00:00सब कर्म के अधीन
00:07चाहे वो मनुशे हो
00:08या मनुशे के रूप में स्वेम अफ़तार
00:11मोह न मोह के खेले ना दाव दे
00:18बच जाओ का ना
00:20तुम कही तो प्रेम चला जाएगा
00:26तो पे वारू ओर मशी
00:28सुनो राधिक ये सुझे
00:30तू मोहन के उर्बस
00:32तू है उर्बसी समा
00:36गोपियों के घर से
00:38माखन चुडाने वाले को
00:39मटखट नहीं चोर कहते हैं
00:43तुमोह ने सताए
00:47तुमोह ने सताए
00:50जबर दूरी ने करे
00:52पतर बढ़िया अगरे
00:54तूट गए अंगिया की डोड़ी रसिया
00:58राधा नाम का इतना महत्वल
01:00केवल बत्याते हो
01:02या मानते भी हो
01:04क्रिश्ण के जीवन का सार है रादू
01:06प्रीम के लिला कर तू कही
01:08मन मोर अमोह
01:10पावरी हो गई में
01:13पावरी हो गई में
01:15अंग लांग से गुर्णिवासे
01:18इसे मैं वच्चन समझो
01:19या विधी का विधान
01:21तूम इसे प्रीम ही समझो
01:23मोरे काना
01:25जो आई पलटके
01:28हो मोरे काना
01:30जो आई पलटके
01:33अब के होरी में
01:35खेलूंगी ढटे के
01:38पहले ये आखें उनके दरस को दरस दी दी
01:40अब पाने को
01:45भामा की आखों में सपने जत्ते ही है इसलिए कि वो पूरे हो सके
01:51कोपियों की प्रेम की तरह तुम्हारा प्रेम भी अधुरा ना रह जाए
01:56त्या क्यों नहीं हो आ राधा और कृष्णिका
01:58मैंने विवाह कि रुक्मणी मेरी भार रहा है
02:04अंसार रत के दोनों पर ये एक समान होने चाहिए
02:06और राधा विश्णा को विंदा हर मुडारी विंदा वन्हारा प्रेम करती है
02:13कौन नहीं करता है
02:23क्यों जा रहे हो
02:25क्योंकि नियती मेरे बस में नहीं
02:27अंत में आरंभ है
02:31एक और प्रेम है
02:36और दूसरी और करतव है
02:38मैं वासुदेव कृष्णा
02:39समस्त यादव सवा के सामने ये प्रण लेता हूँ
02:42जब तक मुझ पर लगा ये कलंक नहीं मिटा देते
02:45मैं वापस दौर का नहीं आउँगा
02:48वाचन दिया था राधा को निभाना पड़ेगा
02:54अरी सभा में चीरहरण के आईनों दौपदेगा
02:57और सारे धर्मदिकारी चुप रहे
03:00चोड़ो ये बंसी क्रिष्णा और दाव शस्त
03:08ये बंसी तुमारी राधा
03:11और मेरा नाम भी
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