00:00सन 1942, एक 9 साल की बच्ची अपने बाप की अर्थी देख रही है और उसके पास कुछ नहीं
00:07और 5 बच्चे, एक मा, एक शहर जो इने जानता भी नहीं, मुंबई जो रहम नहीं करता
00:14उसी शहर में 10 साल की आशा, मू खोलती है, गाना गाती है, कला के लिए नहीं, रोटी के लिए,
00:21वो गाती रही
00:221948 में हिंदी फिल्म सावन आया, और दुनिया ने सुना नहीं, उन सालों में वही गाने मिले जो लता ने
00:30ठुकरा है, जो गीता दत ने छोड़े, बचे खुचे, छोटे, गुमनाम, पर आशा ने गाए, और फिर 16 साल, एक
00:39फैसला, घर के खिलाफ, दुनिया के खिलाफ, वो �
00:43और वो उसी दर्वाजे पर वापस आई, दो बच्चे, पेट में तीसरा, अकेली, यही थी सबसे अंधेरी रात, पर उसने
00:52मूँ खोला, फिर से, और इस बार ओपी नयर ने सुना, और रुख गए, उन्होंने उसे वो दिया, जो किसी
00:59ने नहीं दिया था, एक पहचान, आ�
01:12जैसा हुआ, उसी बिजली से निकला, ओ हसीना जुल्फों वाली, 1966, दुनिया ने गर्दन मोडी, और देखा, वो अब हेलन
01:22की आवाज बनी, बोल्ड, खतरनाक, आजाद, जहां बाकी गाईकाय रुकती थी, आशा वहां से शुरू करती थी, और एक हत्तर
01:31में, दम मारो दम,
01:33एक पीठी ने उसे अपना कहा, पूरी तरह, बिना शर्त, पर दुनिया ने एक खाना बना दिया, कैबरे गाईका, पॉप
01:42क्वीन, आशा ने सुना, मुस्कुराई और रुकी, फिर 1981 में उम्राव जान, दिल चीज क्या है, एक घजल जो सीने
01:52में उतर गई, और उस गाने ने
01:54नाशनल एवार्ड जीता, इंडस्ट्री चुप रही, वो हमेशा से यही थी, दुनिया बस देर से जाकी, और फिर एजाजत, मेरा
02:03कुछ सामान, दूसरा नाशनल एवार्ड, दुबारा, वही आशा बस और गहरी, उनी सालों में उन्होंने पंचम से शादी की, 1980,
02:13देर से मि
02:23और 2011 में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड इटिहास की सबसे जादा रिकॉर्ड की गई आवाज, 12,000 गाने, 20 जबाने, उन्हीं
02:34हाथों में दादा साहिव फाल के, पद्म विभूशन, दो ग्रैमी नॉमिनेशन, एक पूरी जिंदगी, सच में पूरी, और 12 अप्रेल,
02:442026, 92 साल
02:46वो गई, खामोशी से नहीं, पूरी तरह जी कर
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