00:002011 से 2026, 15 साल तक बंगाल की सत्ता पर एक छत्र राज करने के बाद अगर ममता बनर जी
00:07और उनकी पार्टी तिर्मूल कॉंग्रेस चुनाव हारती है तो उसकी वजहें क्या होंगी?
00:122021 से लेकर 2026 तक आखिर ऐसा क्या हो गया, क्या बदल गया कि ममता बनर जी की पार्टी को
00:19हार का सामना करना पड़ सकता है? बता दें कि कोलकाता और दिल्ली के सियासी गल्यारों में ये सवाल लगातार
00:26पूछे जा रहे हैं।
00:42के बारे में जानते हैं और कैसे इन वजहों ने ममता का खेल खराब किया और बीजेपी का गेम बना
00:48दिया ये भी आपको बताते हैं।
01:12कर रहे थे 2021 में। आपको याद होगा एक टीवी चैनल को इंटर्व्यू में उन्होंने इतने आत्म विश्वास में कह
01:18दिया था किस बार बीजेपी 100 का आकड़ा पार नहीं करेगी।
01:50और असल में हुआ भी वही।
01:522012 में प्रधान मंतरी मोधी जब गुजरात की मुख्य मंतरी थे तो उनके लिए गुजरात गुजरात सभा चुनाव की जिमेदारी
01:57समहाली थी।
01:58फिर 2014 में प्रधान मंतरी वाले चुनाव को लेकर जिमेदारी समहाली और प्रधान मंतरी मोधी प्रधान मंतरी बने थे 2014
02:07में और उसके बाद फिर 2015 में बिहार आते हैं वो महागडबंधन के लिए रणिती त्यार करते हैं
02:132017 में पंजाब में अमरिदनर सिंग के लिए रणिती बनाते हैं पॉंग्रेस पार्टी सरकार में आती हैं 2020 में अर्विन
02:20केजरिवाल के लिए रणिती बनाते हैं और इसके साथ ही 2019 में वो जंगन मोहन रेड़ी के लिए रणिती बनाए
02:25थे आन परधेस में जब उन्हें एक �
02:27जीत हासिल हुई थी तो कुल मिलाकर प्रशान किसोर का अपना एक ऐसा इतिहास रहा है और एक सफल इतिहास
02:33रहा है पार्टियों को चुनाओ जीताने का और इसका फाइदा 2021 में टीमसी को मिला था पीके को भली भात
02:40पता था कि बीजेपी क्या दाओ खेल सकती है और उसकी तैय
02:55जा रही थी टीमसी के चुनाओ जीतने की ऐसा कई राजनितिक जानकार मानते हैं उन्होंने कई सारी योजनाय भी शुरू
03:02की थी जिसका फाइदा ममताब अनर्जी को हुआ था तो 2021 वाली जीत का सबसे बड़ा फैक्टर और सबसे बड़ी
03:08वज़ा पीके थे ऐसा दावा किय
03:10जा रहा है और इस बार पीके नहीं है तो ये अममताब अनर्जी के लिए नुकसान साबिट करेगी वाद और
03:17पीके का ना होना टीमसी को घाटा कर सकता है तो पहली वज़ा हो गई दूसरी वज़ा है SIR की
03:24वज़ा से पशिमंगाल में बहुत साए लोगों के नाम कटे हैं ज
03:39एसे तमाम चुनावाईयों को कहना है लाखों की संख्या में नाम कटे हैं दूसरी यूर रागनीतिक जानकार yisa kaza के
03:47कहते हैं कि इन नामों मैं से कई सारे नाम ऐसे या बहुत सारे नाम ऐसे थे जोटीम सी को
03:52वोट भी करते थे मतलब कि इससे टीम सी को फाइदा होता था इ
03:58कि SIR में वो नाम अब हट चुके हैं, हलाकि आधिकारिक तोर पर ऐसे कोई पुष्टी नहीं हो पाई, किम्रित
04:04लोगों के नाम जिनके नहीं है, उनके वोट कैसे पड़ जाते हैं, लेकिन सब को पता है चुनावायो का बहुत
04:22ज्यादा कठोर होना,
04:23सब को पता है कि इस बार चुनावायोग ने कितनी सक्ति अपनाई है, और किस तरह से पोलिंग बूट से
04:28लेकर जगा जगा राज के बड़े सहरों में कितनी ज़्यादा कठोरता दिखाएगे, सक्ति दिखाएगे, केंद्रे बलो की तैनाती को बढ़ाया
04:35गया है, और राज सरक
04:37की हर बात को माना नहीं गया, कई बार टीमसी ने अपील की बहुत सारी, लेकिन चुनावायोग ने उसे असविकार
04:44नहीं किया, चुनावायोग अपनी बातों पर अडिग रहा, और कहा जा रहा है कि चुनावायोग की वज़ा से भी, इस
04:50सक्ति की वज़ा से भी, टीमसी का �
04:52जो लोकल कैडर था वो जितनी सोतनचता के साथ जितनी आजादी के साथ वो काम कर पा रहा था या
04:58अपने हिसाब से चीजे चला पा रहा था वो इस बार वो नहीं कर पाया है।
05:22उन्होंने कहा था कि सबको अब पहरेदारी देनी पड़ेगी टीमसी के लोगों से कहा था क्योंकि चुनाव आयोग पर भरोसा
05:27नहीं है।
05:52उसके बाद देखा गया था कि कैसे वीपक्ष के उम्मिद्वारों उनके समर्थकों के साथ मार्पीट की गई थी।
05:57सत्ता धारी दल के द्वारा ऐसा आरोप लगाया जाता है।
05:59तो तीन वजहें जो हैं अगर ममता हारेंगी तो ये तीन बड़ी वजहें इस हार क्या कारण बनेगी।
06:05ऐसा कहा जा रहा है। आपको फिर से एक बार बता देता हूं PK, SIR और EC यानि Election Commission,
06:11SIR और प्रशान्त की सोट।
06:12ये तीन बड़ी वजहें ममता वनर्जी को 2024 के विधानस बाचुनाओं में बहारी पड़ सकते हैं।
06:18देखते हैं नतीजे क्या आते हैं, क्या TMC लगातार चोथी बार सरकार बना पाती है, इन तीनों वजहों के बावजूर
06:24वो सरकार बनाने में कामियाब हो पाती है नहीं, या फिर इन तीन वजहों के वजह से TMC के सरकार
06:28गिर जाती है और पश्यमंगाल में पहली बार कमल खि
06:47अप्रत्राविश को जान प्राविश करने को जाना प्राविश रख्राव लगिश्ट प्राविश्टीरेश अप्राविश लाइडरारॉ
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