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  • 11 hours ago

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00:00आचारे जी आजकल हम देख रहे हैं कि सोचिल मीडिया में कैसे मिसिंफॉर्मेशन बहुत ज्यादा फैलीग पढ़ी है इससे बहुत
00:06सारे गुरुपितना भी बिटती है
00:07सरकारें भी रेगुलेट करने की कोसुष करती हैं इसको जिसके विज़े से उनको विरोध भी बिलता है
00:12सची सूचनाएं भी पहुचती हैं लोग तयार बैठी है नकली और जूटी बातों को आगे बढ़ाने के लिए
00:19हम सबको जूटी ही चाहिए बस अपना पसंदीदा जूट चाहिए पल भर के लिए कोई हमें प्यार कर ले जूट
00:26है इसाई
00:27तो बताओ ऐसे लोगों को शिकार बोलू या शिकारी
00:31प्राइमेट चेन जितनी ही सीवियर क्राइसिस है मिसिन्फरमिशन
00:38ज्यादा तर जो जूट फैलाएं जाते हैं वो वाट्साप के मादम से फैलाएं जाते हैं बताओ क्यों क्यों क्यों क्यों
00:48लोगों को विवस्थाबर भरोसा है ना भविश्य पर भरोसा है और ना धर्म पर भरोसा है
00:54एक व्यक्ति जो बिल्कुल जूटी बात
00:58सेलेक्ट करके आठ लोगों को
01:00वाट्सेब पर फॉरवर्ड कर रहा है
01:02तुम ये नहीं करोगी इसी सच्चाई पर हूँ
01:04तो मारा तुरंत
01:05काम क्या होगा उंगली दबाएगी
01:08शेर
01:09ना समझ नादान मासूम नहीं है
01:11ये अपराधी जूट बहुत शेरिबल होता है
01:16सच का वाइरल होना लगभा का समझ है
01:19इनको साबित कर रहा है पाच फिट का हूँ
01:40अचारजी प्रणाम
01:41मेरा नाम विशाल है
01:43मैं डेरी उनिविट सिटी के रामजा स्कॉलेज में
01:46पॉलिटिकल साइंट्स का स्टुडेंट हूँ
01:48आचारजी आजकल हम देख रहे हैं कि
01:50सोशल मेडिया में कैसे मिसिंफोरमेशन बहुत जादा फैली पढ़ी है
01:55इससे बहुत सारी दुरकटनाएं भी कटती है
01:58इसमें सरकारें भी रेगुलेट करने की कोशिश करती है
02:01इसको जिसकी वज़े से उनको विरोध भी मिलता है
02:04इस पर में आपका The Pioneer में आर्टिकल पढ़ रहा था
02:07जिसमें आपने लिखा था कि
02:09The reader is not the victim of the crisis, but the
02:13और अथर अथर अथर अथर अथर अथर अथर अथर अथर अथर अथर अथर यानि कि
02:36जिसमें ये निकल कर आया था कि Twitter पर
02:42जो नकली सूचना होती है
02:46उसके रिट्वीट होने की संभावना कहीं ज्यादा है
02:50कहीं कहीं ज्यादा है
02:54अब नकली सूचना देने वाले ने तो इतना ही ने करा कि
02:57उसने नकली सूचना माने
03:00misinformation उसने पहुचा दी
03:03सूचना नकली है पर नियत खराब नहीं है तो उसको misinformation बोलते है
03:07और जब खराब नियत के साथ गलत सूचना आगे बढ़ाई जाए तो उसे disinformation बोलते है
03:13उसको कह देते हैं कि misinformation mistake होती है पर disinformation manipulation होता है
03:21पर कितनी mistake होती है
03:24वो mistake भी कहा होती है
03:29आपके पास
03:32जब
03:34धोके से भी
03:37मिसिन्फॉर्मेशन पहुँच जाती है
03:38तो इस बात की संभावना बहुत बढ़ जाती है
03:42कि उसे आप आगे फैलाएंगे
03:43इसका मतलब आप समझे क्या है
03:46किसी ने
03:49भूल से या बदनियती से
03:51आपको कुछ गलत सूचना भेज दिये
03:54ठीक है
03:57और किसी दूसरे ने आपको सही सूचना भेज दिये
04:02जो गलत सूचना आपके पास आई है
04:04उसे आप फावर्ड करेंगे या रिट्वीट करेंगे
04:07या शेयर करेंगे
04:09इसकी संभावना कहीं कहीं ज्यादा है
04:12इससे क्या पता चल रहा है
04:16इससे क्या बतल रहा है
04:17कि नियत ही खराब है भाई
04:21और एक आदमी नहीं होता
04:24जो misinformation फैला देगा
04:25वो तब फैलती है जब आम जनता उसको आगे बढ़ाती है
04:28तो इसलिए मैंने लिखा
04:30कि ये जो receiver of misinformation है
04:33ये उस misinformation का victim नहीं है
04:35author है
04:38ये चाहता था कि उस तरह कि कोई चीज इसके पास आए
04:41और आ गई तो इसने आगे बढ़ा दी
04:44इसके पास ही
04:45अच्छी सामगरी, सही सामगरी
04:47सच्ची सूचनाएं भी पहुँचती है
04:51पर ये उनको आगे नहीं बढ़ाता
04:53उन पर ध्यान नहीं देता
04:56उनको महत तो नहीं देता
04:59और जैसे ही कोई गड़बड चीज के आज पहुँचती है
05:03ये हर तरीके से उसको पहलाने में जुट जाता है
05:06तो अब बताओ
05:08कि क्या ये victim है
05:11ये तो ग्राहक है
05:13ये तो मांग कर रहा था
05:15ये तो demand कर रहा था कि मुझे
05:18misinformation दो ताकि मैं फैलाऊं
05:22इसी लिए जो misinformation होती है
05:25ये कोई सायोगी कुदपाद नहीं होती
05:28इसमें नियत की खराबी
05:30लगभग हमेशा होती है
05:32आप कह सकते हो कि
05:34most of what you call as misinformation
05:36is disinformation
05:39disinformation वो जिसमें
05:41गलत नियत के साथ काम किया गया है
05:43गलत सूचना पहुचाने का
05:45मैं आपसे कहना चाहता हूँ
