00:04क्या एक सूपर पावर दूसरी सूपर पावर के रूल्स को पूरी तरह से रप कर सकता है आज बात करेंगे
00:10उस ओईल वार की जिसने वाशिंग्टन और बीजिंग को आमने सामने लाकर खड़ा कर दिया है दर्शकों आज हम डीकोड
00:18करेंगे चाइना का वो बड़ा मूव जिस
00:30दर्शकों बड़ी अनाउंस्मेंट आ रही है चाइना के डिफियांसे से चाइना ने खुले आम यूएस को चैलेंज कर दिया है
00:37चाइना की मिनिस्ट्री ओफ कॉमर्स ने एक प्रभिहिशन ओडर यानी एक कानूनी रोक लगा दी है उन यूएस सांक्शन पर
00:45जो उनकी पा�
00:51ये एरान से तेल खरीद रही है और यूएस के मुताबित ये गलत है लेकिन चाइना का कहना है कि
00:57ये सांक्शन इंटरनाशनल लौ का उलंगन करते हैं वीजिंग ने साफ कर दिया कि उनकी कंपनीज इन सांक्शन को रेकगनाइज
01:05या कंप्लाइन नहीं करेंगी यानि ये कं�
01:13टी-POT Refineries हैं अब आप सोच रहे होंगे ये T-POT Refineries क्या होती है क्या ये चाये बनाती
01:19है जी नहीं
01:20Hypn Persian yla ये चायना की वो Refineries हैं जो सरकारी जायंस जैसे Sinopec के अंडर नहीं आती है ये
01:28छोटे स्केल पर लिकिन बहुत तेजी से काम करती है ये चायना की
01:33टोटल रिफाइनिंग कपासिटी का लगबग 25% हिस्सा इनिटी पॉट्स के पास हैं। बड़शकों ये वो प्लेयर्स हैं जो इरान,
01:41रश्य और वेनिजवेला जैसी कंट्री से सस्ता डिसकाउंटेड ओयल खरीदने में माहिर हैं जिन पर यूएस ने बैन लगा रखा
01:48हैं।
01:49ये वहाँ से सस्ता डिल खरीते हैं इसलिए बड़े जायंट्स के आगे सस्ता डिल बेच पाते हैं। अब इस लिस्ट
01:55में सबसे बड़ा नाम है हैं हैंगली पेट्रोकेमिकल।
01:58यूएस ट्रेजरी का कहना हैं कि हैंगल तहरान के सबसे बड़े वाल्यूड कस्टुमर हैं जिसने एरानियन मिलिटरी को करोडो डॉलर्स
02:06की कमाई करवाई हैं।
02:10जैसे चार और नाम इस ब्लॉक लिस्ट में शामिल हैं। यानि वो सारी बड़ी कंपनीज जो इरान से तेल खरीती
02:18हैं। अब चाइना इरान से सबसे जादा तेल खरीता है। इरान की 90% बार्किट ही चाइना है। ये उन
02:25पे सैंक्शन लगाके बैठे थे। और ट्रम्प न
02:40उस पर डिपेंट करता है। और डेटा कहता है कि 2025 में एरान ने जितना भी ओयल इस्पोर्ट किया उसका
02:4780% से जादा किलाथ चाइना ने खरीगा। चाइना का लॉजिक सिंपल है। हम यूएन की सांक्शन मानते हैं। लेकिन
02:53किसी एक देश यानि यूएस की मनमानी नहीं सह
02:58उनका कहना है कि इस सांक्शन उनकी नाशनल सौवरेंटी और डेवलप्मिंट इंटरस्ट के खिलाफ है। यानि सीधे तौर पर एकॉनमिक
03:06दुनिया में चाइना ने यूएस की खिलाफ अपना पर्चम लहरा दिया है। अब दर्शकों इन टी पॉच का स्ट्रगल बहुत
03:13�
03:13और इन रिफाइनरीज की राह इतनी आसान नहीं है। एक तरफ यूएस संक्शन ने इनके लिए इंटरनाशनल बैंकिंग के दरवाजे
03:21बंद कर दी है। वहीं दूसरी तरफ चाइना की अपनी एकॉनमी में ठोड़ी ठंडी पड़ी है। इन्हें कई बार अपने
03:27रिफाइ
03:40लेकिन नर्शकों चाइना का ये प्रोबेशन ओडर एक बहुत बड़ा जियो पॉलिटिक सिग्नल है। यह दिखाता है कि बीजिंग अब
03:47यूएस के फाइनांशल सिस्टम्स और सांक्शन को इग्रोर करने की ताकत रखता है। वह इनमें विश्वास ही नहीं रखता। क्य
03:55यूएस इसका पलट वार करेगा। क्या सांक्शन का असर खतम हो जाएगा और टरंप की दुनिया भर में बेस्ती हो
04:01जाएगी। चाइना जैसी बड़ी एकॉनमी उन्हें मानने से इंकार कर देगी तो दुनिया पर असर खराब ही पड़ेगा। लेकिन फिलाल
04:09इनरजी की इ
04:11एक बड़ा चेक दे दिया है। आपको क्या लगता है? क्या चाइना का ये स्टेप ग्लोबल मार्केट में ऐल प्राइस
04:16को स्टेबिलाइस करेगा? या फिर से टेंशन बढ़ जाएंगी? कमेंट करके ज़रूर बताइएगा। आप देख रहे हैं OneIndia, नहीं हुआ
04:23कर श्कॉ
04:23कि आपको स्टेबिसे स्टेबिसे सी
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