00:00संघर्ष में हम सभी हैं, जिन्दगी युद्ध तो है ही
00:07दूसरे को क्या दिखाना चाहते हो?
00:09अपनी चोट, अपनी हार या अपना होसला?
00:12अपना होसला दिखाओ ना दूसरे को
00:19बचना ऐसे लोगों से जो बार-बार तुम्हें अपनी चोट और अपने घाओ दिखाते हो
00:24उसके पास जाना, जिसके पास चोट भी है, घाओ भी है, फिर भी उसका होसला नहीं तूट रहा
00:32दूसरे को सुनाना ही है, तू अपने तेज की बात सुनाओ न, अपने प्रताप की बात सुनाओ न, बताओ कि
00:40किन संघर्षों में तुम होसले के साथ खड़े हुए हो
00:44यह मत बताओ कि उन संघर्षों में तुम्हें घाओ कितने लगें और खून कितना बहाए
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