05:46नियत लगभग हमेशा ही गलत होती है
05:51देखिए
05:51अगर मुझे कुछ
05:53whatsapp पर
05:56बढ़ाना है न वाइरल ओयरा करना है
06:00तो मैं बिलकुल ये
06:01सोच करके propaganda लिखूँगा
06:03कि लोग कौन सी चीज शेयर करेंगे
06:06मैं उसी हिसाब से लिखूँगा
06:10लोग तयार बैठे हैं
06:11नकली और जूटी बातों को आगे बढ़ाने के लिए
06:16लोग तयार बैठे हैं
06:18तो बताओ
06:19ऐसे लोगों को शिकार बोलूं
06:21या शिकारी
06:23ये तो शिकारी है
06:25फिर ही बोलते हैं मैं क्या करूँ
06:27मैं क्या करूँ मेरे पास जूटी सूचना आ गई तो मैंने आगे बढ़ा दी तुम्हारे पास सची सूचना भी आती
06:34है तुम्हें कभी आगे नी बढ़ाई और तुम्हारे पास जूटी सूचना आ गई तुम इतने अनपढ़ तो नहीं हो तुम्हें
06:39गूगल करना भी आता है
06:40तुम बहुत आसानी से जाच सकते थे कि सूचना कितनी सची है
06:45पर तुम खुद ही कलप रहे थे, आतुर थे, आग रही थे
06:52कि जिस तरह का जूट तुम्हारे अहंकार को पसंद है
06:56उस तरह का जूट कोई तुम तक पहुचा दे बस
07:02जूट से हमें किसी को एतराज नहीं है
07:04क्योंकि हंकार स्वय में एक जूट है, सच उसे थोड़े ही चाहिए
07:08हम सब को जूट ही चाहिए, बस अपना पसंदीदा जूट चाहिए
07:14इसलिए मिसिन्फॉर्मेशन कोई आज की बात नहीं, अगर हंकार की बात है
07:17तो आज की कैसे हो सकती है, यह जो इन्फॉर्मेशन एज है
07:22इसने मिसिन्फॉर्मेशन को सिर्फ विस्तार दे दिया है, स्केल दे दिये
07:27अहंकार तो मिसिन्फॉर्मेशन हमेशा से ही चाहता था
07:34तोकि सच उससे बरदाश्ट होगा नहीं, याद रखना, facts are the door to truth
07:38and truth means dissolution of the ego
07:42अगर वो तथ्यों में जीना शुरू करते तो मर जाएगा, कौन?
07:47तो इसलिए वो हमेशा से जूट का ग्राह करा आए, वो आग्रह करकर के जूट मांगता है
07:56पल भर के लिए कोई हमें प्यार कर ले, जूट आई सही
08:04सच उससे नहीं जेला जाता
08:07यद्यपि सच में ही उसकी मुक्ति है
08:09पर उस पागल को अपने बंधनों में ही सुरक्षा दिखाई देती है
08:14उसको लगता है उसका स्वार्थ मुक्ति में नहीं है, बंधन में है
08:20तो इसलिए आम आदनी मिसिन्फॉर्मेशन का शिकार नहीं है
08:23आम आदनी misinformation में सक्रिय रूप से भागीदार है
08:30आम आदनी misinformation मांग रहा है
08:34और वो जानता है कि वो चीज आगे जो बढ़ा रहा हो जूटी है
08:38इसका प्रमाण पता है क्या है?
08:40इतने सारे social media platforms हैं
08:44पर बताओ किस platform पर आधे से ज्यादा misinformation पहलाई जाती है?
08:51नहीं, WhatsApp
08:54ज्यादा तर जो जूट फैलाई जाते हैं वो WhatsApp के मादे हम से फैलाई जाते हैं
08:59बताओ क्यों? क्योंकि वो public नहीं है
09:02क्योंकि तुम्हें पता है कि तुम इतनी जलील बात बोल रहे हो
09:05जो तुम अगर publicly बोलोगे तो कोई ना कोई तुम्हें पकड़ लेगा
09:08पर एक WhatsApp ग्रूप है उसमें 100-200 लोग है
09:11तो बहारा लोगों पता नहीं चलता
09:13वहाँ पर तुम कुछ भी डाल सकते हो
09:14वही बात तुम सारजोनिक तौर पर डालो तो तुम्हें ला जाएगी और पकड़े भी जाओगे
09:18हो सकता है जेल भी हो जाए
09:22पर वही बात तुम एक WhatsApp ग्रूप में डाला इसका मतलब क्या है
09:25तुम खुद भी जानते हो कि वो जो बात तुम डाल रहे हो वो
09:29शर्मनाक है और जूट है
09:30इसलिए तुम कहते हो कि नहीं नहीं नहीं इसको तु WhatsApp पर ही डालना
09:35सुरक्षित रहेगा
09:36उस बात का तुम ऐसा नहीं कि और
09:38प्रेटफॉर्म्स पर मिसिन्फॉर्मिशन फैला ही नहीं जाती
09:42फेस्बुक पर खूब फैला ही जाती है
09:45यूट्यूब पर भी तुम वीडियो बना के मिसिन्फॉर्मिशन फैला सकते हो
09:49पर WhatsApp की तो बात ही अलग है
09:52क्योंकि वहाँ पर तुम 100-200 लोग पकड़ते हो
09:54जिनको आसानी से शिकार बनाया जा सकता
09:56और उन 100-200 लोगों को बचाने वाला भी कोई नहीं है
09:58एक Closed Group है
10:01उसको Google से Access भी नहीं कर सकते
10:03पता भी नहीं चलेगा उस Group के अंदर क्या चल रहा है
10:06बस यही है इसलिए
10:24World Economic Forum की रिपोर्ट आई है
10:27तो इस युद्ध के चलते
10:30उन्होंने इस साल के लिए
10:33और शाद अगले साल के लिए
10:36कहा है कि
10:38Climate Change जितनी ही
10:40Severe Crisis है Misinformation
10:43इस वक्त दुनिया में दो बड़े युद्ध चल रहे हैं
10:46एक के साथ एक
10:51तो Climate Change तो सदा के लिए है
10:53Misinformation अभी
10:55उसको कह रहे हैं कि Climate Change से भी उपर
10:57जादा खतरनाक मानो इसको
11:00युद्ध के कारण
11:02क्योंकि वहाँ
11:03अहंकार शामिल है न युद्ध का मतलब
11:05यहंकार के लावा और कौन लड़ने जाएगा
11:09तो हर पक्ष चाहता है
11:11कि एक जूठी
