा और सब याद रहाएगा
04:22कॉंसेंट्रेशिन पावर पढ़ने किसे
04:25करोगे न हम पताते हैं वैसा
04:28पक्का
04:30अभी आभी उसको बहुत आटना टोखना मत
04:33प्रेम से को
04:34मैं तो चाहता बिल्कुन ही थे यह उटना लेकिन
04:36क्या आप आप मोगा आजाता है कि इसा करम बूलना पड़ जाता है
04:40नह चाहते हुआ भी ठीक है प्रेम से लिए
04:44धन्यवाद जाई सच्दानन
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