Skip to playerSkip to main content
Great Nicobar Project पर Rahul Gandhi ने उठाया बड़ा सवाल, क्या है पूरा मामला? क्या 92,000 करोड़ का यह मेगा प्रोजेक्ट भारत की समुद्री ताकत बढ़ाएगा या फिर पर्यावरण और आदिवासियों के लिए काल बनेगा?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। इस बार विवाद की जड़ है ग्रेट निकोबार द्वीप (Great Nicobar Island) का मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट। करीब 81,000 से 92,000 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को राहुल गांधी ने "प्राकृतिक और जनजातीय विरासत के खिलाफ एक बड़ा अपराध" करार दिया है। उनका आरोप है कि इस प्रोजेक्ट के लिए लाखों पेड़ों की बलि दी जाएगी और वहां के मूल निवासी शॉम्पेन (Shompen) और निकोबारी जनजातियों के अधिकारों को कुचला जा रहा है।

दूसरी तरफ, केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कहना है कि यह प्रोजेक्ट भारत की समुद्री सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर साबित होगा। मलाक्का स्ट्रेट (Malacca Strait) के पास स्थित होने के कारण यह रणनीतिक रूप से चीन की "String of Pearls" नीति को कड़ा जवाब देने के लिए तैयार किया जा रहा है। इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत एक इंटरनेशनल ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, इंटरनेशनल एयरपोर्ट, और एक आधुनिक टाउनशिप बनाई जानी है, जिससे भारत हिंद महासागर क्षेत्र में एक बड़ा समुद्री हब बनकर उभरेगा।

पर्यावरणविदों और विपक्ष का तर्क है कि 166 वर्ग किलोमीटर में फैलने वाले इस प्रोजेक्ट से वर्षावनों का विनाश होगा, जबकि सरकार का दावा है कि विकास और सुरक्षा के लिए यह समझौता अनिवार्य है। राहुल गांधी इसे "खुलेआम लूट" बता रहे हैं, तो वहीं बीजेपी इसे "देशहित" से जोड़ रही है। क्या वाकई यह प्रोजेक्ट आदिवासियों के अस्तित्व को खतरे में डाल देगा या फिर यह भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार का नया राजा बनाएगा? देखिए ऋचा की यह विस्तृत रिपोर्ट।

Rahul Gandhi has launched a scathing attack on the Modi government's ₹92,000 crore Great Nicobar Island Mega Infrastructure Project, labeling it an "environmental and tribal crime." While the opposition raises concerns over the destruction of rainforests and tribal rights of Shompen and Nicobarese communities, the government defends the project as a strategic necessity to counter China and boost India's maritime trade power near the Malacca Strait.

#GreatNicobarProject #RahulGandhi #PMModi #BreakingNews #OneindiaHindi #IndianPolitics #EnvironmentVsDevelopment #NationalSecurity #NicobarIsland #SaveNicobar