11:13तस्वीर पेश करी जाए
11:18और पूरी
11:19दुनिया के स्टेक्स हैं
11:21उस जूठी तस्वीर को सच मानने में
11:26डिमांड कर करके
11:27Misinformation पैदा करवाई जाती है
11:32आपके पास कोई ऐसी चीज़ आए
11:33जो दिखाए कि आप महान है
11:35आपका परिवार महान है
11:36आपका वर्ग महान है
11:37आपका समुदाए महान है
11:38आपकी पसंद महान है
11:40आपकी माननेताए महान है
11:42तो आप क्यों नहीं ऐसी चीज़ को आगे बढ़ाओगे
11:47बलकि ऐसी चीजें आपके पास आनी बन दो जाएं
11:49तो जिस स्रोच से आती थी
11:51उसको आफ फोन करोगे यार बहुत दिन से कोई मसाला नहीं भेजा
11:56यह मिसिन्फरमेशन थोड़ी है
11:57यह तो ओन डिमांड प्रोडक्शन आफ मिसिन्फरमेशन है
12:03आम आदमी खुद जूट के व्यापार में यहां तक धसा हुआ है
12:15ओमिसिन्फरमेशन मत बोला करो
12:17मिसिन्फरमेशन में ऐसा लगता है कि बंदा सिर्फ नासमझ था नादान था
12:23थोड़ी मासूमियत का श्रेद देते हो आप मिसिन्फरमेशन बोलके
12:27यह misinformation नहीं है यह disinformation है यह नियत की खराबी है और एक बात और बोलता हूँ कोई आपके
12:35पास ऐसी चीज़ भेजे जो जूटी है वो वेक्ति आपका दोस्त नहीं हो सकता वो आपका शिकार कर रहा है
12:43कोई भी वेक्ति जो आपके पास जूटी चीज़ें भेज रहा है या कोई भी वेक्ति जो आपकी contacts list पर
12:49है और अपने account पर जूटी चीज़ें post कर रहा है वो आपका मित्र होने लाया की नहीं है मित्र
12:56भी छोड़ो वो अपरिचित भी नहीं है
12:59वो सीधे सीधे शिकार ही है आपका वो आपकी पीछे पड़ा हुआ है आपका शिकार करने के लिए ऐसों को
13:06दोस्त क्या
13:09इनकी चाया से भी दूर रहना चाहिए
13:16बात समझ में आ रही है
13:26इसी में अचार जी अपने आर्टिकल में यह भी पढ़ा था कि जो एडलमेंट ट्रस्ट बैरोमीटर है उसके अनुसार अभी
13:35दुनिया में 36 प्रतिशक लोग हैं सिर्फ इतनी बचे हैं जो यह मानते हैं कि आने वाली पीडी का जीवन
13:42बहतर हो सकता है
13:43और यूके में तो यह इससे भी कम है गिरकर 17 प्रतिशक तक पहुँच चुका है तो आचार जी ना
13:50लोगों को विवस्था पर भरोसा है ना भविश्य पर भरोसा है और ना धर्म पर भरोसा है इसमें क्योंकि खुद
13:58पर भरोसा है ना
14:01अहंकार का अंतर की विरोधाबास देखो उसको पता है कि जैसे चल रहा हूं ऐसे बरबाद ही होंगा इन्होंने जिस
14:09रिपोर्ट का हवाला दिया वो कहती है कि दुनिया के ज्यादातर लोग मानते हैं कि आने वाली पीड़ी के लिए
14:16जैसा आज समय है इससे खराब ही होगा
14:19समय है कि बरतमान की अपेक्छा भविश्य खराब ही होने वाला है दुनिया के जादातर लोग इस बात को मानते
14:24हैं लेकिन फिर भी उस भविश्य को खुद ही खराब करने में लगे हुए हैं भले ही उस भविश्य को
14:31उनके ही बच्चों को जीना है परक नहीं पड़ता भव
14:37भविश्य खराब होगा उसे खराब करने वाला होने बच्चे आप हो जो अपने बच्चें के लिए भविश्य खराब कर रहे
14:43हो यह हंकार का विरोधा भास है उसको उसको अच्छे से पता है हो क्या कर रहा है फिर भी
14:52वो करे जा रहा है जो वो कर रहा है और इस बात को जब
14:58न कोई बहाना बनाकर
15:01स्वयम को बचाते रहेंगे
15:02हमें साफ स्विकार करना पड़ेगा
15:05हम अपने दुश्मन आप हैं
15:06हमने ही नालाइक यहां करी हैं
15:11हम ही
15:13इतने आतुर रहते हैं
15:16अपने अपने आग्रहों
15:18अपने मत अपने ओपीनियन
15:21अपनी माननेता
15:24को सही और जायस ठहराने के लिए
15:26कि उस माननेता के पक्ष में
15:29हम तत्थेओं का आविशकार करने लग जाते हैं
15:34हम अपनी माननेता के पक्ष में
15:37तत्थेओं का ही आविशकार करना शुरू कर देते हैं
15:42अब तत्थे आपकी माननेता
15:44से मेल तो खाएंगे नहीं
15:46तो फिर तथ्यों का भी आविश्कार करना पड़ता है। इसको ही बोलते हैं मिसिन्फॉर्मेशन। जो हुआ ही नहीं तुम वो
15:53बता रहे होगी हो गया।
15:58तथ्या और माननेता में टकराव होगा तो कौन जीतेगा। तथ्या जीतेगा।
16:02माननेता तो तूटेगी, माननेता तो परिभाशा से जूठी चीज है, तो अब हंकार क्या करेगा, क्योंकि हंकार को तो माननेता
16:10प्रिय है, तो हंकार क्या करेगा, जूठे तत्थे गढ़ेगा, वो कहेगा फलानी जगह ऐसा हो गया, हुआ ही नहीं, पर
16:16वो कहेगा ऐसा हो गय
16:32एक छीज दर्शन के इस्तर पर हुई है
16:38जिसमें अहंकार के लिए अपनी माननेताओं को खूब शरण मिल गई है
16:45उसको बोलते हैं पोस्ट तुथ
16:48क्या पोस्ट तुथ
16:50पोस्ट तुथ का मतलब यह है कि
16:53तुम जैसा देखो सोचो समझो वो तुम्हारे लिए सच
16:57और जैसा मैं सोचों समझों मेरे लिए सच
17:02अच्छा जिन्होंने भी यह बात पकड़ी
17:07उनका तो हक ही छिंजाता है किसी भी चीज़ को मिसिन्फर्मिशन बोलने का
17:11बताओ क्यों
17:13क्योंकि जब किसी चीज़ को बोलते हो
17:15मिसिन्फर्मिशन
17:17तो उसमें भाव यह है कि
