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  • 4 hours ago
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00:28
00:30हिंदु दर्शन के अनुसार हर जीव में परमात्मा कांज होता है।
00:33इसे विचार को वेदों और उपनिश्टों में भी महत्वदिया गया है।
00:36जैसे इशोपनिश्वद में कहा गया है कि इश्वर हर जगय और जीव में मौझूद है।
00:41इसलिए नमस्ते केवल और चारिकता नहीं बलकि आध्यात्मिक सम्मान का प्रतीक है।
00:46अब बात करते हैं योग और उर्जा की।
00:48योग में हाथ जोडने की मुद्रा को अंजुली मुद्रा कहा जाता है।
00:51इस मुद्रा में दोनों हथेलिया मिलानी से शरीर के कई नाड़ी बिंदू सक्रिय होते हैं।
00:56कहा जाता है कि इससे मनशान्त होता है और ध्यान के इंद्रित होता है।
01:00वैज्ञानिक दृष्टी से भी इसका महत्व है।
01:02जब हम हाथ जोडते हैं तो उंगलियों के सिरों पर हलका दबाव पड़ता है।
01:06ये एक तरह का एक्यो प्रेशर है जिससे दिमाग और तंत्र का तंत्र पर सकरात्मक प्रभाव पड़ता है।
01:12इतना ही नहीं। नमस्ते करने का एक बड़ा स्वास्त लाब भी है।
01:15जब हम हाथ मिलाते हैं तो बैक्टीरिया और वायरिस फैलने का खत्रा पढ़ता है।
01:20लेकिन नमस्ते में शारिक संपर्क नहीं होता इसलिए ये अधिक सुरक्षत माना जाता है।
01:25इतिहास की बात करें तो भारती अभिवादन की परंपरा हजारों साल पुरानी है।
01:29आज भी विश्वक के बड़ी नेता जैसे नरेंदर मूधी कई अंतुराश्ट्री मंचों पर नमस्ते करते हुए दिखाई देते हैं।
01:35जिससे भारती संस्कृति को वैश्वक पहचान मेरी तो निश्कर्ष क्या है।
01:49अगर आप को जानकारी पसंद आई हो तो वीडियो को लाइक, शेर और चैनल को सब्सक्राइब ज़रूर करें।
01:54मलते हैं अगली वीडियो में तब तक लिए नमस्कार।
02:09मलते हैं।
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