~ED.106~PR.514~GR.508~

Category

🗞
News
Transcript
00:00I am standing in the Nicobar Islands, in the middle of what is easily the most beautiful forest that I
00:06have ever seen in my life.
00:07Thousands and thousands and thousands of acres of rainforest and what is happening here is that all these trees are
00:16going to be cut.
00:16देश में चुनावी उठापतक के भीच राहूल गांधी ने एक बार फिर मोधी सरकार के एक बड़े प्रोजेक्ट को लेकर
00:22सीधा हमला बोला है.
00:23और इस बार निशाने पर है Great Nicobar Island का Mega Infrastructural Plan.
00:29राहूल गांधी ने सिर्फ इसे एक प्रोजेक्ट नहीं बलकि प्राकृतिक और जंजातिया विरासत के खिलाफ बड़ा अपराद बताया है.
00:36सवाल उट रहे हैं क्या ये विकास है या विनाश और इसी सवाल ने सियासत को गर्मा दिया है.
00:43नमस्कार मेरा नाम है रिचापराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi.
00:46आपकी जनी प्रोजेक्ट करीब 81 से 92 करोड रुपे का एक विशाल विकास प्रोजेक्ट है, जुसे भारत सरकार हिंद महासागर
01:06शेत्र में अपनी रणनितिक और आर्थिक ताकत बढ़ाने के लिए तयार कर रही है.
01:11इस पर योजना के तहत ट्रान्शिप्मेंट को, इंटरनेशनल एरपोर्ट, टाउन्शिप और पावर प्लान जैसे बड़े ढ़ाचे बनाये जाएगे.
01:19करीब 166 वर किलोमेटर चेत्र में फैलने वाली योजना भारत को वैश्वेक समुद्री व्यापार के नक्षे पर और मिजबूत बनाने
01:27की कोशिश है.
01:28सरकार का कहना है कि ये प्रोजेक्ट मलाका स्ट्रेट के पास स्थित होने के कारण बेहद एहम है.
01:33ये वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया के करीब 20 प्रितिशत व्यापारी की जहाज बुजटते हैं.
01:38ऐसे में भारत के हाँ एक मिजबूर ट्रांशिप्मेंट हाब बना कर चीन के बढ़ते प्रभाव को चुनौती देना चाहता है.
01:44लेकिन राहूल गांधी इस पूरी परियोजना पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं.
01:49उनका आरोप है कि इस प्रोजेक्ट के लिए लाखो पेड़ों की कटाई होगी, यानि पेड़ काटे जाएंगे और करीब 160
01:54वर्ग किलोमेटर के घने वर्शावन को खत्म कर दिया जाएगा.
01:58उन्होंने अपने दोरे के दोरान कहा कि ये पेड सिर्फ पेड नहीं है, बलकि यहां की पीडियों की यादे हैं.
02:05राहूल गांधी का सबसे बड़ा आरोप है कि इस प्रोजेक्ट में स्थानी आदिवासी समुदायों खास तोर पर शामपे और निकोबारी
02:12जनजातियों की अंदेखी की जा रही है.
02:14उनका कहना है कि इन लोगों से न तो ठीक से सलाह ली गई है और ना ही उन्हें उनके
02:18भविशे के बारे में इस पष्ट जानकारी दी गई है.
02:20उन्होंने इसे खुले आम लूट करार देते हुए कहा कि ये परियोजना लोगों के अधिकारों को छीन रही है.
02:25इस बुद्धे पर भारतिय जंतर पार्टी ने राहूल गांधी पर पलटवार भी किया है तो इसके बारे में प्रभाव बढ़ा
02:44रहा है.
02:44इधर बीजेपी नेताओं का आरोप है कि राहूल गांधी इस प्रोजेक्ट का विरोध करके देश के रणितिक हितों को नुकसान
02:51पहुँचा रहा है.
02:51उनका कहना है कि जब भारत मिजबूत बढ़ने के दिशा में कदम उठा रहा है तब विपक्ष इसका विरोध कर
02:57रहा है.
02:57अब विशशग्यों के माने तो ये प्रोजेक्ट भारत के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है.
03:02इस इंतराष्ट्य वयाबार बढ़ेगा, निवेश आएगा और भारत की समुद्री ताकत मिजबूत होगी.
03:06लेकिन इसके साथ ही पर्यावरन और स्थानिय समुदायों पर पढ़ने वाले असर को नजरंदाज नहीं किया जा सकता.
03:13यही वज़ह है कि ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट अब सिर्फ एक विकास योज़ना नहीं रहा, बल्कि ये विकास बनाम पर्यावरन और
03:20सुरक्षा बनाम अधिकारों की बड़ी बहस बन चुका है.
03:23अब देखना ये है कि इस बहस में कौन सा पक्ष भारी पढ़ता है. सरकार का विकास मोडल या राहूल
03:29गांधी का पर्यावरन और जनजाती अधिकारों का मुद्दा. इस खबर में इतना ही लेकिन आप क्या सोचते हैं कॉमेंट में
03:35जरूर बताएं. और देश दुनिया की �
03:37बाके खबरों खास करके चुनाव कवरेज पर जो हमारा विशेस कवरेज चल रहा है. उसके लिए देखते रहें One India
03:42है.
Comments

Recommended