17:19यह बात जुट है
17:20और कोई बात जुटता वह होती ने जब कोई और बात सच होती है
17:25पर पोस्टरुथ का मतलब होता है
17:26सच तो कुछ होता ही नही bark
17:27जब सच कुछ होता नहीं तो misinformation भी कुछ होती नहीं, सब सच है, भई अगर तुम्हारा सच तुम्हारा सच
17:36है, और मेरा सच मेरा सच है, और इनका सच इनका सच है, और उनका सच उनका सच है, अगर
17:41सच contextual ही है, अगर सच personal ही है, तो फिर misinformation क्या होती है, misinformation तो कुछ भी नहीं
17:48है, ज
17:57थो आले liberals
18:02नो इन तो कहा था नहीं
18:04हर व्यक्ति अपनी आखों से
18:06अपनी दृष्टी से अपनी इतिहास से
18:08अपने संदर्भ से
18:09सत्य को देखता है
18:11तो ठीक है उसनी अपनी आखों से सत्य को देखा
18:13उसे जो लगा अब उसका प्रचार कर रहा है
18:15अब क्यों बोल रहे हो उसको कि
18:16misinformation फैला रहा है
18:20क्यों बोल रहे हो
18:22भई information
18:25कि जो पूरी प्रक्रिया है
18:26उसमें तो हमेशा ही अहंकार शामिल है
18:29और अहंकार के शामिल होने को
18:31अगर तुम मान्नेता दिये दे रहे हो
18:32स्विकार करे ले रहे हो
18:33तो अब कोई चीज मिसिन्फर्मिशन कही नहीं जा सकती
18:37इन्फर्मिशन ऐसे आसमान से तो टपकती नहीं है
18:40कोई रिकॉर्ड करता है जो रिकॉर्ड करता हो चुनता है
18:42यह हौल है इसमें से क्या रिकॉर्ड करना है
18:45ठीक
18:45कोई रिकॉर्ड करता है
18:47वहाँ भी हंकार शामिल है
18:49वो चुन रहा है कि ये रिकॉर्ड नहीं करूँगा
18:51ये रिकॉर्ड करूँगा
18:53कोई उसकी एडिटिंग करता है
18:55जो एडिटिंग करता है वो भी चुनता है
18:57कि ये रखना है ये निकालना है
18:59वहाँ भी हंकार शामिल है
19:02कोई उसका रंग रोगन करता है
19:04कोई उसको शीरशक और गयरा देता है
19:06कोई उसको संदर्भ देता है
19:08और साथ में एक लेख देता है
19:10इन सब प्रक्रियाओं में
19:12हंकार शामिल है की नहीं है
19:14और फिर किसी माध्यम से
19:16किसी चैनल के थ्रू
19:18वो बात आप तक पहुँचती है
19:20वहाँ भी अहंकार शामिल है
19:21तो जिसको आप information कहते हो
19:24उसमें तो कदम कदम पर कोई इंसान
19:26माने अहंकार शामिल है
19:28उसके बिना information तो नहीं पहुँच सकती
19:30अब तक ही पहुँच सकती है
19:33अब अहंकार के शामिल होने को
19:35अगर हमने
19:37मन्जूरी दे दिये
19:39तो misinformation क्या हो गई कुछ नहीं
19:42misinformation हो गई कुछ नहीं
19:43फिर तो जिसको जैसे edit करना है
19:45जिसको जो अर्थ निकालना है वो निकाल रहा है
19:47और आप कहोगे यही तो post truth है
19:50यही तो post truth है
19:51उसको इस बात से यही निकालना था उसे निकाल लिया
19:54यह उसका सच है
19:56तो misinformation क्या वची कुछ नहीं
20:01कुछ भी नहीं
20:06यह एक व्यक्ति घूमरा है
20:10और यह ब्राहमण है
20:12और authoritarian है और patriark है
20:14और देखो इस बेचारी लड़की को ऐसे बैठा रखा है
20:20यह देखो
20:23यही तो है
20:25पुरानी पित्र सत्ता की
20:27शोशन कारी बेड़ियां
20:29यह देखो
20:29खुद खड़ा हुआ उसको बैठा रखा है
20:34बिलकुल आप recording के माद्यम से उस सिद्ध कर सकते हैं
20:37और यह poster हो था
20:38उसको यही दिख रहा है उसको यही सच लगा
20:39और वो कह रहा है नहीं यही बात सच है
20:42और इधर भी देखो वही बैठी है उधर भी वह देखो बैठी हुई है
20:47हाँ और इधर तो बहुमत में है
20:54ठीक अब इसको आप misinformation कैसे सावित करोगे
20:57अगर किसी को यही दिख रहा है
20:59और वो कह रहा है यही मेरा सच है क्योंकि मुझे तो यही दिख रहा है
21:02तो आप कैसे कहोगे कि यह misinformation है
21:07कैसे कहोगे
21:07वो कहने के लिए पहले अहंकार हटाना पड़ेगा न
21:12पहले कहना पड़ेगा कि भाई fact माने वो जिसमें
21:16तेरा व्यक्तिगत पूर्वाग्रह शामिल
21:20पर जब हमने व्यक्तिगत पूर्वाग्रह को ही शामिल कर लिया
21:24freedom of ego बोल करके
21:28लोग freedom freedom की इतनी बाते करते हैं तो बताओ freedom for whom
21:32freedom for the mis interpreter
21:36आप किसको freedom दे रहे हो
21:40freedom
21:43to the
21:46rumor monger
21:48क्योंकि हंकार तो वही है
21:50freedom to that rascal
21:52सब आके कहेंगे freedom freedom
21:54but for whom but for whom
21:59deal of freedom उसको यही दिखाई देगा कि यहाँ पर यह देखो यह
22:02लड़कियों को जमीन पर क्यों बैठा रखा तुमने
22:05इनको कुरसियां क्यों नहीं दी
22:17बात आ रही है समझ में
22:20और आप कुछ अगर उसको टोकेंगे तो कहेंगे यह देखा
22:23मेरी freedom of expression रोकी जा रही है
22:24इससे और ज़्यादा साबित होता है
22:27कि यह authoritarian है
22:37इसको कैसे रोकोगे
