00:00नबी करीम ﷺ ने फरमाया,
00:03मुसल्मानों में सबसे बड़ा मुजरिम वो शखस है जिसने किसी ऐसी चीज़ के बारे में सवाल किया जो पहले हराम
00:09नहीं थी,
00:10लेकिन उसके सवाल करने की वज़ा से वो पूरी उम्मत पर हराम कर दी गई.
00:14ये बात समझना बहुत जरूरी है कि ये तंबी उस वक्त के लिए थी,
00:19जब रसूल अल्लाव ﷺ हमारी दर्मियान मौजूद थे और वही नाजल हो रही थी.
00:25उस वक्त अल्ला ताला की तरफ से एहकामात नाजल हो रहे थे.
00:29अगर कोई शखस किसी ऐसी चीज़ के बारे में बार बार कुरेद कुरेद कर सवाल करता,
00:33जिस पर खामोशी इख्तियार की गई थी,
00:36तो डर था कि अल्ला ताला मुसल्मानों पर सख्ती करती हुई, उसे हराम न कर दे.
00:40जिस चीज के बारे में अल्ला ने खामोशी इख्तियार की, वो उसकी रह्मत है, भूल चूक नहीं
00:46सहाबा कराम को हुकम दिया गया था कि वो ऐसे सवालात ना करें, जिनसे दीन में बिला वज़ा सखती पैदा
00:52हो
00:53उस शखस को मुझरिम इसलिए कहा गया, क्यूंकि उसकी एक तजस्स या फुजूल सवाल की वज़ा से पूरी उम्मत एक
00:59मुश्किल में फस सकती थी
01:00मसलन अगर कोई चीज हलाल थी और किसी की बार-बार पूछने पर उसे हराम करार दे दिया जाता
01:06तो रहती दुनिया तक मुसल्मानों के लिए उससे बचना लाजिम हो जाता
01:09इस हदीस को समझने के लिए कुरान में मौझूद गाई वाला वाक्या बेहतरीन मिसाल है
01:14जब अल्लाह ने बनी इसराइल को गाई जिबह करने का होकुम दिया तो वो सादा सा होकुम था
01:19लेकिन उन्होंने सवालात शुरू कर दिये गाई कैसी हो, रंग कैसा हो, उम्र क्या हो
01:24उनके बार-बार सवाल करने की वज़ह से अल्लाह ने शरायत सख्त कर दी
01:28और आखिर में उनके लिए ऐसी गाई ढूंगना नामुम्किन होने के करीब हो गया
01:33अगर ये पैगाम आपको अच्छा लगा हो, तो इसे लाइक और शेयर जरूर करें
01:37ताकि दूसरों को भी मेकी की दावत मिले
01:39अल्लाह हाफिज
Comments