00:04लोकडाउन से पहले गीता के घर का नजारा कुछ ऐसा था कि रोहन ओफिस जाता था और शिविन स्कूल जिनके
00:12घर से जाने के बाद गीता काम खत्म करके बाकि समय आराम करती थी
00:17लेकिन lockdown के बाद office और school घर में ही खुल गए
00:20और इस से गीता का हाल
00:24वो तो आपको देखने में मज़ा आएगा
00:27शिविन, ओ शिविन
00:30महाराज उठने के लिए क्या 21 तौपो के सलाम ही लेंगे
00:33अरे बिस्तर से बहाँ निकल, online class स्टार्ट होने वाली है
00:37अरे तुम भी हद करती हो, speaker की तरह चिलाने की क्या जरूरत है
00:41दिखने ही रहा मेरी conference चल रही है
00:43अब camera और speaker on कर रहा हूँ, मुझे कोई show नहीं चाहिए
00:46इस पर जैसे ही रोहन laptop का camera और speaker on करता है
00:51तब ही कूकर की CT बचती है
00:55करा लो अब इसे चुप
00:57लोक्टाउन नहीं हुआ, मेरी मौत का फर्मान जारी हो गया
01:00दोनों बाप बेटे ने नाग में दम किया हुआ है
01:04ऐसा बोलकर गीता वहां से शिविन की कमरे में पहुँच जाती है
01:08जहां शिविन अभी भी सो रहा होता है
01:11ओ आलसी, अब अगर पांच मिर्ट में नहीं उठाना तो आज तीरा गेम और यूट्यूब कैंसल
01:17मा की बात सुनकर शिविन बिना एक मिर्ट गवाए उठ खड़ा होता है
01:22उठ गया, उठ गया, अभी नागर भी आता हूँ
01:25ये नाटक कहीं और, मुँपर गीला कपड़ा मार और पढ़ने बैठ
01:29शिविन की ओनलाइन क्लास स्टार्ट हो जाती है
01:32जिस पर गीता उसे वहाँ बिठा कर रस्वे में चली जाती है
01:35थोड़ी दिर में उसे कमरे से कुछ आवाज सुनाई दीती है
01:39जिस सुनकर वो कमरे में वापस आती है
01:41हाई राम, तुझे क्लास अटेंड करने के लिए बोला था
01:44कैमेरा ओफ करके बिस्तर पर नाचने के लिए नहीं बोला था
01:49मम्मी मुझे कुछ समद नहीं आ रहा
01:51आप बात में बढ़ा दे ना ना
01:54वैसे भी आटेंडन्स तो लगी गई है
01:57हाँ हाँ बिटा, जरूर
01:59बंजा, तो अभी से हम सब का बाप बंजा
02:02अरे नहीं मतलब कहां से लाते हो इतना दिमाग
02:05और पढ़ाई करते हुए ये चला कहां जाता है
02:10नाइस क्वेस्चिन
02:11दिमाग से पूछ कर बता तूंगा
02:14शिविन की बातों से परिशान होकर
02:17गीता उसे माने के लिए जैसे ही आगे बढ़ती है
02:19तब ही वो कमरे से बाहर भाग जाता है
02:22अब शिविन आगे-आगे
02:23और गीता हाथ में चपल पकड़े उसके पीछे-पीछे
02:26पूरे घर में दोनों घूम रहे होते है
02:29इसी पीच वो रोहन के पास पहुँच जाता है
02:32और शिविन को माने वाली चपल
02:34रोहन के लैप्टॉप पर जागर गिरती है
02:37उई मा
02:39मुमी अब पापा को चपल मारे हो
02:42वो आज तक के रिपोर्टर
02:44चुप चाप जाकर क्लास अटन कर ले
02:46नहीं तो अगली तियरे पीछे लगेगी
02:48इस पर शिविन वाहा से चला जाता है
02:51जिसकी बाद रोहन गीता से कहता है
02:54इस सरकस के लिए कुछ बोलना चाहोगी
02:57अरे क्या करूँ