22:39जब तक freedom का अर्थ है कि जो मुझे लग रहा है मैं वही करूँगा
22:44जो लग रहा है वही देखूँगा और जो लग रहा है वही कहूँगा
22:47और जो जैसा मुझे लग रहा है वही प्रचारित करूँगा
22:49जब तक freedom का यह अर्थ है कुछ भी नहीं है misinformation
22:54misinformation की बिचारे की परिभाशा ही ढह जाती है
22:57जैसे ही आप उसमें यह जो ill-conceived freedom है इसको लेकर के आते हो
23:05और वह हो भी रहा है
23:07misinformation काटने के लिए सब जो बड़े-बड़े संस्थान हैं और agencies हैं
23:11अब यह fact checking पर लगे हुए है
23:12पर जो fact check है रहे हो खुद बायस्ट है
23:18जब तक हंकार है तब तक misinformation के लावा कुछ हो ही नहीं सकता
23:23क्योंकि fact से तो हंकार डरता है
23:32fact उसे नहीं सुहाता
23:35fact माने वो मरा
23:39fact किसी का नहीं होता
23:41fact की वफा किसी के साथ नहीं है
23:45और ऐसा इंसान मिलना
23:47मुश्किल है
23:49जिसका जूट में
23:51स्वार्थ नहों स्टेक नहों
23:53तो इसलिए आप किसी को
23:55भी हक दोगे कुछ बोलने का वो
23:57जो बोलेगा वो misinformation ही होगी
24:01और आपने अब उसको
24:03साथ में स्वतंतरता दे दी है कि तुम
24:05जो भी बोलना चाहते हो
24:06और अगर कोई तुम पर आपत्ति करता है तो उसको
24:09बोलो कि मेरी freedom
24:11रोकी जा रही है
24:20इसी में आपने ये भी बताया कि
24:23misinformation को अगर रोकने के लिए
24:25जैसे अगर कोई सरकार कदम उठाना चाहती है
24:27तो उसका एक खतरा बन जाता है
24:29कि वो censorship की ओड न बढ़ जाए
24:31तो ये दोनों भी फिर
24:34कि ये
24:35ने सरकारें दोनों काम करेंगी
24:37वो misinformation भी फैलाएंगी
24:40जो misinformation उनके पक्षकी है
24:43और वो censorship भी करेंगी
24:45उस सूचना की जो उनके पक्षकी नहीं है
24:47तो misinformation की
24:48काट नहीं है censorship
24:51misinformation का प्रतिबिम्बे censorship
24:53misinformation और censorship साथ साथ चलते हैं भाई
25:00बात समझ में आ रही है
25:01मैं साड़े छे फिटका हूँ
25:06तो पहला काम तो यह करेगा
25:07कि इनको जाकर कि यह तुम
25:0910 रुपे लो
25:11और तुम 20 रुपे लो
25:12और तुम अच्छे बच्चे हो ना
25:15और तेरे घर पे शिकायत कर दूँगा
25:16ठीक है अब यह सब जा जाके
25:19जगए जगए प्रचार करेंगे कि यह
25:20इनसान साड़े 6 फिटका है
25:22यह क्या कहलाईगी
25:24यह misinformation team हो गई
25:26वास्ताव में misinformation team नहीं है
25:28यह disinformation team है
25:30अब दूसरी और यह बैठे हुए है
25:32इनको साबित कर रहा है मैं 5 फिटका हूँ
25:52यह censorship हो गई
25:55दोनों ही किसने करा
25:57एक ही है जो दोनों काम करेगा
26:01तो misinformation
26:04को रोकने के लिए
26:05दुनिया भर में सरकारों ने जो व्यवस्थाएं करी है
26:08वो व्यवस्थाएं
26:10सिर्फ misinformation को बढ़ाने का काम कर रही है
26:14वो censorship बस उन चीजों की होती है
26:16जो चीजें सरकारों के पक्षकी नहीं है
26:19या कि जो भी वहाँ भहुमत है उसके पक्षकी नहीं है
26:27इसका कोई इलाज नहीं है
26:29इसका जो इलाज है वह यह जो climate change का इलाज है
26:33क्या
26:34अध्यात्म
26:35जबता का हंकार है
26:37all information will be disinformation
26:42आप से कोई विट्टी कुछ बोलने आया है
26:44वो आप से कोई सच कैसे बोल देगा
26:47पहली बात उसको पता नहीं
26:48क्योंकि वो खुद क्या है
26:50हंकार है
26:51हंकार एक बहोशी होती है
26:52एक नशा होता है
26:55दूसरी बात अगर किसी कदर उसको पता चल भी गया
26:57तो सवार्थी है वो आपको क्यों बताएगा सच
27:00वो तो आपको वो बताएगा ना
27:01जिसमें उसका सवार्थ सिद्ध होता होगा
27:04तो misinformation का कोई
27:07legal, technical, policy, इलाज नहीं हो सकता
27:13हर व्यक्ति जूट बोल रहा है
27:15क्योंकि हर व्यक्ति स्वार्थी है
27:17और हर व्यक्ति
27:18सच बोलने वाले की
27:20जबान काटेगा, गर्दन पकड़ेगा
27:22क्योंकि सच सब के स्वार्थों पर चोट करता है
27:33आप कुछ भी सुन रहे हो
27:36कोई भी किसी
27:38बड़े राश्राध्यक्ष ने आपको
27:40स्पीच दे दी, भाषन बता दिया
27:42वो पूरा मिसिन्फर्मेशन ही होगा
27:44और कुछ नहीं होगा
27:45बस कुछ मिसिन्फर्मेशन ऐसी होती है
27:47जो हमें स्विकार होती है
27:48क्योंकि हमारे पक्षकी होती है
27:50क्योंकि हमारे ही पुरवाग ग्रहों को सही साबित करती है
27:54और कुछ misinformation ऐसी होती है
27:55जो हमें पसंद नहीं आती
27:56तो उसको हम misinformation बोल देते है
27:58हम शामिल है इसमें
28:00हम शिकारी नहीं है
28:02तो इसलिए misinformation नहीं है
28:08disinformation है
