00:00आप ही विचार करते हो ना रात में 11 बजे सुबह 5 बजे उठना है और सुबह 5 बजे जब
00:04अलार्म बजा तो किसको विचार आया गे विचार ही आया ना तो 11 बजे वाला विचार 5 बजे बदल कैसे
00:12किया क्योंकि 11 बजे वाला विचार हलका था और 5 बजे वाला जो विचार है �
00:27यह सफूर्तिका, हमें धोखा आए अगर हम सोचते हैं, कि हम सोच के कर लेंगे, आप सोच के नहीं करते
00:34हो, सोच के नीचे सोच की मा बैठी हुई है, उसको वृत्ति कहते हैं, हमसे वो करवाती है, आपके विचार
00:42क्या, आपके कहने पर आते हैं, यह स्वयम आ जाते हैं, बै�
00:56हमारा जीवन संचालित करती है, और जब वृत्ति के विरुद्ध आप कोई विचार कर लेते हो, तो उसमें कोई दम
01:01होता नहीं, वो आपकी जिन्दगी नहीं बन पाएगा फिर, तो जीवन अगर बदलना हो, तो फिर कैसे बदलता है, वो
01:07बदलता है जब आपनी टेंडेंस
01:08को नोट करना शुरू करते हो, मेरी टेंडेंसी क्या है, मेरी टेंडेंसी आलस की है, मेरी टेंडेंसी सोजाने की है,
01:15जो इस बात को पकड़ लेता है, उसकी जिन्दगी बगलती है, टेंडेंसी को पकड़ने से राइट अक्शन, सही कर्म का
01:21जन्म होता है, विचार से सही कर्
01:27अब्जर्वेशन से होगा
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