00:00अपनी माओं को देखा होगा, वो 40 साल पहले भी रोटी ही बनाती थी और आज भी रोटी ही बनाती
00:06है, वो पहले भी डाल बनाती थी, आज भी डाल ही बनाती है, फिर उसने सीखा क्या, उसकी तरक्की कहा
00:10होई, और घर में घुसे घुसे वो दुनिया से ऐसी कट जाती है, कि उ
00:29थोटे कैसे हो सकते हैं, किसी और का घर थोड़े ही, अपने ही तो घर है, पर घर के काम
00:33की सीमाओं को समझना आवश्यक है, बाहर निकलो और कमा होती है, बाहर निकलते हो तो प्रोणनती होती है न,
00:39प्रमोशन, क्रहणी का कोई प्रमोशन होता है, काम में बुराई नहीं है, प
00:43और काम में विकास भी तो हो.
Comments