28:10हम मारा शिकार नहीं हुआ है
28:13हम शिकारी है
28:16एक व्यक्ति जो बिलकुल जूठी बात
28:20select करके 8 लोगों को whatsapp पर forward कर रहा है
28:26ये नासमझ नादान मासूम नहीं है
28:30ये अपराधी है
28:33और ये निकला हुआ है
28:36शिकार करने
28:37ये hunting mission पर निकला हुआ है
28:40कि किस कि हंटिंग करूँगा आज
28:52मुझे एक इसमें बस ये चीज़ पूछने थी
28:55कि अगर एहंकार को
28:57सुरक्षा मिल रही है
28:58ये misinformation में
28:59तो वो कैसे अब
29:03फिर चाहे
29:04कि
29:07उसको इसमें पॉस्ट रहा हुआ हुआ हुआ है
29:12सच्चाई की अपनी ये कशिश होती है
29:16ठीक है उसका कोई कारण नहीं होता
29:19उसकी कोई विधी नहीं होती
29:20ये कैसे ही है
29:21बच्चा छोटा था तुम्हें कहीं दिखाई देता है
29:23पड़ा हुआ है नंगा पुंगा है
29:24खेल रहा है कुछ नहीं साधारन जैसे बच्चे होते है
29:29अब कोई कैसे बताए कारण कि तुमने जागे उसो गोद में उठा लिया
29:34वो खेल रहा तो तुम भी उसका खेलने लग गए
29:37तुम बड़े गुरु गंभीर आदमी
29:39और भारी भारी तुमारे मसले
29:41और वो सब छोड़के तुम उसके साथ उतलाने लग गए
29:45अब कोई क्या बताए यह तो प्यार की बात होती है
29:49अंकार को जब प्यार हो जाता है तो वो अपनी सुरक्षा के लिए जूट बोलना बंद कर देता है
29:53बस यही उपाय है और कोई उपाय है नहीं इसका
29:58बात समझ भी आ रही है पर मुनाफ़ा तो कुछ नहीं होगा वो
30:01दो रुपे नहीं हो नंग धरंग बच्चा उसके साथ कपड़ा भी नहीं है ऐसी पड़ा हुआ तो
30:05उसके साथ मुनाफ़ा तो कुछ नहीं हो सकता है
30:08तो प्यार की बात है जब प्यार हो जाता है तो तुमको जूट पसंद आना बंद हो जाता है
30:16तो क्या करें प्यार ओड़ लें प्यार खा लें क्या करें कुछ नहीं करो
30:26उसको पालना बंद करो जिसे प्यार होई नहीं सकता
30:32तुम भीतर अपने उसी को पोशन दिये जा रहे हो
30:35जिसे जिन्दगी में कभी प्यार नहीं हो सकता
30:37प्रेम, इश्क
30:39जिसके लिए अपरिचित है
30:41उसको पालना बंद कर दो न
30:44उसी का नाम प्रेम है
30:46अब प्रेम को पोशन देना बंद कर दो
30:49अब प्रेम को पोशन देना बंद कर दो
30:53प्रेम तो है ही है
30:56प्रेम अहंकार की कोई अवस्था थोड़ी होती है
30:59प्रेम अहंकार का कोई कर्म थोड़ी होता है
31:04अहंकार के मिटने पर प्रेम सभाव है
31:09जैसे जैसे अहंकार कम होता जाता है
31:11तुम पाते हो कि प्रेम तो ही
31:15जादातर हमारे लिए प्रेम क्या होता है
31:17भीतर क्या है घोर
31:19एहंकार और उसी एहंकार की हैं
31:21जबरदस्त कामनाई हैं
31:22और उन कामनाओं को हम प्रेम का नाम बोल देते हैं
31:24वो प्रेम थोड़ी होता है
31:27वो जो कामना वाला प्रेम होता है
31:29वो और मिसिन्फरमेशन एक साथ चलते हैं
31:34जहां कामना ही होगी
31:35वहाँ जूट खुब बोला जाएगा
31:37और जितनी प्रगाड होगी कामना
31:40उतनी गाढ़ा जूट होगा
31:45कामना किसकी होती है अहंकारगी
31:49जूट भी थारे किसके होते हैं उसी के होते हैं जूट उसकी अस्तित्गत जरूरत है
31:56क्योंकि पहला जूट वो खुद है आंकार
32:04सिर्फ इश्क में ऐसा होता है कि अपना ख्याल रखने की जरूरत कम होती जाती है
32:12सिर्फ तब ऐसा हो सकता है कि सच खतरनाक लगना पराया लगना बंद हो जाए
32:21नहीं तो सच तो बहुत खतरनाक होता है
32:25और अभी सच की बात कर रहा हूँ वो तत्थे व्यवहारिक सत्थे तत्थियों की बात कर रहा हूँ
32:30परमार्थिक सत्ते हो तो बड़े दूर की कॉड़ी है
32:46अपने आपको देखना
32:48सोशल मीडिया स्क्रॉल औगरा करते हुए
32:50जैसे ही
32:52कुछ ऐसा सामने आता है
32:56जिससे
32:57तुम्हारे पक्ष
33:01तुम्हारे गुट
33:02तुम्हारे गैंग
33:04तुम्हारे समुदाय
33:05की श्रेष्ठता साबित होती है
33:08तुम्हारी आखें बिल्कुल चमक जाती है कि नहीं
33:11क्या उस वक्त तुम गवारा करोगे
33:14उसकी सच्चाई पर रखना
33:17नहीं
33:18तुम ये नहीं करोगे किसी सच्चाई पर हूँ, तुम्हारा तुरंट काम क्या होगा, उंगली दबाएगी, शेयर, जूट बहुत शेयरेबल होता
33:31है, जबरदस तरीके से,
33:40सच का वाइरल होना लगभा का संभव है,
33:48सच वाइरल भी होगा तो एक ही शर्त पर, कि उसकी दुर्दशा हो जाए, खूब पिट-पिटा जाए, फिर हो
33:52जाएगा वाइरल,
33:56जूट तो बाइड डेफिनिशन वाइरल है,
34:06हंकार को पुशन देने आली सामगरी कहा है, यह देख रहा है, बस यह देख लो कि पिछले महीने भर
34:13में क्या का वाइरल हुआ है, देख लो,
34:14महीं देख जाएगा कि उसमें कितनी,
34:28आप सोशल मीडिया पर जो कर रहे हैं, या टीवी पर आप जो चैनल पकड़ रहे हैं,
34:34वो किसी अलग खाचे में आपका विवहार थोड़े ही है,
34:41वो भी आपके विवहार के पूरे एक शेत्र में शामिल है,
34:49और विवहार का पूरा अक शेत्र जिस के अंदर से आ रहा है,
