00:13मन को शान्ती कैसे आएगी बहुत प्रयतन करता हूं
00:18मगर नहीं क्या लिखा है नहीं दो पाता है नहीं बत पाता हूं
00:24जब कोई मुझे कुछ गलत शब्द कहते हैं तो बहुत गुसा आता है
00:28तब एसा लगता है कि उसे जाकर चाता मारो ऐसे क्यों होता है
00:36करपया विस्तार से सम्झाईए आड़ी है
00:40कि इसे बुल भुल दिया गिर्दर गुपल, वह बुल भुल आप है कि अच्छरा बुल नए गळाना रिया है
00:57कि अज़ कि आप नहीं एक यहां राइण हो गएा उसेया खाल बाता है तो एक अज़ है लुगा आप
01:06शोचेंगे कौन बात में सिदा करोंगा सको।
01:11और लास्ट में एक सेंटेंस आपने सुन लिया, मदरास वाले गिर्दर गौपाल के बाद चल रही है, तो कुछ आपको
01:17हो जाएगा, एक बाद शांती, तो आदे गंटे में इसे क्या हो गया, आपको शांती हो गया, आपने कुछ दवाई
01:26नहीं लगाई, कुछ किया ही नहीं,
01:40तो कुछ दवाई बंद करेंजा, बदले, उसे बिलिफ च्छ करो, आप सच्छु गर्धर गौपाल हो क्या थो तो कुछ को
01:47आपको इसे लिए यहां गूंदेने कूछ ता अजिए कि खाल गुछ जाता है, बार भार नहीं जाता है
01:55तब बाकी टाइम पर अगरागाए इस जब तक बोलेगा
01:58डिर्दर कुपाल एक पर जाया है । जब तक बोलेगा घरदर कुछा एकल को कह स्थार करते ही तरहें।
02:03जोड़े एक उनकी तेटेपन करोफें Beetha एका एका एका एका एका एका एका एका हुआ।
02:11और अज़ लिए कि अध्य ही एका एकांड़ाईगी प्राराशनागर मेर गिरदार गपाल
02:16जड़ क्यों को हैं? कि अध्या है एचिए है।
02:25ऌर आप वे अनाम जिर्धर गौपाल और वे नाम जिर्धर गौपाल अनाम जिर्ध गौपाल, आप जो थिर्धर गौपाल
02:38इने में अधराव मेरे ऊड़ाव बिफिन Treasure observed, पैरर के जा समय जो थैजिए अनुझ Weise तन समय रेखेयगे।
02:48मैं ने उपको ब Virγota हो पर शरीर अलगा है मैं अलॉप्
02:52यह ए भूजिर को तो है तुभनी ओग होता है इस ऐसे मंगा शरीर को तुखनी होणा है
03:07यह स्कार something तो किस को होता है तूक मैं खर यह रहन काल।
03:14यहांकार बहु बरफ भाओऒ, आवकार राता है।
03:19पटेक्षक वहांड़ करना इसे इसे को पाला है।
03:30तो यहां पह Azure अग्यान से तरहन अग्यान करूदी अग्यानता
03:37अग्यानता JULY
03:39कि मैं गिर्दर कॉपाल हूँ, कि मैं खुद कौन हूँ, फर्स्ट इसको पहचानू
03:44और दूसरी अग्यानता यह निकाल देनी चेहिए, कौन करता है, कौन करता है
03:49कौन करता होगा?
03:52अंदर का आत्मा ही करता हूँ
03:54यह थो लेकी बुलाका आत्माvordan उसको होई कि अर्स अधना उघतीन को माप करना चीहिए
03:59आप तो आत्मा हो पर्मात्मा हो अएगो अच्सें जहिती पैसली को तो झासर एवदो प्रभ श्या है
04:10यह झासरी को दोग आत्मा जो को एगा हटा।
04:18प्राइब प्राइब प्राइब
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