02:59जबसे तुम दुनों घर में रहने लगे हो
03:14खड़ा मिलता है
03:15जो ज्यादा तर शिविन और रोहन की
03:18आउनलाइन स्कूल और आफिस से रिलेटेड ही होता है
03:21एक सुपर
03:22शिविन चलूच आज की क्लास जल्दी है
03:25ते मेरा अफ़गर क्या बटन कर लो
03:29अरे ऐसे छितर पढ़ेंगे
03:31दादी नानी सब एक साथ याद आ जाएंगी
03:34गीता के लाख मशक्कतों के बाद
03:36क्लास तो खत्म हो जाती है
03:38लेकिन उसके बाद
03:39शिविन फोन इस्तमाल करते हुए
03:41इंस्टाग्राम रील बनाने लगता है
03:44रसोडे में कौन था
03:46तुम थी मैं थी
03:48कौन था
03:54अरे ओ गरीब के बेटे
03:56आजा मैं बनाती हूँ तुझे गरीब
03:58मैं बताती हूँ रसोडे में कौन था
04:00पढ़ाई करने बोलो तो इनकी मा मर जाती है
04:03और ये पागल पंतिया जितनी मर्जी करा लो
04:05गीता शिविन को डाट रही होती है
04:08तब ही रोहन बीच में बोल पड़ता है
04:09अरे बच्चा ही तो है इतना गुसा क्यों कर रही हो
04:12बेटे का साथ देने की
04:14इसी एक कोशिश में अब शिविन के साथ
04:16साथ रोहन भी गीता के
04:18गुसे की सूली पर चड़ जाता है
04:20अगर बेटे पर इतना ही प्यार आ रहा है
04:22तो इससे क्लास अटन क्यों नहीं कराते
04:25इसका होमवक क्यों नहीं कराते
04:26उस समय तो बहुत जल्दी मीटिंग आ जाती है
04:29वो काम मैं करूँ
04:30और यहां इस बे फिजुली की चीज़ में
04:32तरफदारी करके बन जाओ महान
04:34ए भगवान कोई तो इनके आफिस और स्कूल खुलवाओ
04:38मैं इने और घर में नहीं सह सकती
04:40अरे कुछ और मांग लेती
04:42क्योंकि तुम्हारी ये विश इस साल तो पूरी होने से रही
04:46कुरोना
04:46आए नास पिटे ने जिन्दगी ही बरबाद कर दी
04:49खाये कोई पचाये कोई
04:51कल मुहे चुन चुन कर सबको मेरी बद्दुआ लगेगी
04:54उन्होंने दुनिया का और इन बाप बेटे दोनोंने मेरा जी ना मुश्किल कर दिया
04:58गीता वहाँ से चली जाती है
05:00जिसकी बाद रोहन शिविन से कहता है
05:03अरे तुमारी ममी इतनी भड़की हुई क्यों है
05:06आपकी बज़े से पूरा समय घर में देते हो
05:10और उस पर कोई काम करानी की जगव बस ओरडर देते रहते हो
05:15अच्छा बेटे सारा इल्जाम मुझ पर पूरा दिन तो वो तुम पर ही चलाती है
05:21हाँ मतलब दोनों का 50-50 है कुछ करना पड़ेगा
05:26वो कहते न, make the best out of worst, I have an idea
05:30वैसे तुमारी मा सही कहते है
05:32बहुत जबान चलाने लगे हो, कम बोला करो
05:36अगली सुबर, रोहन और श्विन अपनी गलती को सुधाने के लिए
05:40गीता के उटने से पहले घर का आधा काम खत्म करतेते हैं
05:44जिसे देखकर गीता खुश हो जाती है
05:46और फिर बाकी बचा काम वो तीनों मिल कर पूरा कर लेते हैं
05:50जिसकी बाद अब वो सब मिल बाट कर हर काम में एक दूसरे की मदद करती हुए
05:54लॉकडाउन का मजा लेने लगते हैं
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