34:54उसी के अंदर से आपका सोशल मीडिया बिहेवियर भी आता है,
35:03हमारा कोई भी काम, हमारी कोई भी प्रतिक्रिया,
35:11हमारे पूर्वाग्रहों के अनुसार ही होती है
35:21मुझ में आ रही है बात ही है
35:24हम डरे हुए लोग है
35:27और डर के कारण ही हम जुके हुए हैं
35:30डर के कारण ही हम किसी पक्ष में खड़े हो गएं जाके
35:32क्योंकि वहाँ पर बहुत लोग हैं या बहुत शक्तिशाली लोग हैं मु� non chỉ में थो हमारा जो फिर मत
35:39है
35:39ऑपीनेश़् है वह भी कहां से आ रहा है हुआ इस जिस जुण में खड़े हो गए हो उस जुंड
35:46का जो
35:47opinion है डर के मारे तुम्हें भी वही opinion रखना पड़ेगा
35:53मैं बहुत रोचक चीज़ें देखता हूँ
35:57जैसे misinformation की बात हो रही है तो अब मुझको ले करके
36:01किसी ने कोई वीडियो बना दिया या कोई comment कर दिया या
36:04ट्वीट वगेरा कुछ कर दी जो कि एकदम बचकानी चीज़ है वहियात है आप हस भी सकते हो उस पर
36:11कि अच्छा मुन रंजने पर उसने अपनी और से पूरी गंभीरता से पूरी जान लगा करके भयाना का रोप लगा
36:18कि कुछ बना दिया
36:24तो अब ये misinformation है पता भी एक पर चूकि हम संचाली थी डर के केंदर से होते हैं तो
36:30बीटी घर से बाहर मत निकला कर बाहर गुंडे छेड़ देंगे
36:34या फिर अगर तो जो उन्होंने छेड़ दिया तो तू ये बता तू रात में आठ हुजे बाहर कर किया
36:40रही थी
36:47हम misinformation फैलाने वालों के भी परोग्ष समर्थन में खड़े हो जाते हैं
36:52वो बाप है वो अपनी बेटी को डांट रहा है कि तेरे ही कारण तुझे छेड़ा गया है
36:57उनकी हिम्मत ही नहीं है कि misinformation फैलाने वाले को खुले में कुछ बोल सकें
37:02उनकी हिम्मत ही नहीं है वो परोग्ष रूप से indirectly उनका पक्ष ले रहे हैं
37:07हमारा कोई भी मत ना अपना होता है ना सच्चा होता है
37:16हम जूट और डर के पुतले हैं तो misinformation पर इतनी हाय तौभा कैसी
37:25जो जूट बोल रहा है उसके साथ आपके स्वार्थ जुड़े हो उसके साथ बहुमत खड़ा हो आप भी उसी के
37:32साथ खड़े हो जाते हैं
37:43कई बार तो कोई कुछ बना देता है तो हमारे लोग बड़े बेचैन हो जाते हैं
37:50बेचैन इसलिए नहीं हो जाते कि उसने जो बना दिया है उससे आगे mission की गति पर प्रभाव पढ़ रहा
37:58है
37:58वो बेचान इसलिए आते हैं कि उसने जो बना दिया है उससे उनी पर प्रभाव पड़ रहा है
38:25डरे सहमें लोग सब दुनिया के
38:32ये क्या सच को गले लगाएंगे
38:39इनने तो जूट के कीचड में लोटना है बस
38:48उसके बाद अब AI है उससे जो कहानी लिखवानी हो लिखवालो जो वीडियो बनवाना है बनवालो डीप फेक्स बनवाले है
38:54बनवालो
38:54डीप फेक भी अब ऐसा नहीं कि टेक्नोलोजी का कोई बंदा करेगा आम आदमी कर सकता है आपको अभी बनाना
38:59है अभी बना लो
39:01खट से बना के मिल जाता है पाँच मिनिट के अंदर आप बताओ क्या बनाना चाहते है अभी मिल जाएगा
39:06आप Sing.
39:17चीजिव बहु पुरिए इसी संबन्धित कुछ हो तो बूलिये।
39:21सड़कर की
39:22नमपस्तिया सर्
39:24मुझा मेनी का एक्सांपल है
39:25तो मैंने उनका YouTube चैनल औंको
39:27अनसब्स्राइप करनना नहीं आता
39:29तो starting में मैंने उनके बहुत सारे चैनल सब्स्राइब करें
39:32जिसमें से
39:33ए aan संसाउक की आते काफी सारे तो मुझे तुम तो मैथे मैं फुट होता तो प्लस्थ होता नॉбलॉक कर
39:39देता तो जुट豬iquement से खण होजाए एध्ला में तो मैंने तो मैशन की दू अनुगहें तो मैंने मॉझे थो अ
39:50जाती हैं
39:54तो मैंने तंस्ता के चैनल थोड़े कम करें और मैंने थोड़े भैतर चैनल सब्सक्राइब करें तो अब भी मैं देख
39:59रहा हूं कि वह वही चैनल देख रही है वही उनकी वीडियो देख रही है जो नहीं देखने हैं जो
40:05मैं होता तो ब्लॉक कर देता तो वही मैं देखता हू
40:08कि जो अंकार व्यक्ति होगा तो वो उसको जादा मेहनत करनी पड़ रही है क्योंकि वो चैनल चो मैंने सब्सक्राइब
40:15के वो बार बार आएंगे तो उसको बहुत जादा भागना पड़ रहा है तो मैं इस चीज में यह कहना
40:19चाहता था
40:24आप सब्सक्राइब कर दीजे पर जब वो चैनल देखा ही नहीं जाएगा तो उनकी फीड में आना बंद हो जाएगा
40:28और आप सब्सक्राइब भले नहीं करिए पर जो आप देख रहे हो आपकी फीड में बार बार आएगा बात सब्सक्रिप्शन
40:34की नहीं है बात आपके रु�
40:48पुराण नहीं दिया, इन्फरमेशन येज ने कोई नया इंसान नहीं खड़ा कर दिया है, जो पुराना ही इंसान था, उसकी
40:55वृत्तियों को कई गुना विस्तार दे दिया है, तो इसी दे संबंदिस है, जो हम कहते हैं कि जो मूल
41:10बात है वेदों की, उससे इंसान मुझे ल�
41:16औंकार भी है, उससे व्यक्ति बहुत भागा है, तो उससे इतना बड़ा ग्रंट पोथा बनाया ताकि उस मूल बात से
41:23भाग सके, और जो ऐसे भी देख सकते हो, ये भी देखने का एक तरीका है, ऐसे भी देखा जा
41:29सकता है, दूसरे लोग इसको ऐसे देखते हैं, कि जैसे �
41:44धर्म करंथ में तरह तरह की रोचक बाते रखनी पड़ती हैं, कि इन ही बातों के बहाने लोग आ जाएंगे,
41:49और फिर ये जो हजारों लोग आ जाएंगे, इन में से कोई एक होगा जो धर्म के मूल तक पहुंचेगा,
41:55ऐसे भी देख सकते हो, जैसे देखना चाहो देख सकत
42:01जैसे हम देखते हैं कि science, technology और war related तो बहुत सारी misinformation फैली रही है, साथी धर्म के
42:09नाम पे, especially इंडिया में, बहुत गलत धारने और social media आने के बाद तो बहुत जादा फैल रही है,
42:18इस वजह से बहुत सारे जो गलत धर्म गुरु थे और वो काफी उंची
42:28उंची जगह पे पहुँच चुके हैं, जिससे वो उनका जो ताहरा है, हम समझ गया है, ठीक है, लाखों में
42:34लोग उनको सुन रहे हैं, करोड़ों में सुन रहे हैं, और वो गलत, गलत चीज उन तक पहुँच रही है,
42:41तो ये भी गलत यूज हो गया, social media पे misinformation फैलने का, और
42:46लोग मान भी रहे हैं, और आगी और फैलाए जा रहे हैं, और ये अपने जो जैसे हमारा mission है,
42:58जो सही टीचिंग पहुचाना चाहरे है, उसके सामने एक बादा ही है, मिशन सही टीचिंग नहीं पहुचाता है,
43:10सवाल में तो इतनी लाचारगी है
43:11इतनी बेचारगी है कि लग रहा है कि कह दूँ
43:13आ उपर आओ यहां बैठ जाओ मैं भी बैठ जाते हूं
43:15तो दोनों मिलके रोते हैं
43:20मिशन ये लाचारगी बेचारगी
43:22और रोने से नहीं फैलता है
43:25मिशन फैलता है जब
43:28मिशन कोई एक केंद्र
43:30एक नोड एक सिंटर
43:32बन कर नहीं रह जाता है
43:33जब मिशन के करोडों हाथ हो जाते
43:36तब मिशन फैलता है
43:40बैट करके रोएं क्या है
43:42क्या करें बाबा जी का जूट फैल गया
43:43जारे जी मैं क्या करता है
43:52जाओ जितना समझ में आया है
43:54आगे बढ़ाओ ना फैलाओ ना क्या बोलते रहते हो मेरी मम्मी नहीं सुनती मम्मी नहीं सुनती तो कोई बात नहीं
44:00इतना बड़ा social media जाओ वहां सुनाओ ना
44:04जाओ
44:07और इतने तरीके हैं social media पर लोगों तक सचाई पहुंचाने गए
44:11मैंने ठेका ले रखाए गया
44:14या सच पर संस्था का कोई कानूनी अधिकार है
44:23कि सच को तो सिर्फ संस्था ही आगे बढ़ा सकती है
44:26अपने चेहरे के साथ, अपने शब्दों में
44:29बयान करो ना बात को, क्यों नहीं करते
44:36दो हाथ जो भी कर लेंगे और चाहे जितनी जान लगा दें
44:39चाहे जितनी उनमें ताकत हो, करोड हाथ जादा ही कर पाएंगे
44:49इंस्ट्रा स्क्रॉलिंग तो मैं भी करता हूँ, मैंने आप में से
44:51किसी का चेहरा नहीं देखा, एकाद दो देखे होंगे
44:55मैंने तो नहीं देखा कि आप अपना चेहरा सामने ला रहे हैं
44:58और अपने आपको दाओं पर लगा कर कह रहे हैं कि यह रही अचारजी किताब यह मैंने पढ़ी है
45:04और हाँ पढ़ी है और मुझे यह फाइदा हुआ और यह रहा यह अध्याए और यह पंक्तियां
45:09और मैं समझता हूँ कि यह पंक्तियां सब के काम कियें मैंने तो आप में दिखिदी का चेहरा नहीं देखा
45:15अब यह बंद कमरा इसमें हम सब साथ बैट करके सामोही गरूदन कर लेते हैं
45:20जूट जीतरा है जूट जीतरा है कर लेते हैं
45:24कुछ होता हो, उससे तो बताओ, मुझे नहीं याद पढ़ता, मैंने किसी का भी चहरा देखा है, कितने लोग सामने
45:31आ रहे हो, कुछ नहीं है, छुपके बैठना है, अरे इजजत भी कोई चीज होती है न, आचारी जी is
45:42my dirty secret, किसी को नहीं बताऊंगी,
45:56आपका चेहरा भी नहीं देखा मैंने कभी, रूते हुए भी नहीं देखा, रो ही दो जाके वहाँ, जो मुझसे बोल
46:04रहे हो, जाके भैभै करके रो, इसका वीडियो बना के डाल दो Instagram पे,
46:11वाइरल हो जाएगा अच्छी बात है, हमें ही मजाएगा, मुझे बता करके क्या होगा, जाके दुनिया को बताओ न, अचारी
46:21जी कल्यूग आ गया है, दुनिया बड़ी खराब है, सब एक दूसरे को धोखा ते रहे हैं, मिसिन्फरमेशन फैला रहे
46:24हैं, कर रहे हैं, मुझ
46:44हम, बैठो, अभी ये जो बातचीत हो रही थी, मैं सोच रहा हूँ, हमारे मिशन में दादातार युवा लोग ही
46:55जुड़े हुए हैं, ठीक है, मतलब बतसूरत हैं, पर इतने भी भद्दे नहीं हैं,
47:08ये कोई ब्लॉक ही कर देगा,
47:16तो ये अपना सलोना मुखडा स्क्रीन पर लेकर आओ न,
47:26या घूंगट डाल करके पिया का इंतजार है कि मैं तो उन्हीं को दिखाऊंगी,
47:35पिया को बाद में दिखा लेना, मुखडा पहले कैमरे को दिखाओ,
47:38और जब कैमरा आउन हो जाए, तो सच के दो चार शब्द फर्माओ,
47:49सच को करोड हाथ, और करोड जबाने चाहिए,
47:59चुपे बैठे हैं, वाला दल लता है, क्या बोल रहा है, दल लता है,
48:27मामी ता लेती त, क्या, मामी का बोले की,
48:41तुझे, लाज आवे है, लार्ब हावे है, क्या बोल रही है, लाज आवे है, जी,
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